भारत में चौदहवें राष्ट्रपति चुनाव 2007
भारत की बाहरवें और पहली महिला राष्ट्रपति का कार्यकाल 25 जुलाई 2007 में शुरू हुआ था और उनका कार्यकाल 25 जुलाई 2012 को पूरा होना था। भारत के तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त जिनका नाम वी एस सामपन्थ था ने 16 जून 2012 को भारत के 14 वें राष्ट्रपति चुनाव के लिए घोषणा की थी। गौरतलब है वी. सामपन्थ भारत के मुख्या चुनाव आयुक्त 11 जून 2012 में बने थे। 14 वीं भारतीय राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिटर्निंग अफसर विवेक के अग्निहोत्री की नियुक्ति की गई थी जो उस वक्त भारत की राजयसभा के सेक्रेटरी जनरल थे। आईये नजर डालते हैं भारतीय राष्ट्रपति चुनाव 2012 के उमीदवार, इलेक्शन और नतीजों पर केसा रहा था 2012 का भारतीय राष्ट्रपति चुनाव।
रिटर्निंग अफसर विवेक के अग्निहोत्री ने ऐसे किया था 2012 का राष्ट्रपति चुनाव कार्यक्रम
भारतीय राष्ट्रपति चुनाव की नोटिफिकेशन 16 जून 2012 में की गई थी। इस नोटिफिकेशन के अनुसार जो भी राष्ट्रपति चुनाव के उमीदवार थे वे 30 जून 2012 तक अपना नाम राष्ट्रपति उमीदवार के लिए नॉमिनेट कर सकते थे। 30 जून के बाद 2 जुलाई 2012 की तारीख उमीदवार के नामों की छंटनी की जानी थी। राष्ट्रपति उमीदवार से नाम वापिस लेने की तारीख 4 जुलाई निहित की गई थी। 19 जुलाई 2012 चौदवें भारतीय राष्ट्रपति चुनाव की तारीख निहित की गई थी और 19 जुलाई के एक दिन बाद 22 जुलाई को चौदवें भारतीय राष्ट्रपति चुनाव की मतों की गणना की जानि थी।
चौदवें भारतीय राष्ट्रपति चुनाव के लिए उमीदवार | Candidates for the Fourth Indian Presidential Election
2012 में भारत में U. P. A की सरकार थी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी थी और भारत के प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह जी थे। उस वक्त भारतीय मीडिया में राष्ट्रपति चुनाव के लिए नाम प्रसारित किये जा रहे थे ऐसा भी माना जा रहा था की भारत के पूर्व 11 वें राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम राष्ट्रपति इलेक्शन लड़ सकते हैं उनका नाम भारतीय जनता पार्टी दुआरा प्रोपोज़ किया जा रहा था। इसी बीच उस वक्त की सरकार यूनाइटेड प्रोग्रेसिव एलियन्स ने 14 वें भारतीय राष्ट्रपति चुनाव के लिए तत्कालीन Finance Minister प्रणव मुखर्जी का नाम घोषित कर दिया ।
इस प्रकार 14 वें भारतीय राष्ट्रपति चुनाव के लिए पहले उमीदवार प्रणब मुखर्जी थे जिनको यूनाइटेड प्रोग्रेसिव alliance का समर्थन था जिंसमें समाजवादी पार्टी (मुलायम सिंह यादव), राष्ट्रीय जनता दल लालू प्रसाद यादव और N. D, A गठबंधन से भी प्रणब मुखर्जी को समर्थन प्राप्त था N. D, A के शिव सेना पार्टी का समर्थन प्रणब मुखर्जी को प्राप्त था। 25 जून 2012 को प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना नाम नामांकित करवाया था।
| प्रणब मुखर्जी 14th भारतीय राष्ट्रपति चुनाव के लिए U. P. A के उमीदवार |
पी. ए. संगमा 14th भारतीय राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे उमीदवार :-
दूसरी ओर N. D. A गठबंधन में ओडिसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर ने राष्ट्रपति पद के लिए पी. ए. संगमा संगमा का समर्थन किया और उन्हें नाम नामांकित करने के लिए कहा। तीन मुख्यमंत्रियों के इलावा भारतीय जनता पार्टी के बड़े लीडर जैसे लाल कृष्ण अडवाणी, अरुण जेतली, सुषमा स्वराज भी उनके समर्थन में थे। इस प्रकार पी ए संगमा 14th भारतीय राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे उमीदवार थे।
गौरतलब है कि पी ए संगमा का जन्म 1 सितम्बर 1947 में मेघालय में हुआ था और राजनीति में उनकी एक स्वच्छ छवि थी वे मेघालय राज्य के मुख्यमंत्री और 1996 से 1998 लोकसभा के अध्यक्ष भी रह चुके थे। इस प्रकार संगमा ने प्रणब मुखर्जी के नाम नामांकित करने के बाद ठीक तीन दिन बाद 18 जून 2012 को 14th भारतीय राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना नाम नामांकित किया था।
| पी. ए. संगमा 14th भारतीय राष्ट्रपति चुनाव के N. D. A गठबंधन से उमीदवार |
2012 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए निवाचक मंडल और वोट मूल्य
2012 के भारतीय राष्ट्रपति चुनाव के लिए जो निवाचक मंडल था उसमें भारतीय संसद के लोकसभा के सदस्य 543 थे वे शामिल थे और राज्य सभा के सदस्य 233 थे वे शामिल थे 4120 भारत के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से निर्वाचित मेंबर ऑफ़ लेजिस्लेटिव असेंबली के MLA थे। कुल मिलाकर 2012 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए 4896 सदस्यों का निवाचक मंडल बना था। लोकसभा के सदस्यों के लिए वोट मूल्य 708 और M. L. A के लिए वोट मुख्य 1971 की जनसंख्या के अनुसार निहित किया गया था।
2012 भारतीय राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे | 2012 Indian presidential election results
2012 भारतीय राष्ट्रपति चुनाव U. P. A गठबंधन द्वारा 33.2 %, N. D. A द्वारा 28 %, समाजवादी पार्टी ने 6.2 %, तृणमूल कांग्रेस ने 4.4 %, बहुजन समाजवादी पार्टी ने 3.9 %, A, I. A. D. M. K ने 3.3 % मतदान किया था। राष्ट्रपति चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर वीके अग्निहोत्री ने घोषणा की: "मैं घोषणा करता हूं कि श्री प्रणब मुखर्जी भारत के राष्ट्रपति पद के लिए चुने गए हैं।"
मुखर्जी ने चुनाव जीतने के लिए कुल 713,763 वोटों के लिए 373,116 एमपी वोट और 340,647 एमएलए वोट हासिल किए। उन्होंने संगमा को हराया, जिन्हें कुल 315,987 वोटों के लिए 145,848 एमपी वोट और 170,139 एमएलए वोट हासिल किये थे। प्रणब मुखर्जी और पी ए संगमा के वोटो का अंतराल 397776 का था। भारतीय राष्ट्रपति चुनाव 2012 में कुल 1029750 वो पोल हुए थे। प्रणब मुखर्जी ने 25 जुलाई को 11:00 बजे संसद भवन के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति अड़ पद की शपथ ली थी जो भारत के 13 वें राष्ट्रपति चुने गए थे।
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राज्य ओर केंद्र शासित प्रदेश का नाम |
कुल वोटों की गिनती |
प्रणब मुखर्जी द्वारा हासिल वोट |
पी ए संगमा द्वारा हासिल वोट |
|
लोकसभा सदस्य |
748 |
527 |
206 |
|
आंध्र प्रदेश |
294 |
182 |
3 |
|
अरुणाचल प्रदेश |
60 |
54 |
2 |
|
आसाम |
126 |
110 |
13 |
|
बिहार |
240/243 |
146 |
90 |
|
छतीस गढ़ |
90 |
39 |
50 |
|
गोवा |
40 |
9 |
31 |
|
गुजरात |
182 |
59 |
123 |
|
हरियाणा |
90 |
53 |
29 |
|
हिमाचल प्रदेश |
67 |
23 |
44 |
|
जम्मू कश्मीर |
83/87 |
68 |
15 |
|
झारखंड |
80/81 |
60 |
20 |
|
कर्नाटका |
220 |
117 |
103 |
|
केरला |
140 |
124 |
0 |
|
मध्यप्रदेश |
230 |
73 |
156 |
|
महाराष्ट्र |
272 |
225 |
47 |
|
मणिपुर |
59 |
58 |
1 |
|
मेघालय |
59 |
34 |
23 |
|
मिजोरम |
40 |
32 |
7 |
|
नागालैंड |
60 |
58 |
0 |
|
ओड़ीसा |
141 |
26 |
115 |
|
पंजाब |
116 |
44 |
70 |
|
राजस्थान |
198 |
113 |
85 |
|
सिक्किम |
31 |
28 |
1 |
|
तमिलनाडू |
197 |
45 |
148 |
|
त्रिपुरा |
57 |
56 |
1 |
|
उत्तराखंड |
69 |
39 |
30 |
|
उत्तर प्रदेश |
398 |
351 |
46 |
|
पश्चमी बंगाल |
? |
275 |
3 |
|
दिल्ली |
65 |
42 |
23 |
|
पुडुचेरी |
28 |
23 |
5 |
Source of Result Wikipedia
| प्रणब मुखर्जी जो भारत के 13 वें राष्ट्रपति बने थे और 397776 वोटों से जीते थे। |