एक शिक्षक शिक्षार्थी के लिए और देश के लिए भविष्य का निर्माता होता है। एक शिक्षक शिक्षा का व्यवसाय इसलिए चुनता है ताकि वह एक शिक्षक के रूप में एक अच्छे विद्यार्थी और समाज का निर्माण कर सके। एक अध्यापक के पेशेवर गुणों में और व्यवसायिक गुणों में अंतर होता है। शिक्षक का पेशेवर होना और व्यवसायक होना दोनों ही जरूरी है।
पेशेवर शिक्षक और व्यवसायिक में थोड़ा सा अंतर होता है एक पेशेवर शिक्षक अपने पेशे से प्यार करता है और उसका मकसद लाभ कमाना नहीं होता है दूसरी और व्यवसायिक शिक्षक पेशेवर होने के साथ -साथ व्यवसायिक भी होता है औ अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है। आइये जानते हैं एक व्यवसायिक शिक्षक की कौन सी विशषताएँ और गुण होने चाहिए।
एक व्यावसायिक शिक्षक के गुण और विशेषताएं :-
1. एक व्यवसायिक शिक्षक अपने विषय का माहिर होना चाहिए :-
वैसे तो एक शिक्षक वह ही होता है जो अपने Subject में निपुण हो पर एक व्यवसायिक शिक्षक का अपने Subject माहिर होना बहुत जरूरी है। शिक्षार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे लेकर जाना आपका एक शिक्षक होने के नाते आपका फर्ज है इसलिए अगर आप अपने विषय पर Command रखते हैं तो निश्चय ही एक शिक्षक के रूप में आपके व्यवसाय में काफी बढ़ोतरी हो सकती है।
2. अपने व्यवसाय के प्रति आस्था और निष्ठां का होना :-
2. अपने व्यवसाय के प्रति आस्था और निष्ठां का होना :-
इस बात से भी इंकार नहीं क्र सकते हैं कि एक अध्यापक का व्यवसायिक होना गलत है रोजी रोटी कमाना और अपना गुजारा चलाना हर किसी का आर्थिक अधिकार है। पर एक व्यवसायिक शिक्षक होने के नाते आपका यह फर्ज है की आप अपने व्यवसाय के प्रति निष्ठा और प्रेम करें केवल पैसे कमाना आपका Motive नहीं होना चाहिए। जहां तक हो सके अपना जितना भी Caliber है Student को देने की कोशिश करें ताकि एक अच्छे शिक्षक के रूप में आपके व्यवसाय में बढ़ोतरी हो और हर कोई आपसे पढने के लिए आकर्षित हो।
3. एक अच्छी Personality का होना जरूरी :-
एक शिक्षक पेशेवर हो या फिर व्यवसायिक वह Personalted होना चाहिए और जब एक बात आपके व्यावसायिक गुण की बात आती है तो आपकी Personality ऐसी होनी चाहिए कि हर कोई Parents ये ही सोचे कि शिक्षक आप जैसा होना चाहिए ,अगर आपके अंदर एक अच्छी वेश -भूषा नहीं है एक अच्छी वाक सकती नहीं है तो आप क्या कोई भी आदमी अपने व्यवसाय को पूर्ण रूप से नहीं चला सकता है।
4. व्यवसायिक परिशिक्षण में भाग लेना :-
4. व्यवसायिक परिशिक्षण में भाग लेना :-
Generally देखा जाता है कि जब एक शिक्षक, शिक्षक बन जाता है उसके बाद उनके मन में यह विचार होता है कि वह वह एक पूर्ण शिक्षक है पर शिक्षक क्या हर इंसान अपने में पूर्ण नहीं है इसलिए अगर अप्प अपने आप को Update रखना चाहते हैं तो आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप अपने शिक्षण में ज्यादा विस्तार के लिए हर परिशिक्षण में भाग लें। इसका फायदा यह होगा कि आपके व्यवसाय के बारे में दूसरों को भी पता चलेगा और आप अपने विचार भी दूसरों के साथ साँझा कर सकते हैं।
5. एक अच्छी कक्षा का निर्माण करना :-
आप चाहे सरकारी शिक्षक हो या फिर एक व्यवसाय के रूप में एक Tut ion Center चलाते हो आपको इस बात का ध्यान देना बहुत जरूरी है अर्थात आपके अंदर इस गुण और विशेषता का होना बहुत जरूरी है कि जहां आप शिक्षा दे रहे है वह स्थान Attractive हो जिससे विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर सकें।
6. Professional शिक्षक मनोविज्ञानी होना चाहिए :-
6. Professional शिक्षक मनोविज्ञानी होना चाहिए :-
मनोविज्ञान का ज्ञान होना एक शिक्षक के लिए बहुत जरूरी है एक मनोविज्ञान ही है जसके माध्यम से एक शिक्षक बच्चे की हर दिशा और दिशा को समझ सकता है इसलिए एक शिक्षक के अंदर यह गुण और विशेषता होती चाहिए कि वह विद्यार्थी की हर मनोदशा की समझे और उसके बाद शिक्षण को अंतिम रूप दे।
7. कम बोलने वाला :-
7. कम बोलने वाला :-
यह विशेषता एक शिक्षक के अंदर बहुत जरूरी है क्योकि ज्यादा बोलने से आपके विद्यार्थियों में अनुशासन की कमी आएगी जिसके बाद आप अपने शिक्ष्ण को सही तरीके से नहीं चला सकते हैं।
सहगामी शिक्षण विधि का विस्तार :- कोई भी शिक्षार्थी तब तक नहीं सीखता है जब तक वह दूसरों के साथ अपने विचार नहीं बांटता है इसलिए एक शिक्षक के अंदर एक व्यवसायिक शिक्षक होने के नाते यह जरूरी है की वह सहगामी क्रियाओं में रूचि में बढ़ोतरी दे और सभी की मदद से शिक्षा का विस्तार करे।
सहगामी शिक्षण विधि का विस्तार :- कोई भी शिक्षार्थी तब तक नहीं सीखता है जब तक वह दूसरों के साथ अपने विचार नहीं बांटता है इसलिए एक शिक्षक के अंदर एक व्यवसायिक शिक्षक होने के नाते यह जरूरी है की वह सहगामी क्रियाओं में रूचि में बढ़ोतरी दे और सभी की मदद से शिक्षा का विस्तार करे।
8. लगातार अध्ययनशीलता का होना :-
एक व्यावसायिक शिक्षक के अंदर ये विशेषता भी जरूरी है कि वह शिक्षा को वहीं पर न छोड़ दे शिक्षा के विस्तार के लिए लगातार प्रयत्न करना आपकी एक बड़ी विशेषता है।
9. देश प्रेम और समाज के प्रति प्रेम भावना :-
9. देश प्रेम और समाज के प्रति प्रेम भावना :-
जो शिक्षक एक अच्छे समाज एक निर्माण नहीं करता और अपने देश के प्रति निष्ठावान नहीं होता है वह एक अच्छा शिक्षक नहीं हो सकता है इसलिए एक शिक्षक के नाते आपके अंदर देश प्रेम और समाज के प्रति प्रेम भावना होना सभी गुणों से प्रमुख है।
10. स्कूल अभिवावकों के प्रति निष्ठा :-
एक अच्छे शिक्षक के लिए ये विशेषता भी बहुत जरूरी है कि वह सभी अभिवावकों के साथ और अपने शिक्षा संसथान के प्रति निष्ठा और प्रेम की भावना का विकास करे इस गुण के बगैर एक शिक्षक का शिक्षण अधूरा है।