भारत के 6 अविवाहित मुख्यमंत्री जिन्होंने दिया राजनैतिक योगदान | 6 unmarried chief ministers of India who made great political contributions

भारत में राजनीति में फेर बदल हमेशा आते रहते हैं। मानव समाज में हमेशा व्यक्ति की यह नीति रही है कि वह अपने हितों के लिए काम करता है। राजनीतिक घटनाक्रम में ऐसे नेता हुए हैं जिन्होंने परिवार वाद से दूर रहकर देश की सेवा की है। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2022 और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी अदितयनाथ का नाम भी इसमें शामिल है। आज हम अन्य नेता को छोड़कर भारत के उन मुख्यमंत्रियों की बात करेंगे जिन्होंने शादी नहीं की और अविवाहित रहते हुए राजनीति में रहते देश की राजनीतिक सेवा है।

भारत अविवाहित सीएम जिन्होंने परिवार वाद से दूर रहकर की की राजनैतिक सेवा :-


1.बहुजन समाजवादी पार्टी की नेता कुमारी मायावती :-

बाबा काशीराम के प्रयासों से राजनीति में प्रवेश करने वाली मायावती जिन्हे आज उत्तर प्रदेश में दलित वर्ग का हितेषी माना जाता है। समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव के बाद उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री बनने वाली मायावती ने अपने राजनीतिक जीवन में चार बार उत्तर प्रदेश की सीएम के रूप में शपथ ग्रहण की और राजनीतिक सेवा में अपना एक अलग किरदार निभाया। इस बात बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि उन्होंने दलित वर्ग के लिए और उनके उथ्थान के लिए बहुत प्रयास किये। हालाँकि चुनाव निशान को लेकर वे सुर्ख़ियों में भी रही पर उन्होंने तक आज 56 साल की होने के बावजूद भी शादी नहीं की है और अविवाहित उत्तरप्रदेश की राजनीतिक सेवा में लगी हुई है।

2. ममता बनर्जी पश्चमी बंगाल :-

अगर भारत में एक महिला मुख्यमंत्री के रूप में नाम कमाया है तो वह ममता बनर्जी है जो वेस्ट बंगाल की तृणमूल कांग्रेस की नेता है। एक हिन्दू ब्राह्मण परिवार में जन्मी ममता बनर्जी ने राजनीतिक शुरुआत इंडियन नेशनल कांग्रेस से की थी। कलकत्ता में उनका जन्म हुआ था और उसके बाद वह 1970 में राजनीति में आई। राजनीति में आने के बाद राजनितिक विचारों में मतभेद होने की वजह से 1997 ने अलग पार्टी का गठन किया जिसका नाम तृणमूल कांग्रेस रखा गया। 

15 साल की उम्र में राजनीति में कदम रखने वाली ममता बनर्जी 1999 में रेलवे मनिस्टर बानी जब भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपई थे। ममता के फैसले ऐसे होते हैं कई बार उनके फैसलों को तानाशाही फेसलो की संज्ञा भी दी गई पर इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि बेस्ट बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज 57 साल की होने के बावजूद कुवारी है और अविवाहित ही देश की सेवा में लगी हुई है।


3. अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्द्रम कड़गम की पूर्व नेता जयललिता :-

जयललिता हालाँकि अब इस दुनिया में नहीं है पर वे भारत की ऐसी मुख्यमंत्री थी जो जिंदगी भर अविवाहित रहकर सीएम ही नहीं एक अच्छे नेता और एक प्रसिद्ध अभिनेत्री के रूप में काम करती रही। दक्षिण भारत में तमिलनाडु में ज्यादातर दो पार्टियों का प्रभुत्व है एक द्रविड़ मुन्द्रम कड़गम और दूसरा जय ललिता की पार्टी का। दर्विड मुन्द्रम कड़गम पार्टी को जयललिता ने हमेशा एक परिवारवाद से जोड़ा और अपने आप को अविवाहित बताकर सेवा भाव को उजागर किया। 

अपने एक अच्छे फ़िल्मी दुनिया और राजनीतिक जीवन के कारण जयललिता प्रशंसकों में अम्मा के नाम जानी जाने लगी। अपने राजनीतिक करियर में पांच बार मुख्यमंत्री पद पर सेवा निभाने के बाद जयललिता का निधन पांच दिसम्बर 2016 को हुआ पर वे भी भारत की ऐसी मुख्यमंत्री थी जिसने अविवाहित मुख्यमंत्री के रूप में अपने राज्य के सेवा की है।

4. ओडिसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक :-

बीजू जनता दल के अध्यक्ष का नाम भी भारत के अविवाहित मुख्यमंत्री में शामिल है। आज सभी कर्मठ नेताओं में उनका में उनका शामिल है। 2000 में बने नवीन पटनायक अगर अपना मुख्यमंत्री पद पांचवां कार्यकाल पूरा कर लेते हैं तो निश्चय ही वे भारत के ऐसे मुख्यमंत्री बन जायेंगे जिसका मुख्यमंत्री कार्यकाल सबसे अधिक होगा। वे ओड़िस सीएम के बीजू पटनायक के बेटे हैं और बीजू पटनायक के बाद ओडिसा के 14 वे मुख्यमंत्री बने थे। 

1956 में जन्मे नवीनं पटनायक आज 76 साल के होने के बावजूद भी अविवाहित हैं और ओडिसा ही नहीं देश की राजनीतिक सेवा में लगे हुए हैं। शायद ओडिसा के लोग इस बात को भली भांति समझते हैं कि उनको पटनायक से किसी परिवारवाद का खतरा नहीं है इसलिए उन्हें जनता बार बार सत्ता में लेकर आती है। उन्होंने अपने अविवाहित जीवन में भारतीय राजनीति में एक अलग ही छाप छोड़ी हुई है।

5. मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री साध्वी उमा भारती :-

अगर भारत में अविवाहित सीएम की बात सामने लाएं तो साध्वी उमा भारती का नाम भी अग्रणी है जिसने राजनीति में काफी नाम कमाया है। हालाँकि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि उनका मुख्यमंत्री कार्यकाल कम समय का रहा और वे केवल 259 दिनों के लिए मध्यप्रदेश की 15 वे राष्ट्रपति बनी। हिंदुत्व से जुडी उमा भारती ने भी देश में एक अविवाहित रह मध्य प्रदेश कर मध्यप्रदेश की जनता में कदम रखा। 

वह अपने वाक कटु स्वभाव के कारण एक बार भारतीय जनता पार्टी से निकाली भी गई थी पर फिर से 2011 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का फैसला किया था। 1959 में जन्मी उमा भारती आज 63 साल की हो गई हैं पर आज भी एक अविवाहित जिंदगी व्यतीत कर रही है।


6. उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ :-

आज 2022 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सेवा निभा रहे हैं। योगी आदित्यनाथ दूसरी बार उत्तर प्रदेश के सीएम चुने गए हैं। छोटी सी उम्र में घर छोड़ने के बाद उन्होंने सन्यास धारण क्र लिया था और उसके बाद राजनीति में कदम रखने के बाद 19 मार्च 2017 में उत्तर प्रदेश के सीएम बने। दूसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद आज योगी आदित्यनाथ 48 साल के हो गए हैं। वे भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता हैं और अपने सन्यास और परिवारवाद से दूर रहने के लिए जाने जाते हैं। 

48 साल की उम्र में उन्होंने शादी नहीं की है और अविवाहित देश की सेवा करने का फैसला किया है। भारत में सबसे युवा अविवाहित मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड उनके की नाम है।


Rakesh Kumar

Rakesh Kumar From HP is interested in writing and go to the provision when where and why

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