जानिए भारत के कार्यवाहक {एक्टिंग} राष्ट्रपति के बारे में | Indian Three acting Presidents During Vacant of Presidents Post in Hindi

भारत में कितने कार्यवाहक राष्ट्रपति बने या रहे हैं ?

भारत के कार्यवाहक राष्ट्रपति  :- भारत आज़ादी के बाद एक गणतंत्र देश बना। एक गणतंत्रीय देश में देश का मुखिया देश का राष्ट्रपति होता है। भारत के आज़ादी से लेकर (1947) से लेकर 14 राष्ट्रपतियों ने राष्ट्रपति की शपथ ली है। डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भारत के आज तक ऐसे राष्ट्रपति हुए हैं जिनका कार्यकाल सबसे ज्यादा और अधिक रहा है। 

वहीँ देश के ऐसे भी राष्ट्रपति हैं जिन्होंने पांच साल के लिए भी अपना कार्यकाल पूरा किया है। 1947 से आज तक कुछ ऐसी भी परिस्थिति आई है जब देश में राष्ट्रपति का पद खाली हो गया था उस समय देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति का ऑफिस होल्ड किया आइये जानते हैं भारत के एक्टिंग (Acting President) और उनके कार्यकाल के बारे में।

 


भारत के तीन कार्यवाहक राष्ट्रपति (Acting Presidents):-

कार्यवाहक राष्ट्रपति (Acting President) और  राष्ट्रपति में (President ) क्या अंतर होता है ?
 

एक कार्यवाहक राष्ट्रपति वह व्यक्ति होता है जो किसी देश के राष्ट्रपति की भूमिका को अस्थायी रूप से भरता है जब अवलंबी राष्ट्रपति अनुपलब्ध होता है। अर्थात जब किसी भी देश के राष्ट्रपति का पद किसी कारण से खाली हो जाता है यह कारण राष्ट्रपति के बीमार होना, अचानक मृत्यु हो जाना, किसी चोट की वजह से राष्ट्रपति के पद का खाली होना या फिर राष्ट्रपति का पद उनकी बर्खास्ती की वजह से भी खाली हो सकता है। जब राष्ट्रपति का पद खाली हो जाता है और उसकी जगह पर जब किसी दूसरे व्यक्ति को राष्ट्रपति बनाया जाता है तो उसे कार्यवाहक राष्टपति या फिर ऐक्टंग राष्ट्रपति कहा जाता है।

 

कहां से आया भारत में एक्टिंग प्रेजिडेंट का प्रावधान ?
 

कार्यवाहक राष्ट्रपति का प्रावधान पहली बार सयुंक्त राज्य अमरीका से आया था जब देश (USA) के 23 वें राष्ट्रपति का पद खाली हो गया था। दरअसल, पहली बार कार्यालय खाली हुआ था जब राष्ट्रपति हैरिसन का पद ग्रहण करने के 31 दिन बाद निधन हो गया था। जबकि, उस समय, संविधान ने उप राष्ट्रपति पद ग्रहण किया था, यह स्पष्ट नहीं था कि यह अस्थायी रूप से या स्थायी रूप से होगा। तत्कालीन उपराष्ट्रपति टायलर ने बाद की व्याख्या पर जोर दिया, और अंततः संवैधानिक पाठ में इसके औपचारिक समावेश तक "टायलर मिसाल" के रूप में जाना जाने लगा। भारत में भी ऐसा ही प्रवधान है।

एक कार्यवाहक राष्ट्रपति कितने समय तक सेवा कर सकता है ?
 

कार्यवाहक राष्ट्रपति के पास अपने कार्यकाल के दौरान सभी राष्ट्रपति शक्तियाँ और कर्तव्य होते हैं, लेकिन वह राष्ट्रपति नहीं बनते, बल्कि केवल कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते हैं। यह कार्यकाल तब तक चलता है जब तक राष्ट्रपति लिखित रूप में यह घोषणा नहीं कर देते कि वे अब अपने कार्यालय के कर्तव्यों को स्वयं निष्पादित करने में असमर्थ हैं।

भारत में कितने कार्यवाहक राष्ट्रपति  (Acting Presidents) रहे हैं ?


एक बात ध्यान देने योग्य है कि कोई भी अधिकारी एक्टिंग या कार्यवाहक उस वक्त होता है जब वह उस पद पर काम कर रहा हो जैसे मान लो इस वक्त भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हैं तो वे देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति हैं। एक कार्यवाहक राष्ट्रपति केवल अस्थायी रूप से ऐसा कर रहा होगा। ऐसा होगा, उदाहरण के लिए, राष्ट्रपति अस्थायी रूप से अपने कार्यों का निर्वहन करने में असमर्थ हो जाएगा, इस मामले में, 25 वें संशोधन के अनुसार, उपराष्ट्रपति अस्थायी रूप से अपनी भूमिका निभाएगा। पर भारत के राष्ट्रपति पद में तीन बार ऐसी भी स्तिथि आई है जब राष्ट्रपति का पद अचानक खाली हो गया था। जानते हैं भारत के एक्टिंग प्रेसिडेंटस के बारे में।

 

List of Acting Presidents of India In Hindi | भारत के कार्यवाहक राष्ट्रपतियों की सूची

 

1.. भारत के पहले कार्यवाहक राष्ट्रपति | First Acting President of India
 

भारत के पहले कार्यवाहक राष्ट्रपति (Acting President) वी. वी. गिरी थे जब 3 मई 1969 में उस वक्त के राष्ट्रपति जाकिर हुसैन का पद अचानक डेथ की वजह से खाली हो गया था। उनका देहांत ऑफिस में हृदय गति रुकने के कारण हुआ था। जब जाकिर हुसैन की मृत्यु हुई उस वक्त उनके समकालीन उपराष्ट्र पति वी. वी. गिरी थे और देश के प्रधानमंत्री भारतीय जनता पार्टी के मोरार जी देसाई थे। 


जाकिर हुसैन ने ऑफिस एक साल और 355 दिन के लिए संभाला था। जाकिर हुसैन की मृत्यु के बाद तत्कालीन उपराष्ट्रपति वी. वी. गिरी को कार्यवाहक राष्ट्रपति (Acting President) बनाया गया था। वी. वी. गिरी ने कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में 3 मई 1969 से लेकर 20 जुलाई 1969 तक केवल 78 दिनों के लिए भारत के कर्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में काम किया था।

 

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2. भारत के दूसरे  कार्यवाहक राष्ट्रपति | First Acting President of India
 

भारत के दूसरे कार्यवाहक राष्ट्रपति मुहमंद हदायतुल्ला थे जब वी. वी गिरी ने कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद छोड़ दिया तब उस वक्त के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीश मुहमद ह्दयतुला थे। मुहमद ह्दयतुला को देश का एक्टिंग प्रेजिडेंट बनाया गया था। वे भारत के पहले मुस्लिम न्यायधीश थे। 


उन्होंने 20 जुलाई 1969 से 24 अगस्त 1969 तक सिर्फ 35 दिनों के लिए कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में काम किया था। उसके बाद चुनाव हुए और भारत के राष्ट्रपति वी वी गिरी बने थे और उनोने कांग्रेस के उमीदवार को पहली बार राष्ट्रपति चुनाव में हराया था। जब मुहमंद हदायतुल्ला देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति थे तब भारत के प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई थे।

भारत के तीसरे कार्यवाहक राष्ट्रपति | Third Acting President of India
 

भारत के तीसरे कार्यवाहक राष्ट्रपति बी डी जति थे ये घटना क्रम भी भारत के किसी राष्ट्रपति का अचानक मौत से जुड़ा हुआ था। उस वक्त के राष्ट्रपति फकरूदीन अली एहमद थे। उन्होंने 24 अगस्त 1974 में राष्ट्रपति का पद संभाला था पर ठीक 2 साल और 171 दिनों के बाद उनका भी जाकिर हुसैन की तरह अचानक देहांत हो गया था। 


उनकी मृत्यु के बाद उस वक्त के उपराष्ट्रपति थे बी. डी. जति इसलिए बी. डी. जति को उस वक्त देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया था। बी. डी. जति का कार्यवाहक राष्ट्रपति रूप में 164 दिनों के लिए रहा था जब उन्होंने 11 फरवरी 1977 से 25 जुलाई 1977 तक देश का एक्टिंग प्रेजिडेंट का काम संभाला था ,जब बी डी जति कार्यवाहक राष्ट्रपति थे तब देश के प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई थे।

 

 बी. डी. जति  फुल प्रोफाइल के लिए यहां क्लिक करें। 

जहां भारत के तीन कार्यवाक राष्ट्रपति रहे हैं वहीँ  भारत के एक मात्र प्रधानमंत्री भी थे जिन्होंने देश के मुश्किल के वक्त संभाला था प्रधानमंत्री पद उनके बारे में भी पढ़ें। 

कार्यवाहक गुलजारी लाल नंदा का जीबन परिचय और प्रोफाइल 


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Rakesh Kumar

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