भारत का इतिहास निडर,साहसी और देश सेवा करने वाली महिलाओं का इतिहास भरा पड़ा है पर आज हम एक ऐसी निडर, साहसी और देश की पहली महिला I P S ऑफिसर की बात करेंगे जनका नाम किरण बेदी है। उनका जन्म अमृतसर जिले मैं हुआ था।
महान विचारों का जज्बा रखने वाली यह औरत पहली भारत की आई पी एस महिला पुलिस अफसर है। जिन्होंने देश के अंदर पुलिस व्यवस्था सुधारने के साथ - साथ समाज के लिए वखूबी काम किया। इस पोस्ट में आज हम किरण बेदी के जीवन परिचय : जन्म,,परिवार, शिक्षा, आई पी एस कैरियर या सफर, सामाजिक सेवा, राजनितिक सफर और कुछ अनमोल वचनों के बारे में बताएंगे।
| पुलिस रिटायर्ड महिला अफसर किरण बेदी |
Biography of Kiran Bedi | किरण बेदी का जीवन परिचय
- किरण बेदी का पूरा नाम ---- किरण पेशावरिया बेदी
- फेमस नाम ---- क्रेन बेदी
- जन्म स्थान का नाम ---- अमृतसर, पंजाब राज्य
- जन्म तिथि ---- 9 जून सन 1949
- 2021 में उम्र ---- 72 साल
- प्रारंभिक शिक्षा हासिल की ---- सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल से
- कॉलेज जहां से B.A की ---- सरकारी कॉलेज फॉर विमेन, अमृतसर पंजाब
- M.A की डिग्री हासिल की ---- पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से
- जहां से पी एच डी की ---- दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से
- राष्ट्रीयता ---- भारतीय
- शैक्षणिक योग्यता ---- स्नातक , अंग्रेजी में ऑनर्स के साथ 1968 में
- M.A का विषय ---- राजनीति शास्त्र
- कानून की डिग्री ---- जो 1988 में हासिल की
- पी. एच. डी. ---- सामाजिक विज्ञानं 1993 में
- व्यवसाय ---- राजनेता और सेवानिवृत्त आई पी एस
- हॉबी या शौक ---- टेनिस खेलना, पुस्तकें लिखना
- आई पी एस बैच का साल ---- 1972
किरण बेदी का जन्म और परिवार | Birth and Family of Kiran Bedi
देश की होनहार और निडर महिला पोल्स आई पी एस अधिकारी किरण बेदी का जन्म आजाद भारत के पंजाब राज्य के अमृतसर जिले में हुआ है। 9 जून सन1949 को जन्मीं किरण बेदी के पिता जी का नाम प्रकाश लाल परेशावरिया था जो एक कपड़ा व्यापारी थे। किरण वेदी के पिता जी किरण बेदी को बचपन से खेलों में रूचि रखने के लिए प्रेरित करते रहते थे। वे आप एक टेनिस प्लेयर थे। किरण बेदी की तीन बहने हैं और तीनों में से दो भारत की मशहूर खिलाडी भी हैं।
किरण बेदी जी जो दो बहने टेनिस प्लेयर है और टेनिस की दुनिया में नाम कमाया उनका नाम रीता और अनु है। उनकी माता जी का नाम प्रेम लता था जो एक हॉउस वाइफ हैं और अपने परिवार को संगठित करने में बहुत अच्छी भूमिका निभाई थी। माता पिता जी एक सपना था कि उनकी बेटियां देश के लिए नाम कमाए और किरण बेदी और दो उनकी बहने शशि, रीता और रीता ने ये कर दिखाया।
Kiran Bedi Family names in Hindi | किरण वेदी फैमिली
- किरण बेदी के पिता का नाम (Father Name) --- प्रकाश लाल पेश्वारीया
- किरण बेदी माता जी का नाम (Mother Name) --- प्रेमलता पेश्वरिया
- पिता जी का व्यवसाय (father Occupation) --- पुलिस रिटायर्ड अफसर
- माता जी का व्यवसाय (Mother Occupation) --- गृहिणी
- पति का नाम ( Husband Name) --- बृज बेदी
- बेटी का नाम ( Daughter Name) --- सायना
- कुल बहने (Sisters) --- तीन
- बहनों का नाम (Sisters Names) --- शशि, रीता और अनु
किरण बेदी की शिक्षा और आई . पी . एस का सफर | Kiran Bedi's Education and I. P . S's Journey
किरण बेदी जी ने अपनी आरंभिक पढाई पंजाब के अमृतसर जिले के सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल से 1954 में आरम्भ की। बचपन से किरण बचपन से किरण बेदी पढ़ाई में कुशाग्र बुद्धि की थी। बस एक बात थी कि जिस स्कूल में वे पढ़ती थी उस स्कूल में साइंस विषय का ऑप्शन नहीं था इसलिए उन्होंने घरेलू साइंस विषय का चयन किया था। इसके इलावा उन्होंने NCC में भी भाग ले लिया और NCC की गतिविधियों में सामाजिक काम करना शुरू कर दिए। जब बेदी 9th क्लास में हुई तब उन्होंने एक निजी संस्थान में प्रवेश किया जहां से उन्होंने दसवीं साइंस के विषय के साथ उत्तीर्ण की।
उन्होंने उसके बाद अमृतसर के गवर्नमेंट कॉलेज फॉर विमेन में दाखिला लिया और अंग्रेजी विषय को चुना। जब किरण बेदी 19 साल के थे तो उन्होंने 1968 में स्नातक की डिग्री हासिल कर ली। जब बेदी जी B.A में पड़ रही थी तो उन्हें NCC के बेहतर काम के लिए पुरस्कार भी मिला था। 1970 उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से राजनीती शास्त्र की डिग्री हासिल की।
1993 में किरण बेदी ने सामाजिक विज्ञान में ‘नशाखोरी
तथा घरेलू हिंसा’ विषय पर शोध पर पी.एच.डी. की डिग्री हासिल की थी। राजनीति शाश्त्र में उन्होंने प्रथम श्रेणी में हासिल की और उसके बाद 2 साल 1970 से 1972 तक अमृतसर में खालसा कॉलेज फॉर विमेन में लेक्चरर के रूप में काम किया। बाद में उन्हने दिल्ली विश्वविद्यालय
से लॉ की डिग्री हासिल की और पी एच् डी की डिग्री भी यहीं से हासिल की। किरण बेदी ने कब की ? किरण बेदी ने 1972 में आई पी एस की परीक्षा पास की।
किरण बेदी का स्पोर्ट्स कैरियर | Kiran Bedi's sports career
उनके
पिता
जी
उन्हें
हमेशा
किरण
को
स्पोर्ट्स के
लिए
प्रेरित करते
थे।
वे
किरण
बेदी
के
साथ
अपने
आप
क्रिकेट खेलते
थे
और
छोटी
सी
उम्र
9 साल
में
उन्होंने टेनिस
खेलना
शुरू
कर
दिया।
स्पोर्ट्स में
बनने
की
चाह
में
उन्होंने अपने
बाल
भी
छोटे
करवाए
थे
ताकि
उन्हें
टेनिस
खेलने
में
कोई
भी
प्रॉब्लम न
हो।
सन
1964 में
उन्होंने अपना
पहला
टेनिस
टुर्ना
मेन्ट
खेला
और
दिल्ली
में
भाग
में
लिया।
यह
एक
राष्ट्रीय जूनियर
लॉन
टेनिस
चैंपियनशिप था
जिसमें
उन्हें
हार
का
सामना
करना
पड़ा
पर
उसके
बाद
भी
उन्होंने होंसला
नहीं
हारा
और
दो
साल
लगातार
अभ्यास
करती
रही।
दो साल बाद उन्होंने 1966 में ट्रॉफी जीती और अपने माँ बाप का नाम रोशन करवाया। विंबलडन जूनियर चैंपियनशिप में प्रवेश के लिए किरण बेदी सभी शर्तें पूरी करती थी पर किन्ही कारणों से उनकी सेलेक्शन नहीं की गई। इसके इलावा NCC में उन्होंने BA में अवार्ड भी हासिल किये थे।
किरण बेदी का सिविल सर्विसेज का सफर | Kiran Bedi's Civil Services Journey
सबसे
पहले
किरण
बेदी
ने
ऍक्ने
करियर
की
शुरुआत
एक
होनहार
प्रोफ़ेसर से
शुरू
किया
वे
खालसा
कॉलेज
अमृतसर
में
एक
प्रोपेसर के
रूप
में
तैनात
हुई।
उसके
बाद
उन्होंने UPSC के
एग्जाम
में
आई
पी
एस
को
चुना।
सन
1972 किरण
बेदी
के
लिए
ही
नहीं
पुरे
देश
के
लिए
एक
गौरवमई
साल
था
जब
वह
एक
पहली
आई
पी
एस
महिला
के
तौर
पर
सामने
आए।
जब
उन्होंने आई
पी
इस
की
परीक्षा पास
कर
ली
उसके
बाद
उन्हें
ट्रेनिंग के
लिए
राजस्थान के
मशहूर
स्थान
माउन्ट
आबू
में
ट्रेनिंग के
लिए
चुना
गया।
किरण बेदी की ट्रेनिंग माउन्ट आबू में अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम- संघ शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर में 80 पुरुष थे जिनमे किरण बेदी एक अकेली महिला थी जिन्होंने ट्रेनिंग की। उसके बाद उन्होंने 2017 में माउन्ट आबू पुलिस अकादमी का दौरा किया था।
ट्रेनिंग करने के बाद उन्होंने सबसे पहले उप-मंडल पुलिस अधिकारी के तौर पर 1975 में दिल्ली के चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन पर ज्वाइन किया। यहां पर तेज मिजाज वाली पुलिस अफसर ने दिल्ली में 15 अगस्त को अनुशासन हेतु अपना जोहर दिखया। इस कार्यकाल में उन्होंने सराहनीय कार्य किये और लोगों को क्राइम से बचाने के लिए लोगों को जगृत किया।
1981 में दिल्ली में ट्रैफिक कंट्रोल की समस्या सामने आई इसलिए उन्हें दिल्ली के लिए डीसीपी का पद संभालना पड़ा। उन्होंने दिल्ली ट्रैफिक नियम के तहत कई काम किये इसी दौरान उन्होंने क्रेन सिस्टम शुरू किया उसके बाद उन्हें "क्रेन बेदी" के नाम भी जाना जाने लगा। ट्रैफिक नियम सुधारों का सारा क्रेडिट किरण बेदी को ही जाता है।
1983 में किरण बेदी का ट्रांसफर गोवा कर दिया गया। ये एक राजनितिक तबादला था क्योंकि कुछ लोगों का कहना है कि इंदिरा गाँधी की गाड़ी को उन्होंने दिल्ली में उठवा दिया था। इसके बाद उन्हें इंदिरा गाँधी ने गोवा ट्रांसफर करवा दिया था। 1983 से 1984 तक उन्हें गोवा की सेवा का मौका मिला। और 1994 में फिर दिल्ली वापिस आ गए जहां पर उन्हें दिल्ली की रेलवे सुरक्षा में तैनात किया गया और वहां पर उन्होंने वतौर उप कप्तान सेवा निभाई।
1985 में किरण बेदी को दिल्ली पुलिस के मुख्यालय में सेवा का मौका मिला और उन्होंने कर्यालय में ज्वाइन किया। इस जोइनिंग के बाद उन्होंने दिल्ली में क्राइम पर पूरी तरह से रोक लगा दी और कई सुधार किये। 1986 में उन्हें उत्तरी दिल्ली के लिए DCP की सेवा का मौका मिला। 1988 से लेकर 1990 तक वे दिल्ली के उप निदेशक और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में तैनात किये गए जब उन्होंने सराहनीय कार्य किये।
सन 1990 में उन्हें पूर्वी राज्य में भेजा गया जिसका नाम मिजोरम है उन्हें वहां पर DIG के रूप में प्रमोट किया गया और मिजोरम में उन्होंने सराहनीय कार्य किये और लोगों का विश्वास जीता। 1993 में उन्होंने दिल्ली में IG का कार्यभार संभाला और 2005 तक दिल्ली में ही रही। 2007 में उनका पुलिस सेवा का सफर ख़तम हो गया जब उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस तरह उनका सिविल सर्विसेज का सफर ख़तम हो गया।
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किरण बेदी के सामाजिक कार्य | Kiran Bedi's social work
किरण
बेदी
एक
अच्छी
पुलिस
अफसर
ही
नहीं
बल्कि
एक
सामाजिक कर्यकर्ता भी
थी।
ये
जरूरी
नहीं
की
उन्होंने पुलिस
बल
से
लोगों
की
सेवा
की
पर
जब
वह
मिजोरम
जैसे
पिछड़े
राज्य
में
सेवा
निभा
रही
थी
तो
लोगों
से
बड़ी
ही
सूझ
बुझ
से
काम
लिया।
उन्होंने वहां
पर
लोगों
के
सेवा
दल
बनवाये
थे।
देश
को
नशे
से
मुक्त
करने
के
लिए
उन्होंने 1987 में
नवज्योति इंडिया
फाउंडेशन की
स्थापना की
और
नशा
मुक्ति
के
लिए
सराहनीय काम
किये।
उनका B. A में घरेलू साइंस विषय था जो महिलाओं को घरेलू हिंसा और घरेलू रख रखाव के बारे में होता है इसलिए उन्हने महिलाओं के लिए भी काम किया महिला शसक्तीकरण के लिए सराहनीय कार्य किये। उनके नशा मुक्ति अभियान और महिलाओं के लिए कामों की सराहना संयुक्त राष्ट्र ने भी की थी। इसके इलावा उन्होंने एक इंटरव्यू में ये भी कहा था कि अध्यापक देश के निर्माता होते हैं इसलिए हमें उनका सम्मान करना चाहिए।
किरण बेदी और लोकपाल आंदोलन | Kiran Bedi and the Lokpal Movement
देश के जाने माने अन्ना हजारे ने 2011 में देश के लिए एक जान आंदोलन किया था जिसे सारा देश जनता है। दिल्ली के जंतर मंतर पर ये एक आंदोलन था। इस आंदोलन में एक इंडिया अगेन्स्ट करप्शन (I.A.C) का गठन किया गया था। इसमें किरण बेदी को भी शामिल किया गया था। पर यह धरना काफी चलने के बाद सरकार ने अपना फैसला सुनाया था कि अन्ना हजारे की लोकपाल की मांग को मानने के लिए त्यार हैं और एक मजबूत लोकपाल की मांग को मानते हैं। इस आंदोलन में भी किरण बेदी ने अपनी वखूबी भूमिका निभाई थी।
किरण बेदी का राजनितिक सफर | Political journey of Kiran Bedi
किरण
बेदी
को
अपने
पुलिस
कैरियर
के
साथ
-साथ
2015 में
राजनीति में
भी
भाग्य
आजमाने
या
सेवा
का
मौका
मिला
जब
उन्हें
भारतीय
जनता
पार्टी
ने
ये
एलान
किया
कि
अगर
किरण
बेदी
जीत
हासिल
करती
हैं
तो
भारतीय
जनता
पार्टी
उन्हें
दिल्ली
के
मुख्यमंत्री के
रूप
में
सामने
लाएगी।
उन्हें
दिल्ली
का
कृष्णा
नगर
चुनाव
क्षेत्र मिला
था।
उस
वक्त
दिल्ली
में
आम
आदमी
पार्टी
की
लहर
ज्यादा
थी।
किरण ने चुनाव लड़ा पर उन्हें 2277 वोटों से दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से हार का सामना करना पड़ा। उन्हें आम आदमी पार्टी के उनीद्वार बग्गा ने हराया था। इसके बाद उन्होंने ये बयान भी दिया था कि राजनीति उनके बस की बात नहीं हैं। इसके बाद उन्हें केन्द्र शासित प्रदेश पुड्डूचेरी का लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया गया था।
किरण बेदी ने ने सभी क्षेत्रों में बेहतरीन सेवा निभाई है इसके लिए उन्हें अलग -अलग क्षेत्र में अवार्ड्स से नवाजा गया उनकी लिस्ट नीचे दी गई है।
- 1968 में --- एनसीसी कैडेट अधिकारी पुरस्कार
- 1972 में --- देश की पहली महिला IPS ऑफिसर बनी
- 1976 मे --- नेशनल वुमन लॉन टेनिस चैंपियनशिप खिताब
- 1979 में --- राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार
- 1980 में --- वुमन ऑफ द ईयर पुरस्कार
- 1992 में --- इंटरनेशनल वुमन अवॉर्ड
- 1994 में --- मैगसेसे पुरस्कार
- 1995 में --- लायंस ऑफ़ द ईयर पुरस्कार
- 2004 में --- यूनाइटेड नेशन मैडल मिला
- 2005 में --- मदर टेरेसा मेमोरियल राष्ट्रीय पुरस्कार
- 2009 में --- उत्कृष्टता पुरस्कार
- 2013 में --- डॉक्टर ऑफ पब्लिक सर्विस पुरस्कार
- 2014 में --- ओरियल पेरिस फेमिना महिला पुरस्कार
किरण बेदी में किये प्रमुख पदों पर काम | Designations List of Kiran Bedi
किरण बेदी ने ज्यादातर दिल्ली में नौकरी या पुलिस की सेवा निभाई पर इसके इलावा उन्होंने मिजोरम में भी पुलिस की सेवा की है। अपने 1972 से लेकर 2007 तक उन्होंने 35 साल की आई पी एस की सेवा की। जो भी उनके कार्यकाल में उन्हें पद प्राप्त किये और जहां भी किये उनकी लिस्ट नीचे दी गई है।
- 1975 में ---- उप -मंडल पुलिस अधिकारी दिल्ली के चणक्या पूरी थाना
- 1979 में ---- दिल्ली वेस्ट जिला में पुलिस उपायुक्त (D. C. P)
- 1981 में ---- दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, पुलिस उपायुक्त (D. C. P)
- 1981 में ---- गोवा राज्य में एस पी ट्रैफिक विंग
- 1984 में ---- डिप्टी कमांडेंट, दिल्ली रेलवे प्रोटेक्शन फाॅर्स
- 1984 में ---- दिल्ली में डिप्टी डायरेक्टर, औद्योगिक विभाग
- 1985 में ---- पुलिस मुख्यालय नई दिल्ली
- 1986 में ---- पुलिस उपायुक्त (D C P) उत्तरी दिल्ली
- 1988 में ---- डिप्टी डायरेक्टर, नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो दिल्ली
- 1990 में ----डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल DIG (रेंज) मिजोरम राज्य
- 1993 में ---- आई जी दिल्ली
- 1995 में ---- एडिशनल कमिश्नर दिल्ली पुलिस अकादमी
- 1996 में ---- जॉइन्ट कमिश्नर दिल्ली
- 1997 में ---- स्पेशल कमिश्नर इंटेलिजेंस दिल्ली
- 1999 में ---- आई जी पी दिल्ली
- 2005 में ---- D . G डायरेक्टर जनरल ऑफ़ होम गॉर्ड
किरण बेदी हमेशा जिंदगी में सभी को मोटीवेट करते रहते थे और अपने अनमोल बचनों से लोगो को प्रभावित करती थी। आईये जानते हैं किरण बेदी की कुछ इन्सिप्रेशन कोटेशन क्या हैं।
समय पर वचन
"जो लोग समय रहते अपने जीवन का चार्ज नहीं संभालते हैं, उन पर समय अपने आप लाठीचार्ज करता है।"
शिक्षा पर अनमोल वचन
सेवा पर अनमोल वचन
"शासक और शासित के बीच के अंतर एक अंतर होता है और इस अंतर को अगर हटा दिया जाये तो भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म किया जा सकता है।"
समाज में परिवर्तन पर अनमोल वचन
"हम परिवर्तन की शुरुआत अपने घर, पड़ोस, बस्ती, गांव और स्कूल से कर सकते हैं।"
राष्ट्र को सन्देश
"वह देश की सबसे बड़ी राष्ट्रीय क्रांति होगी जब हर कोई स्वशासित या अपने आप पर शासन करने वाला हो जायेगा।"
निरंतर काम पर बोल
वंछित लोगो के लिए अनमोल वचन
"मैंने अपने अन्दर हमेशा वंछित लोगो के लिये जीने का और उनकी सेवा करने का उत्साह पाला है "
राष्ट्रीय हित के लिए वचन
"देश में क्रांति तब आएगी जब हर कोई अपने आप को एक पुलिस समझना शुरू कर देगा।"
सदाचार, शराफत और नैतिकता ही असली सैनिक है।"
आतंकवाद को लेकर विचार
"आतंकवाद चाहे किसी भी किस्म का हो और कहीं भी हो मानव समुदाय के लिए हानिकारक है।"