मैकाइवर और पेज अनुसार समाज के तत्व कौन- कौन से हैं ?
अगर समाज की अवधारणा की बात करें तो समाज में मैकाइवर और पेज दोनों का नाम हमेशा याद आता है। मैकाइवर और पेज दोनों ही प्रसिद्ध समाज शास्त्री थे जिन्होंने इस बात का जीकर किया था कि समाज एक ऐसे संस्था है इसमें कुछ तत्व है जो समाज को निर्धारित करते हालाँकि ये तत्व एक समाज को जटिल जरूर बनाते है परन्तु उनके अनुसार रीतियां, कार्यप्रणाली। अधिकार,परसपरिक सहयोग, समूह और उप समूह,मानव व्यव्हार स्वतंत्रता ऐसे तत्व है जो एक समाज में होने चाहिए।कौन थे मैकाइवर और पेज :- मैकाइवर और पेज दोनों प्रसिद्ध समाजशासत्री थे जिन्होंने समाज की अवधारणा को लोगों के सामने लाने की कोशिश की थी।
मैकाइवर और पेज के अनुसार समाज की परिभाषा या समाज क्या है :- मैकाइवर और पेज के अनुसार सनाज एक ऐसी संस्था जो सामाजिक संबंधो की जो श्रृंखला होती है उसका अध्ययन करता है।
मैकाइवर और पेज के अनुसार समाज के तत्व :-
- रीतियाँ
- अधिकार
- स्वतंत्रता
- कार्यप्रणाली
- पारस्परिक सहयोग
- समूह और उप समूह
- मानव व्यवहार पर नियंत्रण
मैकाइवर और पेज के अनुसार एक समाज के सात तत्व होते हैं जिनका विवरण नीचे दिया गया है।
1. पहला तत्व रीतियां :-
मैकाइवर और पेज के अनुसार रीतियां सनाज का एक स्तम्भ हैं। समाज में कई रीतियां और रिवाज पाए जाते हैं जैसे खान-पान, रहन -सहन, बोलना चलना, मरना जीना, वेश-भूषा धर्म की रीतियां, जाति की रीतियां आदि। और ये ही रीतियां होती है जो मनवा व्यवहार की समाज में सामने लाने की कोशिश करती है और उन्हें निर्धारित करने की कोशिश भी करती हैं। अगर कोई समाज का वर्ग इन रीतियों के विरुद्ध चलता है तो उसे समाज कभी अपने हिसाब से दंड भी दे सकता है।
2. समाज की अलग- अलग कार्यप्रणालिया :-
मैकाइवर हुए पेज के अनुसार एक समाज की अलग -अलग कार्य प्रणालियाँ होती हैं और हर कोई समाज एक अलग कार्यप्रणाली से काम करता है। हर समाज की हर कोई क्रिया एक विशेष कार्यप्रणाली द्वारा निर्धारित किया जाता है। एक समाज की कार्यप्रणाली ही समाज की जरूरतों को पूरा करता है और किसी भी कार्य को नियंत्रित भी करता है।
3. अधिकार:-
मैकाइवर के अनुसार एक व्यक्ति के पास और एक समूह विशेष के पास कुछ कर्तव्य होते हैं पर इसके साथ उनके पास अगर कर्तव्य हैं तो समाज को सही ढंग से चलाने के लिए अधिकारों का होना भी जरुरी है। अगर किसी भी समाज के पास के पास अपना प्रभुत्व या आजादी नहीं है तो वह समाज का विकास नहीं कर पायेगा। वे असीमित अधिकारों की बात नहीं करते हैं पर उनके अनुसार समाज में अधिकारों के बिना समाज स्थिरता और शांति बनाना मुश्किल हो जाता है।
4. आपसी सहयोग:-
सहयोग के बिना मनुष्य तो क्या कोई भी विकास नहीं क्र सकता है इसलिए मैकाइवर और पेज के अनुसार आपसी सहयोग समाज के लिए बहुत जरुरी है आपसी सहयोग के बिना एक अच्छे समाज की कामना भी नहीं की जा सकती है। अगर समाज के सभी व्यक्ति आपस में सहयोग देंगे तो इससे एक अच्छे समाज और सुदृढ़ समाज का निर्माण होगा जो किसी भी देश के विकास के लिए बहुत जरुरी है।
5. स्वतंत्रता अर्थात आजादी :-
5. स्वतंत्रता अर्थात आजादी :-
स्वतंत्रता और आजादी एक ऐसा विषय है जिसे पाकर मनुष्य अपना विकास क्र सकता है। स्वतंत्रता और आजादी कई किस्म की होती है अर्थात वोट की स्वतंत्रता, बोलने की सवतंत्रता, घूमने फिरने की स्वतंत्रता आदि। मेकविवर और पेज के अनुसार स्वतंत्रता एक ऐसा विषय है जो समाज के लिए अवश्य तत्व के रूप में काम करता है। उनके अनुसार संकुचित वातावरण समाज में विकास और प्रगति नहीं ला सकता है। जब कोई भी व्यक्ति आजाद होगा तो वह अपने आर्थिक पक्ष, राजनीतिक पक्ष और व्यक्तिगत पक्ष का विकास क्र सकता है।
6. समाज समूहों और उप- समूहों है :-
6. समाज समूहों और उप- समूहों है :-
मैकाइवर और पेज के अनुसार समाज का निर्माण अनेक समूहों से और उप-समूहों से होता है। पहले परिवार एक समाज के रूप में छोटे समूह के रूप में कार्य करता है उसके बाद पड़ोस में भी हर व्यक्ति का समूह होता है पड़ोस में रहने वाले एक समूह को उप -समूह भी कहा जा सकता है। इस प्रकार एक उप समूह बड़े समूह का रूप लेता है जो संख्या में बड़ा होता है। व्यापारिक समूह अलग होता है, शिक्षक समूह अलग होता है इसी तरत शिक्षकों में भी उप समूह होते हैं इस प्रकार ये समूह ही एक समाज की आवस्यकताओं को पूरा करते हैं।
7. मानव व्यव्हार पर नियंत्रण :-
मैकाइवर और पेज के अनुसार मानव व्यवहार में कई किस्म की पर्वितियाँ हो सकती हैं। इंसान की कई इच्छायें होती हैं और वह कभी- कभी इन इच्छाओं को पाने के लिए गलत मापदंडों का सहारा भी लेता है इसलिए समाज के व्यवहार को एक समाज द्वारा नियंत्रित किया जाना भी बहुत जरुरी है। अगर समाज में एक व्यक्ति अस्थिरता फैलाता है तो समाज के पास इस नियम का होना जरुरी है कि उसे कैसे स्थिर किया जाये।
निष्कर्ष :- मैकाइवर और पेज के (समाज के तत्व (Elements of Society) से प्रतीत होता है ये समाज को कहीं आजादी दे रहे हैं और कहीं ये समाज को प्रतिबंधित भी कर रहे हैं। वैसे समाज को ये साथ तत्व ही निर्धारित नहीं करते हैं पर और भी हैं जो समाज के लिए जरूरी हैं।