भारत में दिनों में भी रहा मुख्यमंत्री कार्यकाल, जानिए भारत में एक दिन के लिए मुख्यमंत्री कौन बना था ? | In India, the Chief Minister's tenure was also for days, know who became the Chief Minister for one day in India?

भारत में इन राज्यों में रहा मुख्यमंत्री कार्यकाल दिनों में, उतराखंड में रहे दो मुख्यमंत्री एक दिन के लिए। 

राजनीति को हम अगर खेल कहें जो हर किसी का काम नहीं तो बिलकुल सही रहेगा। भारत के राजनीति में हमेशा से अर्थात आजादी के बाद उलट फेर रहा है। आजादी के बाद भारत में लोकतंत्र के लागु होने के बाद जब लोकसभा के इलेक्शन हुए उसके बाद भारत के पहले पंडित जवाहर लाल नेहरू सबसे जयादा बार भारत के प्रधानमंत्री रहे।

प्रधानमंत्री पद के लिए ही नहीं पर भारत में किसी न किसी राज्य में मुख्यमंत्री पद के लिए भी घमासान रहा है। कोई भारत में तीन दिन के लिए मुख्यमंत्री रहा तो लोई 24 घंटे के लिए इस कुर्सी को संभाल सका। हिंदी फिल्म नायक को छोड़कर आइये जानते हैं भारत में दिनों में मुख्यमंत्री कौन रहे थे।

One Day Chief Minister in India:-


कर्नाटका में बीएस येदुयुरप्पा रहे मात्र 3 दिन के लिए मुख्यमंत्री :-

बीएस येदुयुरप्पा एक भारत के नेता हैं जिनका जन्म भारत कर्नाटका राज्य में हुआ। सियासत में आने के बाद 30 मई 2008 में शपथ ग्रहण की और कर्नाटका राज्य के 19 वे मुख्यमंत्री बने। ये ही नहीं वे दक्षिण भारत के पहले मुख्यमंत्री थे। पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी कर्नाटका में मुख्यमंत्री कुर्सी को कुछ ज्यादा समय नहीं संभाल पाए थे। 

बीएस येदुयुरप्पा सियासी उलट फेर के शिकार हुए और दो बार 2007 और 2018 में केवल तीन दिन के लिए और दूसरी बार 2018 में केवल आठ दिन के लिए कर्नाटका के मुख्यमंत्री रहे। कर्नाटका में सबसे कम समय के मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड उनके नाम है।

देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के तीन दिन के लिए मुख्यमंत्री रहे :-

देवेंद्र फडणवीस भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता हैं वे महराष्ट्र के 31 अक्टूबर 2014 में मुख्यमंत्री बने और अपना लगभग पांच साल का कार्यकाल 08 नवंबर 2019 तक पूरा किया। पर अगर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर कम समय या दिनों में कार्यकाल की बात करें तो उनका मुख्यमंत्री का कार्यकाल भी दिनों में रहा है। दूसरी बार उन्हें भारतीय जनता पार्टी ने 2019 में मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश की पर भारतीय जनता पार्टी में और शिव सेना में आपसी सियासी घमासान के चलते वे केवल तीन दिन के लिए 23 नवंबर 2019 से लेकर 26 नवंबर 2019 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन सके थे।


मेघालय में एससी मराक रहे थे 3 दिन के लिए मुख्यमंत्री :-


बात बड़े राज्यों की ही नहीं अगर छोटे राज्यों की बात करें तो मेघालय जैसे छोटे राज्यों में भी अल्पकाल के लिए मुख्यमंत्री रहे हैं। एससी मराक जो मेघालय के कांग्रेस पार्टी के नेता थे 27 फरवरी 198 को जब मेघालय के मुख्यमंत्री दूसरी बार बने तो उनकी सरकार भी मात्र तीन दिन चली थी और उन्हें मेघालय का तीन दिन का मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य मिला था इसके बाद उन्हें 10 मार्च 1998 में कुसी छोड़नी पड़ी थी।


हरियाणा में ओम प्रकाश चौटाला रहे थे केवल 5 दिन और 14 दिन के लिए मुख्यमंत्री :-

हरियाणा के जाने माने नेता जो इंडियन नेशनल कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं का कार्यकाल भी दिनों में रहा है हालाँकि वे 2000 से लेकर 2005 तक पांच साल के लिए भी हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे हैं पर 1990 में सियासत में बदलाव की वजह से वे केवल 12 जुलाई 1990 से 17 जुलाई 1990 तक केवल पांच दिनों के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद दूसरी बार 1991 में वे केवल 14 दिनों के लिए 22 March 1991 से लेकर 5 April 1991 तक ही हरियाणा के मुख्यमंत्री पद पर रहे थे।


बिहार के सतीश प्रसाद सिंह का कर्यकाल भी रहा था दिनों में :-


बिहार भी राजनीतिक पक्ष से मजबूत माना जाता है देश आजाद हुआ बिहार राज्य में 1968 तक इंडियन नेशनल कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद पर अपना अधिपत्य जमाया था। लेकिन 1968 में बिहार की रजिनीति में बदलाव आया और 125 सीटों के साथ बिहार में पहली बार NDA की सरकार बानी थी। भारतीय जनता पार्टी को बहुमत नहीं मिला था न यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलाइंस को बहुमत मिला था। जनसंघ के नेता सतीश प्रसाद सिंह बिहार के मुख्यमंत्री बने थे। पर सहयोगी पार्टियों ने मात्र पांच में साथ छोड़ दिया और वे 28 जनवरी से लेकर 1 फरवरी तक केवल पांच दिनों के लिए बिहार के मुख्यमंत्री बने थे।


झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शीबू सोरेन बने थे केवल 9 दिन के लिए मुख्यमंत्री :-

झारखंड भारत का 2000 में राज्य बना राज्य बनने के बाद झारखण्ड में अर्जुन मुंडा के बाद तीसरे मुख्यमंत्री शीबू सोरेन बने जो झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष थे उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में 2 मार्च 2005 में शपथ ग्रहण की पर उनकी सरकार बिहार केवल पांच दिनों तक ही चली और वे बिहार के तीसरे मुख्यमंत्री के रूप में दो मार्च से लेकर 12 मार्च 2005 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शीबू सोरेन का यह कार्यकाल बिहार के सभी मुख्यमंत्रियों से कम कार्यकाल है।

One day chief minister (cm) in uttarakhand in hindi and Utter Pradesh 


क्या है उत्तरखंड में 1 दिन मुख्यमंत्री पद की मिस्ट्री :-

अगर पुरे भारत के राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड ऐसा राज्य है जिसमें केवल 1 दिन के लिए दो मुख्यमंत्री रहे हैं। हालाँकि उत्तरखंड 2000 में राज्य बना था था पर उत्तराखण्ड में ऐसा हुआ है।
उत्तराखंड के पहले 1 दिन के लिए सीएम :-

इंडियन नेशनल कांग्रेस के नेता हरीश रावत उत्तराखंड के ऐसे पहले मुख्यमंत्री थे जो उत्तराखंड के 1 दिन के लिए मुख्यमंत्री बने थे। ये वाकया 18 मार्च 2016 का है जब उनके अपने ही नौ विधायकों ने बगावत का रुख अपनाया था और कॉग्रेस बहुमत में न रह कर अल्पमत में आ गई थी। 18 मार्च से 21 मार्च तक उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन रहा 21 अप्रैल को हाई कोर्ट ने राष्ट्रपति शासन हटा दिया और हरीश रावत फिर से उत्तरखंड के मुख्यमंत्री बने अगले ही दिन माननीय सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को सही नहीं बताया था और फिर से उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था। इस प्रकार हरीश रावत केवल 1 दिन के लिए 21 अप्रैल से 22 अप्रैल उत्तरखंड के 1 दिन के लिए मुख्यमंत्री बने थे।

उत्तराखंड में दूसरे एक दिन के लिए सीएम बनने का सौभाग्य सृष्टि गोस्वामी को मिला था सौभाग्य इसलिए कि वः एक राजनीतिज्ञ नहीं थी पर एक छात्र थी जो बीएससी एग्रीकल्चर की सातवें सेमेस्टर की छात्र थी। उन्हें राष्ट्रीय बालिका दिवस पर उत्तराखंड का दिन के लिए मुख्यमंत्री बनाया गया था। उन्हें 24 जनवरी 2021 में उत्तराखंड का मुख्यमंत्री चुना गया था हालाँकि उनके एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनने के पीछे कोई सियासी मकसद नहीं तह पर इसका मकसद बालिकाओं की शिक्षा का स्तर ऊँचा करना था।


यूपी में भी रहे जगदंबिका पाल 24 घंटे या दिन के लिए मुख्यंमंत्री :-

उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है जहां राजनीतिक हलचल देखने को मिलती है पर अगर यूपी में सी एम के सबसे कम कार्यकाल की बात करें तो उत्तर प्रदेश में कॉंग्रेस पार्टी के नेता जगदंबिका पाल ऐसे मुख्यमंत्री रहे हैं जिनका कार्यकाल केवल 1 दिन या 24 घंटे का रहा था। शायद ये उत्तर प्रदेश के जितने भी मुख्यमंत्री हुए हैं उनमे से सबसे कम कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री हैं। 

ये वार्ता 1998 की राजनीतिक हेर फेर की है जब कल्याण सिंह की सरकार को रोमेश भंडारी द्वारा बर्खास्त किया गया था। भाजपा के कल्याण सिंह की सरकार के बाद कांग्रेस के नेता जगदंबिका पाल को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया था। पर जब उनके ही समर्थन करने वाले 12 विधायकों को अयोग्य घोषित किया गया था तो जगदंबिका पाल की सरकार 24 घंटे में अर्थात एक दिन ही चली थी।

फ़िल्मी दुनिया में 1 दिन के लिए मुख्यमंत्री :-

राजनीति में 1 दिन के लिए मुख्यमंत्री को छोड़कर अगर भारत की फिल्म जगत की बात करें तो नायक फिल्म में एक नायक या हीरो का किरदार निभाते हुए अनिल कपूर ने भी एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनकर काफी धूम मचाई थी। 

जब इस फिल्म के खलनायक अमरीशपुरी ने अनिल कपूर को एक interview में एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनने का आमंत्रण दिया था तो पहले वे इंकार क्र गए बाद में मान गए। एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने 24 घंटे में काफी राजनीतिक उथला पुथल की थी अगर आप इसका क्लिप देखना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

नायक फिल्म नायक One Day सीएम - नायक 


Rakesh Kumar

Rakesh Kumar From HP is interested in writing and go to the provision when where and why

Please Select Embedded Mode To Show The Comment System.*

और नया पुराने