मुख्यमंत्री जिनका निधन हुआ पद पर रहते, सीएम कार्यकाल में | Chief Minister who died while in office, during CM tenure

इन मुख्यमंत्रियों का देहांत हुआ है उनके सीएम कार्यकाल में :-

भारत में आजादी के बाद मुख्यमंत्री पद अलग अलग राज्यों में दिया गया है। भारत में मुख्यमंत्री पद एक ऐसा पद है जिसे राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का मुखिया माना जाता। आजादी के बाद आज तक भरत की राजनीति में कई उलट फेर आये हैं इसी वजह से कुछ का कार्यकाल एक दिन के लिए तो किसी का मुख्यमंत्री कार्यकाल लम्बे समय के लिए रहा है। भारत में कुछ ऐसे भी मुख्यमंत्री हुए हैं जिनका देहांत उनके पद पर रहते या कार्यकाल पर रहते हुए हुई है। आइये जानते हैं किन मुख्यमंत्री की मृत्यु उनके पद पर रहते हुई है।

भारत के सभी 18 मुख्यमंत्री जिनका देहांत हुआ सीएम पद पर रहते :-

1. गोपीनाथ बोरदोलोई (असम के पहले मुख्यमंत्री) :-

गोपीनाथ बोरदोलोई असम पहले सीएम थे और आजादी के बाद उन्हें असम राज्य का कार्यभार दिया गया था। आजादी से पहले भी उन्होंने देश की आजादी के लिए योगदान दिया था। जब भारत आजाद हुआ तो उन्हें 26 जनवरी 1950 को असम का मुख्यमंत्री बनाया गया था। 

मात्र 192 दिनों तक असम का सीएम रहने के बाद उनका 5 अगस्त 1950 में देहान्त हुआ था। वे भारत के पहले मुख्यमंत्री थे जिनका देहांत सीएम पद पर रहते या कार्यकाल में हुआ था। उनके देश के योगदान के लिए उन्हें 1999 में मरणोपरंत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

2. रविशंकर शुक्ल (राज्य मध्य प्रदेश) :-

भारत में सीएम जिनका देहांत कार्यकाल पर रहते हुआ था उनका नाम रविशंकर शुक्ल था जो मध्यप्रदेश के पहले सीएम थे उन्होंने ने भी आजादी के बाद 26 जनवरी 1950 में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी। पर लगभग 6 साल और 340 दिन तक मुख्यमंत्री पद पर रहते उनका देहांत 31 दिसंबर 1956 में हुआ था जब वे अपने मुख्यमंत्री पद पर आसीन थे। मध्यप्रदेश के विखरे हुए राज्यों को एक करने के लिए उनका योगदान सराहनीय था।

3. श्रीकृष्ण सिंह, (प्रान्त बिहार) :-

मध्यप्रदेश और आसाम प्रान्त की तरह श्रीकृष्ण सिंह बिहार प्रान्त के पहले मुख्यमंत्री थे और उन्होंने ने भी आजादी के बाद और आजादी से पहले देश की राजनीति में बहुत योगदान दिया था। आजादी से पहले भी वे दो बार बिहार प्रान्त का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। आजादी के बाद अपना ग्यारह साल और पांच दिन का कार्यकाल पूरा करने के बाद उनकी अचानक मृत्यु 31 जनवरी 1961 में हुई थी। बिहार के वे पहले सीएम थे जिनकी मृत्यु उनके पद पर रहते हुई थी।


4. बिधान चंद्र रॉय प्रान्त (पश्चिम बंगाल) :-

पश्चमी बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री की मृत्यु भी उनके शासनकाल में हुई थी 26 जनवरी 1950 में वे पश्चमी बंगाल के मुख्यमंत्री बने थे और लगभग 12 साल और 156 दिन तक पश्चिम बंगाल के सीएम रहने के बाद उनकी मृत्यु 1 जुलाई 1962 में हुई थी। 1948 में भी उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया था। पर आजादी के बाद 12 साल और चार महीने तक पद पर रहने के बाद उनकी मृत्यु हो गई थी। वे एक अच्छे चिकिस्तक थे इसलिए मृत्यु के बाद उनके नाम को याद करने के लिए 1 जुलाई को चिकिस्तक दिवस मनाया जाता है।

5. महाराष्ट्र के दूसरे सीएम मरोतराव कन्नमवार का हुआ तह निधन कार्यकाल में :-

महाराष्ट्र के दूसरे सीएम मरोतराव कन्नमवार साओली विधानसभा क्षेत्र से जीतकर महाराष्ट्र के दूसरे मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने 20 नवंबर 1962 में महाराष्ट्र के दूसरे सीएम की शपथ ग्रहण की थी। पर उनका कार्यकाल भी लगभग एक साल महीने का रहा था। वे भी भारत के ऐसे मुख्यमंत्री थे जिनका देहांत सीएम कार्यकाल में हुआ थे। उनकी मृत्यु 24 नवंबर 1963 में हुई थी।


6. गुजरात राज्य के दूसरे मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता -

गुजरात राज्य मुख्यमंत्री और भारत की आजादी में साथ देने वाले बलवंतराय मेहता का देहांत भी उनके पद पर रहते हुआ था। बलवंत राय मेहता आजादी के बाद गुजरात के दूसरे सीएम बने थे और उन्हें 25 फरवरी 1963 में गुजरात का सीएम बनाया गया था। मात्र दो साल और 206 दिन का कार्यकाल पूरा करने के बाद उनका निधन भी 19 सितम्बर 1965 में इंडिया पाकिस्तान की लड़ाई में हुआ था जब वे अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल पर काम कर रहे थे। भारत के बलवंतराय मेहता केवल ऐसे मुख्यमंत्री थे जिनका देहांत किसी लड़ाई में हुआ था।


7. सीएन अन्नादुरई (मद्रास/तमिलनाडु) :-

'अन्ना' और 'अरिगनार अन्ना' के नाम से लोकप्रिय, उन्होंने न केवल तमिल राजनीति और समाज पर बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी एक अमिट छाप छोड़ी। अपने राजनीतिक जीवन से पहले वे एक राजनीतिक पत्रकार थे। 1967-1969 तक मद्रास के पांचवें और अंतिम मुख्यमंत्री, वे तमिलनाडु के पहले मुख्यमंत्री बने जब राज्य का नाम बदला गया, लेकिन उन्होंने केवल 20 दिनों के लिए पद संभाला। वह एक प्रशंसित तमिल लेखक थे और अपने नेतृत्व कौशल के लिए प्रसिद्ध थे।


7. सीएन अन्नादुरई | (मद्रास प्रेस्डेडेन्सी और तमिलनाडु राज्य) :-

कांजीवरम नटराजन अन्नादुराई जिन्हे सीएन अन्नादुरई के नाम से जाना जाता है उनक निधन भी मुख्यमंत्री कार्यकाल में रहते हुए हुआ था। सीएन अन्नादुरई पहले तमिलनाडु के अलग होने से पहले मद्रास प्रान्त के मुख्यमंत्री रहे। मद्रास प्रान्त में उन्होंने 1 साल और 313 तक शासन किया। उसके बाद तमिलनाडु राज्य के वे केवल 20 दिन के लिए मुख्यमंत्री रहे जब उनका देहांत 3 फरवरी 1969 में हुआ था। वे भारत के सातवें सीएम थे जिनका देहांत या निधन पद पर रहते हुए था।

8. दयानंद बंदोदकर (राज्य गोवा )-

18 दिसंबर को जब गोवा भारत का हिस्सा बना तब उसके बाद दयानंद बंदोदकर को गोवा राज्य का सीएम 20 दिसंबर 1963 में बनाया गया। वे गोवा के पहले मुख्यमंत्री थे उनका निधन भी मुख्यमंत्री कार्यकाल में हुआ था। गोवा के तीन बार 1963, 1967 और 1972 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका निधन तीसरे कार्यकाल में 12 अगस्त 1973 में हुआ था। वे गोवा के पहले मुख्यमंत्री थे जिनका देहांत उनके कार्यकाल में हुआ था।

9. बरकतुल्लाह खान (राज्यस्थान राज्य) :-

राज्य स्थान के एकमात्र मुस्लिम सीएम बरकतुल्लाह खान जो राजस्थान के दसवें मुख्यमंत्री थे उनका निधन भी मुख्यमंत्री पद पर रहते हुआ था। बरकतुल्लाह खान इंदिरा गाँधी के पिता फिरोजगांधी के करीबी थे। वह 9 जुलाई से लेकर 1971 से 11 अक्टूबर, 1973 तक दो साल के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे। 53 वर्ष की उम्र में उनका देहांत भी भारत के तीसरे राष्ट्रपति डॉक्टर जाकिर हुसैन की तरह ही दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुआ हुआ था।


10. शेख अब्दुल्ला (राज्य जम्मू और कश्मीर) :-

जम्मू- कश्मीर और 'शेर-ए-कश्मीर के नाम से जाने, जाने वाले शेख अब्दुल्ला जिनका सबंध Jammu & Kashmir National Conference से था निधन भी मुख्यमंत्री कार्यकाल में या पद पर रहते हुआ था। 25 February 1975 में वे पहली बार जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री बने और दूसरे कार्यकाल के दौरान आठ सितम्बर 1983 में उनका देहांत पद पर रहते हुआ था।


11. एमजी रामचंद्रन, (राज्य तमिलनाडु) :-

एमजी रामचंद्रन तमिलनाडु के सी एन अन्नादुरई के बाद ऐसे दूसरे मुख्यमंत्री थे जिनका देहांत मुख्यमंत्री पद पर रहते सीएम कार्यकाल में हुआ था। वे तमिलनाडु के तीसरे मुख्यमंत्री थे। फ़िल्मी दुनिया में नाम कमाने के बाद वे राजनीति में आये थे और राजनीति में भी उन्होंने अपनी पेठ जमाई थी। तीन बार तमिलनाडु बनने के बाद एमजी रामचंद्रन की मृत्यु 24 दिसंबर 1987 हुई थी। 10 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद उनका निधन भी सीएम कार्यकाल में हुआ था।


12. चिमनभाई पटेल (प्रान्त गुजरात) :-

एक साल 122 दिन तक घनश्याम ओझा की जगह गुजरात राज्य का मुख्यमंत्री चिमनभाई पटेल को बनाया गया था। चिमनभाई पटेल पहला मुख्यमंत्री कार्यकाल आरोपों के चलते कुछ ज्यादा नहीं चला पर फिर मार्च 1990 में उन्हें गुजरात का सीएम बनाया गया। चिमनभाई पटेल तीसरा मुख्यमंत्री कार्यकाल 25 अक्टूबर 1990 से लेकर 17 February 1994 तक रहा पर इसी कार्यकाल में उनका निधन 17 फरवरी 1994 में हुआ। वे गुजरात के बलवंतराय मेहता के बाद दूसरे सीएम थे जिनका निधन मुख्यमंत्री कार्यकाल में हुआ था। वे किसी भी धर्म में गो हत्या रोकने वाले पहले नेता थे।

13. बेअंत सिंह (राज्य पंजाब) :-

बेअंत सिंह इंडियन नेशनल कांग्रेस के सदस्य थे और उन्हें 25 जनवरी 1992 सेलेकर 31 अगस्त 1995 तक तीन साल और 187 दिन के लिए पंजाब में मुख्यमंत्री पद सभाला। 31 अगस्त 1995 में उन्हें पंजाब के आतंकवादी सगठन बबर खालसा ने आत्मघाती बम से उड़ा दिया था। वे पंजाब के पहले मुख्यमंत्री हैं जिनका देहांत सीएम कार्यकाल में हुआ था।


14. वाईएस राजशेखर रेड्डी (राज्य आंध्रप्रदेश) :-

वाईएस राजशेखर रेड्डी एक अच्छे नेता थे और उन्होंने आँध्रप्रदेश राज्य का दो बाद मुख्यमंत्री पद के लिए प्रतिनिधित्व किया था। पहली बार वे 2004 से ेलकर 2009 तक आंध्रप्रदेश की कुर्सी पर बैठे। मुख्यमंत्री पद के इलावा वे तीन बार लोकसभा के सदस्य भी रहे। दूसरे मुख्यमंत्री काल में 2 सितंबर 2009 में उनका हैलीकॉप्टर गुम हो गया था। 

 दूसरे दिन रूद्रकोंडा की पहाड़ी हेलीकाप्टर पाया गया था जिसमें अन्य चार लोगों की मौत हो गई थी। वे भी भारत के तीसरे ऐसे मुख्यमंत्री थे जिसका देहांत एक्सीडेंट में हुआ था। अचानक निधन होने के कारण उनका कार्यकाल पर वही फूल स्टॉप लग गया था।




15. अरुणाचल प्रदेश के सीएम दोरजी खांडू का देहांत हुआ था सीएम कार्यकाल में >-

इंडियन नेशनल कांग्रेस के नेता और अरुणाचल प्रदेश के पांचवें सीएम दोरजी खांडू का निधन भी पद पर रहते मुख्यमंत्री कार्यकाल में हुआ था। दोरजी खांडू 9 April 2007 में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे और वे 30 April 2011 एक 4 साल , 21 दिन तक सीएम पद पर रहे। उनका हिलीकप्टर भी अचानक गुम हो गया था जो 30 अप्रैल 2011 में गुम हुआ था और चार दिन बाद उनका क्रैश हेलीकॉप्टर मिला था। वे भारत के ऐसे सीएम थे जो कार्यरत हो और उनकी मृत्यु हो गई थी।

16. मुफ्ती मोहम्मद सईद, जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम :-

फारुख अब्दुला के बाद बने जम्मू कश्मीर के छठे सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद का निधन भी तभी हुआ था जब वे मुख्यमंत्री पद पर आसीन थे। वे दो बार जम्मू कश्मीर के सीएम रहे और 24 दिसंबर मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर होने के कारण एम्स में एडमिट कराया गया था पर 7 जनवरी 2016 में उनका निधन हो गया था।


17. जयललिता, (तमिलनाडु प्रान्त) :-

जयललिता अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम की नेता और पार्टी प्रशंषकों में अम्मा के नाम से जानी जानी वाली जयललिता का निधन भी मुख्यमंत्री कार्यकाल में हुआ था। उनका देहांत उनके पांचवें सीएम कार्यकाल में हुआ था। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद पर लगभग 14 साल काम किया था।



18. मनोहर परिकर (गोवा राज्य)  :-

दयानंद बंदोदकर बाद मनोहर परिकर गोवा के दूसरे हुए भारत के 18 वें ऐसे मुख्यमंत्री थे जिनका देहांत सीएम पद पर रहते हुआ था। मनोहर परिकर गोवा के पहली बार 24 अक्टूबर 2000 में सीएम बने थे। तीन बार गोवा के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका निधन 17 मार्च 2019 में कैंसर की वजह से हुआ था। मनोहर परिकर के बाद आज 2022 तक किसी भी मुख्यमंत्री का निधन कार्यकाल या पद पर रहते नहीं हुआ है।


Rakesh Kumar

Rakesh Kumar From HP is interested in writing and go to the provision when where and why

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