पेमा खांडू भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और भारत के पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में अपनी राजनीति जाने जाते हैं भारत में सबसे कम उम्र में मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड उनके नाम है और उनके इलावा भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के युवा नेता अखिलेश यादव भी युवा सीएम जी सूची में शामिल हैं। आइये जानते हैं उत्तर प्रदेश के रहे युवा मुख्यमंत्री के बारे में 10 खास बातें क्या थी।
यूपी के युवा सीएम अखलेश यादव की 10 बातें शायद ही आप जानते होंगे :-
1. उत्तर प्रदेश नेता का जन्म समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह और मालती देवी के घर 1 जुलाई 1973 में उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई गांव में हुआ था।
2. अखिलेश यादव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सैफई के एक स्थानीय स्कूल और फिर इटावा शहर में एक स्थानीय स्कूल में पूरी की। आरंभिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद उन्होंने राजस्थान में ढोलपुर मिलिट्री स्कूल में स्कूली शिक्षा प्राप्त की, फिर जेएसएस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में सिविल पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातक और मास्टर डिग्री प्राप्त की। यही नहीं उन्होंने अब्रॉड से शिक्षा प्राप्त की जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिआ से पर्यावरण इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री भी है।
3. जहाँ तक उनके विद्यार्थी करियर की बात करें और उसके साथ राजनीतिक करियर को जोड़ने की कोशिश की जाये तो उनका कॉलेज के समय राजनीती में कोई बह रुझान नहीं था। यहां तक राजनीति से दूर रहते हुए उन्हीने कभी किसी छात्र संघ के साथ कोई मेल मिलाप नहीं रखा।
4. कॉलेज के समय वे राजनीति से दूर रहकर हमेशा खेल कूद में रूचि रखते थे और अपने मित्रों के साथ क्रिकेट या फ़ुटबाल खेला करते थे। उन्होंने खेलकूद को अपना passion बना लिया था।
5. सबसे बड़ी बात ये कि उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री के दोस्तों को भी ऑस्ट्रेलिया में इस बात का ज्ञान नहीं था कि अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के बेटे हैं।
6. अपने विद्याथी जीवन पूरा करने के बाद यूपी सीएम राजनीति से भाग नहीं पाए और उन्होंने 2000 में पहली बार उत्तर प्रदेश के कन्नौज लोकसभा क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़ा जब वे 37 साल के थे।
7. 2000 में पहली बार लोकसभा सदस्य के बाद अखिलेश यादव दूसरी बार फिर से लोकसभा सदस्य के रूप गए और खाद्य, नागरिक आपूर्ति और सार्वजनिक वितरण समिति के सदस्य के रूप में कार्यभार निभाया।
8. अखिलेश यादव 2012 में फिर से लोकसभा के सदस्य के रूप में सामने आये और उन्होंने मार्च 2012 तक पर्यावरण और वन समिति, विज्ञान और प्रौद्योगिकी समिति के सदस्य रहे।
उत्तर प्रदेश के युवा नेता और मुख्यमंत्री को सबसे बड़ा झटका तब लगा था जब लोकसभा के एक उप चुनाव में समाजवादी पार्टी छोड़कर इंडियन नेशनल कांग्रेस में शामिल हो गई थी और उनकी पत्नी को फिल्म अदाकार राजब्बर के हाथो हार का सामना करना पड़ा था।
9. अखिलेश यादव ने 26 साल की उम्र में लगभग 2000 में राजनीति सक्रिय कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने 2012 में प्रत्यक्ष रूप से समाजवादी पार्टी की कमान अपने हाथों में ले ली और उत्तर प्रदेश की 16 वीं विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को बहुमत हासिल करवाने में कामयाब रहे। इस जीत के साथ वे उत्तर प्रदेश 20 वे और युवा मुख्यमंत्री के रूप में चुने गए जब उन्होंने 15 मार्च 2012 में उत्तर प्रदेश के सीएम पद की शपथ ग्रहण की थी और उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री और कम उम्र में सीएम बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था।
10. पहली बार यूपी की बागडोर एक युवा मुख्यमंत्री के हाथों में है। इस युवा नेता ने उत्तर प्रदेश में 16 वीं विधानसभा के लिए हुए चुनावों में समाजवादी पार्टी को एक नई सोच के साथ जीत दिलाने में अहम योगदान दिया। समाजवादी पाटी के युवा नेता, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष और अब यूपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इन चुनावों में एक छुपेरुस्तम की तरह अपनी पार्टी को सत्ता का दावेदार बना दिया।
2. अखिलेश यादव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सैफई के एक स्थानीय स्कूल और फिर इटावा शहर में एक स्थानीय स्कूल में पूरी की। आरंभिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद उन्होंने राजस्थान में ढोलपुर मिलिट्री स्कूल में स्कूली शिक्षा प्राप्त की, फिर जेएसएस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में सिविल पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातक और मास्टर डिग्री प्राप्त की। यही नहीं उन्होंने अब्रॉड से शिक्षा प्राप्त की जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिआ से पर्यावरण इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री भी है।
3. जहाँ तक उनके विद्यार्थी करियर की बात करें और उसके साथ राजनीतिक करियर को जोड़ने की कोशिश की जाये तो उनका कॉलेज के समय राजनीती में कोई बह रुझान नहीं था। यहां तक राजनीति से दूर रहते हुए उन्हीने कभी किसी छात्र संघ के साथ कोई मेल मिलाप नहीं रखा।
4. कॉलेज के समय वे राजनीति से दूर रहकर हमेशा खेल कूद में रूचि रखते थे और अपने मित्रों के साथ क्रिकेट या फ़ुटबाल खेला करते थे। उन्होंने खेलकूद को अपना passion बना लिया था।
5. सबसे बड़ी बात ये कि उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री के दोस्तों को भी ऑस्ट्रेलिया में इस बात का ज्ञान नहीं था कि अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के बेटे हैं।
6. अपने विद्याथी जीवन पूरा करने के बाद यूपी सीएम राजनीति से भाग नहीं पाए और उन्होंने 2000 में पहली बार उत्तर प्रदेश के कन्नौज लोकसभा क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़ा जब वे 37 साल के थे।
7. 2000 में पहली बार लोकसभा सदस्य के बाद अखिलेश यादव दूसरी बार फिर से लोकसभा सदस्य के रूप गए और खाद्य, नागरिक आपूर्ति और सार्वजनिक वितरण समिति के सदस्य के रूप में कार्यभार निभाया।
8. अखिलेश यादव 2012 में फिर से लोकसभा के सदस्य के रूप में सामने आये और उन्होंने मार्च 2012 तक पर्यावरण और वन समिति, विज्ञान और प्रौद्योगिकी समिति के सदस्य रहे।
उत्तर प्रदेश के युवा नेता और मुख्यमंत्री को सबसे बड़ा झटका तब लगा था जब लोकसभा के एक उप चुनाव में समाजवादी पार्टी छोड़कर इंडियन नेशनल कांग्रेस में शामिल हो गई थी और उनकी पत्नी को फिल्म अदाकार राजब्बर के हाथो हार का सामना करना पड़ा था।
9. अखिलेश यादव ने 26 साल की उम्र में लगभग 2000 में राजनीति सक्रिय कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने 2012 में प्रत्यक्ष रूप से समाजवादी पार्टी की कमान अपने हाथों में ले ली और उत्तर प्रदेश की 16 वीं विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को बहुमत हासिल करवाने में कामयाब रहे। इस जीत के साथ वे उत्तर प्रदेश 20 वे और युवा मुख्यमंत्री के रूप में चुने गए जब उन्होंने 15 मार्च 2012 में उत्तर प्रदेश के सीएम पद की शपथ ग्रहण की थी और उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री और कम उम्र में सीएम बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था।
10. पहली बार यूपी की बागडोर एक युवा मुख्यमंत्री के हाथों में है। इस युवा नेता ने उत्तर प्रदेश में 16 वीं विधानसभा के लिए हुए चुनावों में समाजवादी पार्टी को एक नई सोच के साथ जीत दिलाने में अहम योगदान दिया। समाजवादी पाटी के युवा नेता, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष और अब यूपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इन चुनावों में एक छुपेरुस्तम की तरह अपनी पार्टी को सत्ता का दावेदार बना दिया।