Wright Brothes Biography in Hindi :-
कहते हैं जब होंसले बुलंद हो और काम करने की लगन हो तो इंसान को सफलता की सीढियाँ चढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। ये सफलता पाने के के लिए थोड़ा वक्त तो जरूर लगता है बस आपको जरूरत है एक सही मोके की और समय की। जी हाँ आज हम बात करेंगे उन राइट बंधुओं की जो अम्रेरीका के रहने वाले थे और उन्होंने दुनिया में उस वाहन की खोज कर डाली थी जो न तो पानी में चलता था और न ही पटरी पर।
उन्होंने इंसानी दुनिया में वह काम किया था जो किसी भी इंसान ने पहले नहीं सुना था। उन्होंने हवा में उड़ने वाला एक ऐसा वाहन का निर्माण किया था जो मोटर से चलता था और हवा में उड़ता था। आइये जानते हैं राइट वंधु के जीवन परिचय, उनके परिवार और अविष्कार के बारे में।
राइट बंधु: जन्म,परिवार,एजुकेशन,हेलीकाप्टर की उड़ान और दिलचस्प किस्से
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राइट बंधु का जन्म और परिवारिक जिंदगी :-
राइट ब्रदर जर्मन और स्विस वंश की सुसान कैथरीन कोर्नर और मिल्टन राइट के सात बच्चों में से दो बेटे थे। राइट बंधु का जन्म अमेरिका में हुआ था। उनके पिता का नाम मिल्टन राइट था और वे डच और इंगलिश समाज के मूल निवासी थे। उनकी माता जी का नाम सुसान कैथरीन कोर्नर था जो मूल रूप से स्विस की रहने वाली थी।
राइट ब्रदर जर्मन और स्विस वंश की सुसान कैथरीन कोर्नर और मिल्टन राइट के सात बच्चों में से दो बेटे थे। राइट बंधु का जन्म अमेरिका में हुआ था। उनके पिता का नाम मिल्टन राइट था और वे डच और इंगलिश समाज के मूल निवासी थे। उनकी माता जी का नाम सुसान कैथरीन कोर्नर था जो मूल रूप से स्विस की रहने वाली थी।
राइट बंधु के उनको मिलाकर कुल साथ भाई थे। राइट बंधु में विलबर उम्र में बड़े थे जिनका जन्म 16 अप्रैल, सन 1867 को अमेरिका के इंडियाना नामक स्थान पर हुआ था और छोटे बंधु का नाम ओरविल राइट था जिनका जन्म डेटन ओहियो नमक स्थान पर 19 अगस्त, सन 1871 में हुआ था। उनके भाइयों का नाम ऑरवेल राइट ,लोरिन राइट, रुचिन राइट, ओटिस राइट था । उनकी एक बहन थी जिसका नाम इयान एडवरट राइट था।
राइट बंधु का बचपन और हेलीकाप्टर का आईडिया :-
दोनों भाई बचपन से ही प्रतिभाशली थे और हमेशा ही किसी न किसी मशीनरी से काम करते रहते थे। उनके बचपन की बात करें तो उनके पिता जी उनके साथ कम ही रहते थे इसके पीछे ये कारण था कि वे चर्च के काम में व्यस्त रहते थे और इसी कारण उन्हें बचपन में उनका प्यार कम ही मिला।
1878 में राइट बंधु के पिता जी जब आयोवा के देवदार रैपिड्स में रहते थे उन्होंने अपने दोनों बच्चों के लिए एक खिलौना लाया जो रबड़ बैंड, कॉर्क और कागज से बना था।
इस यह खिलौना उन्हें बहुत पसंद आया और उन्होंने इस खिलोने के साथ इस तरह खेला की जब तक वह टूट न गया। क्या हो सकता था उनका इस खिलोने के साथ इतनी गंभीरता के साथ, दोनों भाई बचपन से ही तर्कशील थे और वे इस खिलोने से इस तरह खेले और ये भावना लेकर खेले कि अक्सर इस खिलोने में उड़ने वाली चीज है क्या उन्होंने इसी से अपने अविष्कार को नया रूप दिया था।
1885 के अंत या 1886 की शुरुआत में एक उनके बचपन की घटना है जब दोस्तों के साथ आइस-स्केटिंग गेम खेलते समय विल्बर को हॉकी स्टिक से चेहरे पर चोट लग गई थी जिसके परिणामस्वरूप उसके सामने के दांत टूट गए। हालाँकि ये चोट इतनी गंभीर नहीं थी पर इस चोट ने उन्हें कुछ समय के लिए खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
राइट बंधु ने सबसे पहले हेलीकाप्टर बनाने से पहले साइकल की सरंचना को समझा और उनके पुर्जों को खोलकर उन्हें फिर से जोड़ने का काम किया। दोनों भाई इस काम को करते हुए हमेशा ये कल्पना करते थे कि वे एक दिन जरूर एक ऐसा यंत्र बनाएंगे जो मोटर से चलेगा और हवा में उड़ेगा। उसके बाद उन्होंने हवा में उड़ने वाले ग्लाइडर बनाए और इन ग्लाइडरों की वजह से ही उन्होंने अपने अंतिम सफलता को अंजाम दिया।
राइट बंधु की शिक्षा का सफर | Wright Brothers Education
दोनों भाइयों ने हाई स्कूल तक की शिक्षा प्राप्त की थी पर पारिवारिक परिस्थितियों के चलते वे डिप्लोमा धारण नहीं कर पाए। 1870 के दशक में चार साल गुजारने के बाद भी वे अपना हाई स्कूल का डिप्लोमा धारण नहीं कर पाए थे। 1889 में प्रिंटिंग व्यवसाय शुरू करने के लिए ओरविल ने अपने जूनियर वर्ष के बाद हाई स्कूल से बाहर होना पड़ा।
उसके बाद दोनों भाइयों ने प्रिंटिंग प्रेस में काम किया। उनकी शिक्षा का पूरा न होना उनकी माता जी का लगातार बीमार होना भी था। गौरतलब है की उनकी माता जी दपेदिक की बीमारी से ग्रस्त थी इसलिए उन्हें ज्यादातर अपना समय अपनी माता जी के साथ भी बिताना पड़ता था।
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राइट बंधु का हेलीकाप्टर का आईडिया और उड़ान तक का सफर :-
राइट बंधु ने अपना हेलीकाप्टर का आईडिया सबसे पहले एक पतंग से लिया था जो विल्बर ने बनाया था। उन्होंने एक पतंग का निर्माण 1899 में किया था जो लगभग पांच फ़ीट का था। इसमें उन्होंने देवदार की लड़कियों का प्रयोग किया था उन्होने जब इस क्राफ्ट का निर्माण किया तो उन्होंने ये सोचा कि ये क्राफ्ट एक पायलट को साथ में नहीं ले सकता है।
पर उनका हेलीकाप्टर बनाने का ये आईडिया बाद में बहुत कारगर साबित हुआ क्यूंकि ये उनका हेलीकाप्टर बनाने का पहला सफर था।राइट बंधु ने 1900 में एक ग्लाइडर का निर्माण किया था जो मानव या मनुष्य को केरी कर सकता था।
इसकी समग्र संरचना 1896 के ऑक्टेव चैन्यूट के दो-सतह वाले ग्लाइडर पर आधारित थी। राइट बंधु ने हवा में उड़ने की पहली कोशिश 1899 में की थी और जिस ग्लाइडर पर वे उड़े थे उसका नाम राइट काइट रखा गया था।
23 सितंबर 1900 को विल्बर ने खुलासा किया था कि हमारे द्वारा बनाया गया ग्लाइडर या हवा में उड़ने वाला यंत्र केवल एक संतुलन बनाने के लिए पहला प्रयास है अगर हमारा प्रयास सही बैठता है तो जल्दी ही इसमें मोटर फिट करने को हल क्र लिया जायेगा। उन्होंने जिस ग्लाइडर का निर्माण किया था उसका भर लगभग 25 किलोग्राम था।
राइट बंधु द्वारा पहला ग्लाइडर को पहली बार 5 अक्टूबर सन 1900 को उत्तरी कैरोलिना के किट्टी हॉक के पास मानव रहित पतंग के रूप में उड़ाया गया था। इसके बात उन्होंने इस विमान के ऊपर सवार होने की सोची और पर इस विमान या ग्लाइडर में सवार होने का रिस्क था इसलिए उन्होंने ये फैसला किया कि की इसे क्यों न लोगों को पकड़ा दिया जाये।
उन्होंने जब ग्लाइडर को छोड़ा तो ये प्रयास उनका पहला नहीं था पर उन्होंने एक ही दिन में लगभग 12 बार प्रयास किया। राइट बंधु ने 23 अक्टूबर को इस ग्लाइडर को उड़ाया उसके बाद ये ग्लाइडर तेज तूफान का शिकार हो गया था और ख़तम हो गया था। गौरतलब है कि इस ग्लाइडर का कोई भी नाम नहीं रखा गया था।
राइट बंधु की पहली उड़ान का सफर :-
राइट बंधु ने पहला सफल भारी- से- हवा संचालित विमान 17 दिसंबर, 1903 को किल डेविल हिल्स के पास, किट्टी हॉक, उत्तरी कैरोलिना से लगभग 6 किलोमीटर (4 मील) दक्षिण में चार बार उड़ाया था। गौरतलब है कि आज भी उस जहाज को वाशिंगटन डीसी में राष्ट्रीय वायु और अंतरिक्ष संग्रहालय में रखा गया है। इस विमान का नाम राइट फ़्लायर रखा गया था।
उनका विमान उड़ाने का प्रयास ये पहला नहीं था पर उन्होंने इससे पहले 14 दिसंबर, 1903 को तीन- सेकंड की उड़ान का प्रयास किया था पर टेकऑफ़ के बाद रुक गया और फ्लायर को मामूली क्षति हुई थी। अगर सटीक आंकड़ों की बात करें तो राइट बंधु ने यह विमान 17 दिसंबर 1903 के दिन राइट फ्लायर नामक विमान की सफल उड़ान भरी थी जो 120 की ऊंचाई तक उड़ा था और इस विमान ने 12 सेकेंड तक उड़ान भरी थी।
राइट ब्रदर्स के कुछ दिलचस्प तथ्य | Some interesting facts about the Wright Brothers in Hindi
- जब राइट बंधु ने पहला विमान परीक्षण किया था तो उन्होंने अर्थात ओरविल बड़े भाई ने टॉस किया था और टॉस उनके पक्ष में आया था उन्होंने टॉस को धन्यवाद किया था।
- उनका पहला विमान परीक्षण 14 दिसंबर 1903 को किया गया था जो सफल नहीं रहा था और विमान को थोड़ा नुक्सान हुआ था।
- राइट बंधू की पहली उड़ान, 12 सेकंड की अवधि की थी और ये विमान इस विमान ने 120 ऊँची उड़ान भरी थी और 852 फ़ीट सफर तय किया था।
- ये भी ही जानते होंगे कि राइट बंधु ने हाइ स्कूल सफर तय नहीं किया था।
- राइट बंधू ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए एक साप्ताहिक न्यूज़ पेपर शुरू किया था।
- उन्होंने 1892 में साइकिल कंपनी में काम किया था और साइकिल का काम करते हुए वे हमेशा हवाई जहाज के निर्माण के बारे में सोचते रहते थे।
- अगर आप राइट बंधु के विवाह या शादी के बारे में सोचते हैं तो हम बता दें दोनों भाइयों ने जीवन भर शादी नहीं की थी।
- ये भी आप कम ही जानते होंगे कि राइट बंधु का जो पहला एयर क्राफ्ट था उसका नाम राइट फ्लायर था और एक बार उड़ान भरने के बाद उस विमान को कभी भी नहीं उड़ाया गया था।
- राइट बंधु के पिता जी इस बात से हमेशा डरते थे कि वे कभी भी इकठे उड़ान न भरें अंतत उनके पिता जी ने उन्हें 27 मई 1910 को दोनों भाइयों को इकठे उड़ान भरने की इजाजत दी थी।
- अब आप ये भी सोचते होंगे की दोनों भाइयों को क्या कभी उड़ान भरते इंजरी या चोट आई थी तो 17 सितम्बर 1908 में बड़े भाई ओरविल ने अम्रेरीकन लेफ्टिनेंट थॉमस सेल्फ्रिज के साथ एक उड़ान भरी थी जिसमें ओरविल जख्मी हो गए थे और उनकी टांग पर चोट लगने के बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा था।
- चाँद पर पहला कदम रखने वाला व्यक्ति नील आर्म स्ट्रांग है और उन्होंने राइट फ्लायर का एक पीस अर्थात टुकड़ा अपने साथ चाँद में लिया था।
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