एक शिक्षक किसी देश का ही नहीं पुरे मानव जाति के भविष्य का निर्माता होता है। जो भी एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों या समाज पर प्रभाव छोड़ जाता है उसका प्रभाव उस विद्यार्थी पर सारी उम्र के लिए रहता है। एक अच्छा शिक्षक केवल शिक्षा के क्षेत्र में ही अपनी छवि के लिए नहीं जनता है पर इसके इलावा एक अच्छे शिक्षक की भूमिका हमारे जीवन में बहुत ज्यादा है एक अच्छा शिक्षक एक आदर्श बनकर हमारे जीवन को प्रजवलित करता है।
जहां तक एक अच्छे शिक्षक की बात करें तो एपीजे अब्दुल कलाम का नाम और डॉक्टर राधाकृष्णन का नाम हमें याद आता है। स्वामी विवेकानंद एक अध्यातमक शिक्षक थे। आइये जानते हैं एक शिक्षक की हमारे जीवन में क्या महत्व है और एक अच्छे शिक्षक की हमारे जीवन में क्या महत्व है।
हमारे जीवन में शिक्षक का महत्व, भूमिका और जरुरत | Importance, role and need of teacher in our life
1. एक शिक्षक की चरित्र निर्माण में महत्व :-
एक अच्छा चरित्रवान व्यक्ति ही देश और समाज के हर पहलु को समझ सकता है। आदमी जिंदगी में पैसा कमाता है और उसी के साथ अंतिम साँस लेता है। अंतिम समय में वह जब जाता है तो खाली हाथ ही जाता है एक अच्छे चरित्र वाला व्यक्ति हमेशा के लिए याद रखा जाता है। अब बात ये है कि एक अच्छे चरित्र का निर्माण कौन करता है तो एक अच्छे चरित्र के निर्माण में एक अच्छे शिक्षक की भूमिका को अग्रणी रखा गया है। शिक्षक मनुष्य का निर्माता है।वह सभी शिक्षा का आधार है, और इस प्रकार मानव जाति की संपूर्ण सभ्यता, वर्तमान और भविष्य निर्माता शिक्षक होता है। शिक्षक के सक्रिय सहयोग के बिना कोई भी राष्ट्र पुनर्निर्माण संभव नहीं है।
2. एक आदर्श राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका :-
एक आदमी सवच्छ और खुश तभी रह सकता है जब वह आजाद है और एक आजाद देश तभी समृद्ध होता है जब एक आदर्श राष्ट्र है। अगर एक राष्ट्र समृद्ध और सुदृढ़ नहीं है तो देश का नागरिक भी समृद्ध नहीं हो सकता है। एक अच्छा नागरिक तैयार करके उसे डॉक्टर बनाना एक शिक्षक बनाना और एक कुशल व्यवसायी बनाना शिक्षक के ऊपर ही Depend करता है इसलिए एक आदर्श शिक्षक की हमारे जीवन में एक सुदृढ़ राष्ट्र के निर्माण में भी विशेष भूमिका निभाता है।
एक आदमी सवच्छ और खुश तभी रह सकता है जब वह आजाद है और एक आजाद देश तभी समृद्ध होता है जब एक आदर्श राष्ट्र है। अगर एक राष्ट्र समृद्ध और सुदृढ़ नहीं है तो देश का नागरिक भी समृद्ध नहीं हो सकता है। एक अच्छा नागरिक तैयार करके उसे डॉक्टर बनाना एक शिक्षक बनाना और एक कुशल व्यवसायी बनाना शिक्षक के ऊपर ही Depend करता है इसलिए एक आदर्श शिक्षक की हमारे जीवन में एक सुदृढ़ राष्ट्र के निर्माण में भी विशेष भूमिका निभाता है।
3. अच्छे कल का निर्माता :-
हम कभी कभी वर्तमान के साथ जीते हैं और भविष्य के बारे में नहीं सोचते हैं ज्यादातर यह उनके साथ होता है जब विद्यार्थी Teenager होता है अर्थात उसकी उम्र 14 से 19 साल की होती है। 19 साल के बाद ही एक बच्चा अपने career के बारे में सोचना शुरू करता है। इसलिए एक शिक्षक विद्यार्थी को नहीं पुरे जीवन को तरासता है और हमारे अच्छे जीवन को अंतिम रूप देता है।
हम कभी कभी वर्तमान के साथ जीते हैं और भविष्य के बारे में नहीं सोचते हैं ज्यादातर यह उनके साथ होता है जब विद्यार्थी Teenager होता है अर्थात उसकी उम्र 14 से 19 साल की होती है। 19 साल के बाद ही एक बच्चा अपने career के बारे में सोचना शुरू करता है। इसलिए एक शिक्षक विद्यार्थी को नहीं पुरे जीवन को तरासता है और हमारे अच्छे जीवन को अंतिम रूप देता है।
इसलिए अगर एक शिक्षक को अगर हमारे जीवन के कल का निर्माता भी कहें तो इसमें कोई अतिशियोक्ति नहीं होनी चहिये। चाणक्य ने ठीक ही कहा है, "शिक्षक राष्ट्र का निर्माता है" इसलिए देश के विकास के लिए अच्छे शिक्षकों का होना बहुत जरूरी है और अच्छे शिक्षक तभी पैदा हो सकते हैं जब हमारे पास शिक्षक शिक्षा और समर्पित और कुशल शिक्षक की अच्छी व्यवस्था हो।
4. शिक्षक आर्थिक पहलु और सामाजिक नेता होता है :-
मनुष्य एक समाजिक प्राणी है और मानव जाति ही नहीं, दूसरे समाज को भी एक अच्छा सामाजिक वातावरण चाहिए होता है इसलिए एक शिक्षक हमरे जीवन में एक समाजिक मानव के गुण भरने में सक्षम होता है। ऐसा ही नहीं मनुष्य एक समाजिक प्राणी है तो चलेगा पर इसके साथ आर्थिक पहलु को भी मजबूत करना एक मनुष्य का Focus होता है इसलिए एक शिक्षक या अध्यापक हमारे जीवन में अच्छी शिक्षा देकर हमें भविष्य में इस योग्य बनाते है कि हम आर्थिक रूप से भी मजबूत हो सकें।
5. एक शिक्षक का मानवीय गुणों में महत्व :-
भगवान ने इंसान को एक इंसान इसलिए बनाया है कि उसके अंदर मानवीय गुण होते हैं और वे अपने में विशिष्ट होते हैं इन मानवीय गुणों को सभी रूप एक शिक्षक द्वारा ही दिया जाता है है क्या अच्छा है क्या बुरा है क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए इन सभी का पाठ हमें जीवन में शिक्षक से ही मिलता है। इसलिए एक अच्छे शिक्षक को मानवीय गुणों का जनक कहें तो इस बात में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए।
6. शिक्षक का जीवन में राजनीतिक महत्त्व :-
सामाजिक पहलु और आर्थिक पहलु के साथ मनुष्य की आजकल एक अच्छी राजनीति और स्वच्छ राजनीति की भी जरूरत है अगर एक सवच्छ और निष्पक्ष नेता है तो एक समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है और अगर देश का नेता स्वच्छ छवि वाला न हो तो देश समृद्ध नहीं हो सकता है। किस व्यक्ति में क्या राजनीतिक गुण होने चाहिए इसका अंदाजा एक शिक्षक को ही होता है।
4. शिक्षक आर्थिक पहलु और सामाजिक नेता होता है :-
मनुष्य एक समाजिक प्राणी है और मानव जाति ही नहीं, दूसरे समाज को भी एक अच्छा सामाजिक वातावरण चाहिए होता है इसलिए एक शिक्षक हमरे जीवन में एक समाजिक मानव के गुण भरने में सक्षम होता है। ऐसा ही नहीं मनुष्य एक समाजिक प्राणी है तो चलेगा पर इसके साथ आर्थिक पहलु को भी मजबूत करना एक मनुष्य का Focus होता है इसलिए एक शिक्षक या अध्यापक हमारे जीवन में अच्छी शिक्षा देकर हमें भविष्य में इस योग्य बनाते है कि हम आर्थिक रूप से भी मजबूत हो सकें।
5. एक शिक्षक का मानवीय गुणों में महत्व :-
भगवान ने इंसान को एक इंसान इसलिए बनाया है कि उसके अंदर मानवीय गुण होते हैं और वे अपने में विशिष्ट होते हैं इन मानवीय गुणों को सभी रूप एक शिक्षक द्वारा ही दिया जाता है है क्या अच्छा है क्या बुरा है क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए इन सभी का पाठ हमें जीवन में शिक्षक से ही मिलता है। इसलिए एक अच्छे शिक्षक को मानवीय गुणों का जनक कहें तो इस बात में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए।
6. शिक्षक का जीवन में राजनीतिक महत्त्व :-
सामाजिक पहलु और आर्थिक पहलु के साथ मनुष्य की आजकल एक अच्छी राजनीति और स्वच्छ राजनीति की भी जरूरत है अगर एक सवच्छ और निष्पक्ष नेता है तो एक समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है और अगर देश का नेता स्वच्छ छवि वाला न हो तो देश समृद्ध नहीं हो सकता है। किस व्यक्ति में क्या राजनीतिक गुण होने चाहिए इसका अंदाजा एक शिक्षक को ही होता है।
एक समृद्ध शिक्षक चाणक्य ने धनानंद से ठीक ही कहा था जब उन्हें बेइजत करके निकाल दिया गया था कि मेरे मैं एक शिक्षक हूँ और मेरे में यह गुण है कि में कैसे एक सम्राट का सृजन करूं। इसलिए हमारे जीवन में राजनीतिक दृष्टि से एक शिक्षक की एहम भूमिका है।