भारत में जहां पुरुष मुख्यमंत्रियों ने राजनीति में भागीदारी निभाई है वहीँ महिला राजनेता भी किसी से कम नहीं हैं भारत में वर्तमान में 2022 में ममता बनर्जी भारत की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री है जो पश्चमी बंगाल की सीएम है। भारत ने अभी तक सोलह मुख्यमंत्रियों ने सीएम के रूप में शपथ ग्रहण की है। जहां 28 राज्यों के अलग अलग राज्यों से महिला मुख्यमंत्री चुनी गई हैं वहां केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली से भी महिला मुख्यमंत्री बनी हैं। आईये जानते यहीं भारत में आजादी के बाद कौन महिला मुख्यमंत्री सबसे अधिक और सबसे कम समय के लिए रही हैं |
किसी भी भारतीय राज्य की सबसे लंबे और सबसे कम समय तक कार्यकाल में रहने वाली महिला मुख्यमंत्री :-
A. सबसे अधिक समय के लिए सीएम पद पर रहने वाली महिला मुख्यमंत्री | लगातार तीन बार ,मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड शिला दीक्षित के नाम
भारत में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक समय के लिए मुख्यमंत्री पद पर रहने का रिकॉर्ड इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी की नेता शीला दीक्षित के नाम है। शीला दीक्षित केंद्र शासित दिल्ली की पांचवीं मुख्यमंत्री थी। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के कार्यकाल में शीला दीक्षित ने राजनीति में कदम रखा। राजनितिक घटनाक्रम में आगे पढ़ते हुए शीला दीक्षित 3 दिसंबर1998 में पहली बार सीएम बनी और पहला सीएम कार्यकाल 1 दिसंबर 2003 तक रहा जो लगभग पांच साल का पूरा था।
अपना पहला पहला कार्यकाल करने के बाद 2003 में दिल्ली में 3rd विधानसभा इलेक्शन हुए और इंडियन नैशनल कांग्रेस ने फिर से बहुमत हासिल किया। दूसरी बार फिर शीला दीक्षित ने दो दिसंबर में दिल्ली मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की और दूसरी बार भी पांच साल का सीएम कार्यकाल पूरा किया। वह दूसरे सीएम कार्यकाल में 2 दिसंबर 2003 से लेकर 29 नवंबर 2008 तक दिल्ली की सीएम रही।
2008 में फिर से दिल्ली में विधानसभा चुनाव हुए हुए तीसरी बार भी कांग्रेस पार्टी को बहुमत हासिल करने से कोई नहीं रोक पाया। तीसरी बार भी शीला दीक्षित एक महिला मुख्यमंत्री के रूप में दिल्ली में नजर आये। शीला दीक्षित तीसरी बार फिर से पांच साल के लिए दिल्ली की सीएम बनी और उन्होंने 30 नवम्बर 2008 से लेकर 28 दिसंबर 2013 तक सीएम कार्यकाल पूरा किया।
अगर शीला शीला दीक्षित के तीनों कार्यकाल को मिलाया जाये तो उन्होंने 15 साल और 25 दिन तक मुख्यमंत्री पद संभाला है जो आज तक किसी भी राज्य में सभी महिला मुख्यमंत्रियों में सबसे लम्बे समय के लिए मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। गौरतलब है कि तमिलनाडु की महिला नेता जय ललिता ने भी 14 साल के समय के लिए मुख्यमंत्री पद पर रही हैं जो दूसरी सबसे अधिक समय के लिए मुख्यमंत्री पद पर रहने वाली सीएम है।
अपना पहला पहला कार्यकाल करने के बाद 2003 में दिल्ली में 3rd विधानसभा इलेक्शन हुए और इंडियन नैशनल कांग्रेस ने फिर से बहुमत हासिल किया। दूसरी बार फिर शीला दीक्षित ने दो दिसंबर में दिल्ली मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की और दूसरी बार भी पांच साल का सीएम कार्यकाल पूरा किया। वह दूसरे सीएम कार्यकाल में 2 दिसंबर 2003 से लेकर 29 नवंबर 2008 तक दिल्ली की सीएम रही।
2008 में फिर से दिल्ली में विधानसभा चुनाव हुए हुए तीसरी बार भी कांग्रेस पार्टी को बहुमत हासिल करने से कोई नहीं रोक पाया। तीसरी बार भी शीला दीक्षित एक महिला मुख्यमंत्री के रूप में दिल्ली में नजर आये। शीला दीक्षित तीसरी बार फिर से पांच साल के लिए दिल्ली की सीएम बनी और उन्होंने 30 नवम्बर 2008 से लेकर 28 दिसंबर 2013 तक सीएम कार्यकाल पूरा किया।
अगर शीला शीला दीक्षित के तीनों कार्यकाल को मिलाया जाये तो उन्होंने 15 साल और 25 दिन तक मुख्यमंत्री पद संभाला है जो आज तक किसी भी राज्य में सभी महिला मुख्यमंत्रियों में सबसे लम्बे समय के लिए मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। गौरतलब है कि तमिलनाडु की महिला नेता जय ललिता ने भी 14 साल के समय के लिए मुख्यमंत्री पद पर रही हैं जो दूसरी सबसे अधिक समय के लिए मुख्यमंत्री पद पर रहने वाली सीएम है।
B. किसी भी भारतीय राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में सबसे कम समय के लिए महिला सीएम रहने का रिकॉर्ड :-
जहां भारत में किसी भी राज्य में सबसे जयादा बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड तमिलनाडु की महिला मुख्यमंत्री जयललिता के नाम है वहीं सबसे कम समय के लिए महिला सीएम बनने का रिकॉर्ड भी तमिलनाडु के नाम है। तमिलनाडु की वैकोम नारायणी जानकी रामचंद्रन किसी भी भारत के राज्य कम समय तक सीएम रहने वाली महिला मुख्यमंत्री है। गौरतलब है कि वह एक मशहूर अभिनेत्री थी और अभिनय करने के साथ वे राजनीतिज्ञ बन गई।वैकोम नारायणी जानकी रामचंद्रन केवल 23 दिनों के लिए सात जनवरी 1998 से लेकर 30 जनवरी 1998 तक 23 दिन के लिए तमिलनाडु की सीएम रही थी। इसके पीछे कारण यह था कि विश्वाश मत हासिल करते तमिलनाडु की दोनों बड़ी पार्टियों में डीएमके और एआईडीएमके दोनों में भिंडत हो गई गई थी। उस वक्त केंद्र में इंडियन नेशनल कांग्रेस की सरकार थी और राजीव गाँधी प्रधानमंत्री थे उन्होंने उनकी सरकार को भारत के संविधान के अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल करके बर्खास्त कर दिया था। ये ही कारण है वैकोम नारायणी जानकी रामचंद्रन केवल 23 दिनों के अल्पकाल के लिए भारत की महिला सीएम बनी थी।