भारत के किस शहर को प्रधानमंत्री का शहर कहा जाता है ? | City of Prime Ministers in Hindi

प्रधानमंत्रियों का शहर :- Pardhanmantriyon ka shehar

City of Prime Ministers in India :- भारत के 2022 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं भारत 29 राज्यों और आठ केंद्र शासित वाला एक विशाल देश है। प्रजातंत्र के चलते यहां पर भारत के जो परधानमंत्री चुने जाते हैं उनके चुनाव में राजनैतिक उथल -पुथल पहले से देखने में आयी है। भारत में जहां दक्षिण भारत से केवल दो ही प्रधानमंत्री चुने गए हैं वहीँ उत्तर प्रदेश से 9 प्रधानमंत्री अभी तक चुने गए हैं। जहां तक राज्य की बात करें उत्तर प्रदेश भारत में एक ऐसा राज्य हैं जहां से ज्यादा प्रधानमंत्री चुने गए हैं। 

पर अगर राज्य को छोड़कर अगर एक जिले की बात करें उत्तर प्रदेश में भी 75 जिलों में एक ऐसा जिला है जिसे प्रधानमंत्रियों का शहर के नाम से जाना जाता था और ये सवाल माननीय अमिताभ बच्चन ने भी 10 December 2020 के के बी सी शो में पूछा था। आज इस पोस्ट के माध्यम से जानने की कोशिश करते हैं  "City of Prime Ministers "  (प्रधानमंत्रियों का शहर) कौन सा हैं और कितने प्रधानमंत्री उस शहर से बने हैं।



सिटी ऑफ़ प्राइम मिनिस्टर | प्रधानमंत्रियों का शहर

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (प्रयागराज) को देश की देव नगरी कहें फिर देव नगरी को छोड़ कर राजनीति का शहर या city of Prime ministers कहें तो भी कोई हर्ज नहीं होगा इसके पीछे कारण ये नहीं की उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ने भारत को केवल एक प्रधानमंत्री दिया है पर जा तक उत्तर प्रदेश का इलाहाबाद (प्रयागराज) एक ऐसा स्थान या फिर ऐसी नगरी है जिसने भारत में सभी जिलों और राज्यों में सबसे अधिक प्रधानमंत्री दिए हैं लिए प्रयागराज को प्रधानमंत्रियों का शहर या फिर सिटी ऑफ़ प्रेसिडेंटस कहा जाता है। भारत में 15 प्रधानमंत्री हुए हैं और इनमें से सात ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनका कोई न कोई किसी न किसी रूप में इलाहाबाद (प्रयागराज) से है।


1 :- उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (प्रयागराज) से पहले प्रधानमंत्री का कनेक्शन :- 


भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू भारत के ऐसे प्रधानमंत्री थे जिनके जन्म स्थान और राजनैतिक घटना क्रम की बात करें तो दोनों ही उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से जुड़ा हुआ है उनका जन्म 1889 में प्रयागराज में हुआ था जिसका पुराना नाम इलाहबाद था। आजादी की लड़ाई लड़ते हुए वे भारत के पहले प्रधानमंत्री आजादी के बाद 15 अगस्त 1947 में देश के प्रधानमंत्री बने। जहां तक पंडित जवाहर लाल नेहरू के राजनैतिक कॅरिअर की बात करें तो वह भी उत्तर प्रदेश के इलहाबाद जिले से जुड़ा हुआ है और वे उत्तर प्रदेश के फूलपुर जिले से पहले इलेक्शन जीते थे और लगातार तीन बार इसी चुनाव क्षेत्र से प्रधानमंत्री बने थे।


2.:- भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का इलाहाबाद (प्रयागराज) सिटी से सबंध उत्तर प्रदेश से :-

पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री बने थे जिनका सबंध भी सीधे तोर से इलाहाबाद (प्रयागराज) से था। लाल बहादुर शास्त्री का जन्म तो 2 October 1904 में वाराणसी में हुआ था पर एक राजनेता के रूप में लाल बहादुर शास्त्री को आगे लाने का श्रेय उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद नगरी है जिन्होंने पहली लोकसभा के चुनाव 1957 में जीता था। इससे पहले लाला बहादुर शास्त्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के दूसरे मंत्रिमंडल में एक रेल मंत्री थे और 13 May 1952 से लेकर 7 December 1956 रेल मंत्री रहे। ये ही नहीं उन्होंने भारत में सबसे पहला किसानों के लिए नारा जय जवान जय किसान इसी पवित्तर धरती से दिया था।



3 :- इंदिरा गाँधी  इलाहाबाद सिटी से सबंध उत्तर प्रदेश से :-


भारत के तीसरे प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी का सबंध भी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) जिले से जुड़ा हुआ था। इंदिरा गाँधी का जन्म भी इसी नगरी अर्थात प्रयागराज (इलाहाबाद ) में हुआ था और पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद नेहरू परिवार में ये भारत की पहली शसक्त स्त्री प्रधानमंत्री थी। उन्होंने उत्तर प्रदेश के राय बरेली से पहला एलक्शन जीता था। जहां जन्म और राजनीति दोनों इस शहर से जुड़े हुए हों तो इंदिरा गाँधी का भी इस शहर से बहुत पुराना रिश्ता लगता है जो बाद में भारत की पहली प्रधानमंत्री बनी।


4:- भारत के युवा प्रधानमंत्री और इलाहाबाद सिटी


अगर भारत के युवा और भारत के छठे प्रधानमंत्री की बात करें तो वे आज तक राजीव गाँधी हैं जिन्होंने 40 साल की उम्र में प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी। हालाँकि उनका जन्म तो बॉम्बे में हुआ था पर इंदिरा गाँधी की मृत्यु के बाद डॉक्टर जाकिर हुसैन के कहने पर जब वे राजनीति में आये तो उन्होंने उत्तर प्रदेश में चुनावी परचम लहराना मुश्किल लग रहा था तब उन्होंने वाली वुड स्टार अमिताभ बचन को चुनाव के लिए इलाहाबाद से टिकट दी थी। 

अमिताभ बचन के साथ हेमवती नंदन बहुगुणा चुनाव में खड़े थे और अमिताभ बच्चन ये चुनाव 2 लाख के करीब वोटों से जीत गए थे। इस प्रकार इलाहाबाद देश के युवा प्रधानमंत्री के साथ भी कुछ न कुछ कनेक्शन है।


5 :-  गुलजारीलाल नंदा का इलाहाबाद से कनेक्शन उत्तर प्रदेश से :- 


भारत में मुश्किल के वक्त बने दो कार्यवाहक प्रधानमंत्री का जन्म तो उत्तर प्रदेश में नहीं हुआ था और न ही वे इस शहर के साथ राजनीती से जुड़े थे पर उनका भी इलाहाबाद शहर से कहीं न कहीं कनेक्शन जरूर था। उनके इस शहर से कनेक्शन की बात करें तो उनकी शिक्षा दीक्षा इस शहर से पूरी हुई था। इलाहबाद से स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद लॉ की पढ़ाई उन्होंने इसी विश्व विद्यालय से की थी।



6 :-  विश्वनाथ प्रताप सिंह  इलाहाबाद कनेक्शन :-


भारत के आठवें प्रधानमंत्री वी पी सिंह की बात करें तो उनका जन्म भी उतर प्रदेश की पवित्र धरती इलाहबाद में हुआ था। वे इलाहाबाद में उच्च शिक्षा हासिल करके एक छात्र नेता के रूप में इसी विश्वविद्यालय और इसी सिटी से निकले थे। जहां तक उनकी राजनीति की बात करें उन्होंने 1971 में लोकसभा चुनाव फूलपुर लोकसभा क्षेत्र से जीता था जो इलाहाबाद में है।


7 :- चंद्रशेखर इलाहाबाद के साथ सबंध :- 


इंदिरा गाँधी ने जिसे जिन्हे भारत का युवा तुर्क के रूप में सामने किया था वे भारत के आठवें प्रधानमंत्री थे। तो इन युवा तुर्क का सबंध भी इलाहाबाद सिटी से काफी जुड़ा हुआ था। उन्होंने ने भी राजनीति में शुरूआत के रजनींति का पाठ इसी शहर से पढ़ा था।

भारत में इलाहाबाद को एक पवित्र भूमि के रूप में देखा जाता है। पर इस बात से इंकार नहीं कर सकते हैं की पहले का प्रयागराज और आज का इलाहाबाद से भारत के साथ प्रधानमंत्रियो का सीधा कनेक्शन है इसलिए इसे City of Prime Prime Ministers कहने में कोई मुश्किल नहीं होगी। शायद दुनिया में कोई ऐसा शहर नहीं है जिसमें इतने प्रधानमंत्री का कनेक्शन हो।

उत्तर प्रदेश से 9 प्रधानमंत्री  हुए हैं ये ही कारण कि उत्तर प्रदेश राज्य को  प्रधानमंत्रियों का शहर कहा जाता है। 

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Rakesh Kumar

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