भारतीय नौवां राष्ट्रपति चुनाव 1987 | Indian Ninth Presidential Election 1987
Indian Ninth Presidential Election 1987 :- भारत के पहले सिख राष्ट्रपति और सातवें राष्ट्रपति का कार्यकाल 25 जुलाई 1982 में शुरू हुआ था और पांच साल का उनका कार्यकाल 25 जुलाई 1987 में पूरा होना था। इस लिए उस वक्त के मुख्य चुनाव आयुक्त आर वी एस पेरी शास्त्री ने देश में 9th भारतीय राष्ट्रपति वुनाव की घोषणा 10 जून 1987 में की। उन्होंने ये बात स्पस्ट की कि भारत में नौवां राष्ट्रपति चुनाव अप्रयक्ष चुनाव होंगे। आईये नजर डालते हैं भारत के नौवें राष्ट्रपति चुनाव के ऊपर।
भारतीय नौवें राष्ट्रपति चुनाव 1987 के लिए कार्यक्रम | Schedule for the Indian Ninth Presidential Election 1987
भारत के उस वक्त के चुनाव आयुक्त ने 1987 के राष्ट्रपति चुनाव की घोषणा 10 जून 1987 में की और राष्ट्रपति चुनाव के लिए ये कार्यक्रम निहित किया कि भारतीय राष्ट्रपति चुनाव 1987 के लिए नाम नामांकित करने की तारीख 24 जून 1987 रहेगी। एक दिन बाद राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामों की छंटनी की जानी थी। अगर कोई भी कैंडिडेट अपना नाम वापिस लेना चाहता है तो वह नाम नामांकित होने के बाद ठीक तीन दिन बाद अर्थात 27 जून को नाम वापिस ले सकते हैं।
भरत में नौवें राष्ट्रपति चुनाव की तारीख 13 जुलाई निहित की गई थी। 13 जून की इलेक्शन के बाद तीन बाद राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटों की गिनती की जानी थी।
न्यायमूर्ति वैद्यनाथपुरम राम कृष्ण अय्यर :- भारत के नौवें राष्ट्रपति चुनाव के लिए दूसरे उमीदवार न्यायमूर्ति वैद्यनाथपुरम राम कृष्ण अय्यर थे जिन्होंने एक आज़ाद उमीदवार के रूप में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का फैसला किया था। न्यायमूर्ति वैद्यनाथपुरम राम कृष्ण अय्यर एक ऐसे इंसान थे जिन्होंने देश में कानूनी सहायता आंदोलन का बीड़ा उठाया था। वे राज्य मंत्री और एक अच्छे राजनीतिज्ञ भी थे एक सक्रिय वकील के रूप में, उन्होंने अपने गरीब और वंचित मुवक्किलों के लिए जेल की सजा भी काटी थी। उन्हें पद्म विभूषण के लिए भी सम्मनित किया गया था। वैद्यनाथपुरम राम अय्यर कृष्ण अय्यर का जन्म एक तमिल ब्राह्मण परिवार से संबंध रखते थे।
मिथिलेश कुमार :- भारत के राष्ट्रपति चुनाव के लिए तीसरे कैंडिडेट मिथिलेश कुमार थे जिन्होंने एक आज़ाद उमीदवार के लिए राष्ट्रपति इलेक्शन लड़े थे कुल मिलाकर भारतीय राष्ट्रपति चुनाव के लिए तीन उमीदवार थे पर मुकाबला दो उम्मीदवारों में रामास्वामी वेंकटरमन और न्यायमूर्ति वैद्यनाथपुरम राम कृष्ण अय्यर के बीच हुआ था।
नौवें भारतीय राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे | 9th Presidential election results
भारतीय चुनाव आयुक्त द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 13 जुलाई 1987 में राष्ट्रपति चुनाव सम्पन हुए और 16 जुलाई 1987 को राष्ट्रपति चुनाव की गणना की गई। इस चुनाव में कुल 1023921 वोटों की वोटिंग हुई। इंडियन नेशनल कांग्रेस के उमीदवार रामास्वामी वेंकटरमन को कुल 72.3 % वोट मिले जिनकी गिनती 740148 थी दूसरे नंबर के उमीदवार जिनका नाम न्यायमूर्ति वैद्यनाथपुरम राम कृष्ण अय्यर था को केवल 27.5 प्रतिशत वोट मिले अर्थात उन्होंने कुल 281550 वोट हासिल किये।
इस प्रकार रामास्वामी वेंकटरमन ने अपने प्रतिदव्न्दी को (740 148 - 281 550 = 458598) के अंतराल से पराजित कर दिया था। 740,148 वोटो की जीत के बाद रामास्वामी वेंकटरमन भारत के आठवें राष्ट्रपति बने थे। तीसरे उमीदवार को केवल 2223 वोट ही मिले थे।
| नौवें राष्ट्रपति चुनाव में चुने गए आठवें राष्ट्रपति रामास्वामी वेंकटरमन |
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FAQ
प्रश्न :- भारत में 9th राष्ट्रपति चुनाव कब हुआ था ?
उत्तर : - भारत में 9th Presidential Election 13 जुलाई 1987 में हुआ था।
उत्तर :- भारत के आठवें राष्ट्रपति रामास्वामी वेंकटरमन निर्वासित किये गए थे ?
उत्तर :- नौवें राष्ट्रपति चुनाव में रामास्वामी वेंकटरमन के साथ दो कैंडिडेट न्यायमूर्ति वैद्यनाथपुरम राम कृष्ण अय्यर और मिथिलेश कुमार ने चुनाव लड़ा था।
उत्तर :- रामास्वामी वेंकटरमन को 9th Presidential Election में कुल 740148 मिले थे।
उत्तर : - रामास्वामी वेंकटरमन उत्तर भारत के रहने वाले थे जिनका जन्म तमिलनाडु में तंजौर के निकट पट्टुकोट्टय नमक स्थान पर हुआ था।
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