एक कला शिक्षक की भूमिका, गुण कर्तव्य और विशषताएँ | Role, Qualities, Duties and Characteristics of an Art Teacher in Hindi

कला शिक्षक की भूमिका, गुण कर्तव्य और विशषताएँ 

स्कूल में सभी शिक्षकों का शिक्षण में अपना योगदान है। इसी प्रकार कला शिक्षक का भी शिक्षण में एक विशेष भूमिका होती है। अगर एक कला शिक्षण सही है तो विद्यायर्थियों के अंदर Handwriting जैसे गुण का विकास होता है जो अन्य विषयों के साथ जुड़ा हुआ है आइये जानते हैं कला शिक्षक के अंदर क्या गुण होने,चाहिए ,उसके क्या कर्तव्य हैं और एक शिक्षक के रूप में एक कला शिक्षक के अंदर क्या- क्या विशेषताएं होनी चाहिए और कला शिक्षक के रूप में उसकी क्या भूमिका है।



एक कला शिक्षक की भूमिका और कार्यक्षेत्र | Role and Scope of an Art Teacher

  • छात्रों को कला परियोजनाएं सौंपें, पूरी की गई कला परियोजनाओं को ग्रेड दें, कला परीक्षण करें, और छात्र प्रगति का रिकॉर्ड अपने पास रखे और उसे स्कूल Head और अभिवावकों के साथ साँझा करे। 
  • छात्र कलाकृति को प्रदर्शित करने के लिए कला प्रदर्शनियों का आयोजन करें और उन्हें अपने कला पोर्टफोलियो को विकसित करने में मदद करें। 
  • कला तकनीक सिखाने के लिए छात्रों को ड्राइंग और पेंटिंग का प्रदर्शन करे। 
  • छात्रों को विभिन्न ड्राइंग, पेंटिंग और रंग तकनीक में काम करने का निर्देश दें। 
  • विभिन्न कलात्मक दृष्टिकोणों और परंपराओं पर चर्चा करें और छात्रों को खुद को कलात्मक रूप से व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करें। 
  • पेंसिल, पेन, चारकोल, ब्रश, वॉटरकलर, एक्रेलिक रंग, ऑइल कलर और अन्य कला सामग्री के उपयोग बारे में विद्यार्थियों को जागृति करे। 
  • कला कार्यक्रमों के विकास में स्कूल प्रशासन का समर्थन करना चाहिए। 
  • शिक्षक बैठकों में भाग लेना और अभिभावक-शिक्षक चर्चाओं में भाग लेना चाहिए। 
  • कला, कलात्मक तकनीक, कला इतिहास और सौंदर्यशास्त्र पर छात्रों को व्याख्यान करना। 

  • सीखने के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कला और कला इतिहास पाठ्यक्रम की योजना बनाना, विकसित करना और उन्हें कार्यान्वित करना। 

  • कला आपूर्ति खरीदें और कला आपूर्ति सूची बनाकर उसे व्यवस्थित करे। 


एक कला शिक्षक के गुण, विशेषता और कर्तव्य | Qualities, Characteristics and Duties of an Art Teacher

1. अपने विषय में निपुण :- 

एक कला शिक्षक का पहला और जरूरी गुण ये ही है कि वह अपने विषय में निपुण होना चहिये ताकि वह शिक्षण को एक आसान कार्य बना सके। अगर एक कला शिक्षक अपने विषय में निपुण नहीं है तो वह बच्चों को कला के बारे में सही ज्ञान नहीं दे सकता है।

2. समय का पापंद होना चाहिए :- 

एक कला शिक्षक समय की कदर करने वाला होना चाहिए अगर एक शिक्षक समय की कदर नहीं करता है तो वह कोई भी जिंदगी में सफल कार्य नहीं कर सकता है। इसलिए समय के साथ अपने आप को ढालना उसका पहला कर्तव्य और गुण है।

3.  कला शिक्षक समाज प्रेमी और देश प्रेमी हिना चाहिए :-

समाज के विकास और उत्थान के वगेर कोई भी काम सफल नहीं माना जाता है। जब समाज सही है तो परिवार सही है परिवार और समाज के साथ एक अच्छे देश का नर्माण होता है इसलिए एक कला शिक्षक को समाज प्रेमी और देश प्रेमी होना बहुत ही जरूरी है।


4. कला अध्यापक खुश दिल होने चाहिए :- 

आज तक जितने भी महान अध्यापक हुए हैं वे हमेशा ही खुश दिल होते हैं और ऐसा होना भी चाइये। ये बात अलग है कि कभी अध्यापक शिक्षण और सरकारी काम की वजह से थकन महसूस करता है। पर एक कला अध्यापक अपने शिक्षण के कार्यक्रम के बाद अपने में चिन्तन करे तो उसे इस बात की ख़ुशी होनी चाहिए कि उसने अपने शिक्षण को सही रूप दिया है और वह उस शिक्षण से संतुष्ट है। अगर ऐसा आप कला के शिक्षक होते हुए सोचते हैं तो आप एक आदर्श कला के शिक्षक हो।
छात्रों के उपयोग के लिए कक्षा में कला आपूर्ति और कला उपकरण तैयार करना और व्यवस्थित करना। 


5. कला का शिक्षक मजाकिया होना चाहिए :- 


वैसे शिक्षण का काम कोई मजाक नहीं है पर एक कला के शिक्षक को अपने शिक्षण में Boring शब्द को दूर करने के लिए हमेशा बच्चो के साथ Fun के साथ पेश आना चाहिए। अगर एक कला का शिक्षक अपने विद्यार्थियों के साथ मजाक करके और ख़ुशी से शिक्षण का कर्यक्रम पूरा करता है तो बच्चे आपकी कक्षा में आने के लिए मजबूर होंगे और शिक्षा को बोख न समझ के उसकी और आकर्षित होंगे। वैसे भी उदाहरण को अगर किसी Fun से जोड़ा जाये तो वह हमेशा यद् रहता है।

6. कला अपने छात्रों को जोड़ने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।


एक कला शिक्षक के अंदर यह गुण, या विशेषता का होना भी जरुरी है कि वह कैसे अपने पाठ्यक्रम के साथ अपने विद्यार्थियों को जोड़ रहे हैं। कला शिक्षक को अंदर ये भावना होनी चाहिए कि वह शिक्षण में इतनी सरलता लाये की एक Student आपके शिक्षण के साथ जुड़ने के लिए मजबूर हो जाएँ मुझे लगता है कि हम सभी सहमत हो सकते हैं यदि हम किसी पाठ या विषय के बारे में उत्साहित नहीं हैं, तो आमतौर पर हमारे बच्चे भी नहीं होते हैं। 

महान कला शिक्षकों ने यह पता लगाया है कि सबसे उबाऊ विषयों को कैसे लिया जाए और उन्हें आकर्षक, मज़ेदार, सीखने के अवसरों में बदल दिया जाए। हमारा उत्साह हमारे बच्चों को उत्साहित और व्यस्त रखता है, जिसका आमतौर पर मतलब है कि वे सीख रहे हैं !

7. कला शिक्षक उत्साही होना चाहिए :-


इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि किसी भी काम में उत्साह तब पैदा होता है जब उसे शुरू में करते है। ये उत्साह एक कला शिक्षक में ही नहीं होता सभी कार्यों में शुरू में होता है पर अगर ये उत्साह अगर सम्पूर्ण जीवन में कायम रहे तो एक शिक्षक का शिक्षण पूर्ण समझा जायेगा। इसलिए एक कला शिक्षक के अंदर उत्साह का होना बहुत जरूरी है। हमारे समाज और कार्यबल को अब पहले से कहीं अधिक रचनात्मक विचारकों की सख्त जरूरत है। हमारी कला सामग्री को महसूस करना छात्रों को शक्तिशाली जीवन कौशल सिखा रहा है जो किसी भी कला शिक्षक को चालू रखने के लिए पर्याप्त है!

8. कला शिक्षक पेशे के प्रति जुनूनी होना चाहिए :-

सबसे महान और सबसे सफल कला शिक्षक कला शिक्षा के बारे में में यह बहुत जरूरी है कि वह अपने विषय के प्रति जूनून से भरा हो और वह जूनून उसमें शिक्षण के अंत तक कायम होना चाहिए। ऐसा नहीं कि जूनून के चक्र में अपने पाठ्यक्रम को ही भूल जाएँ पर इसके साथ अपने विषय में महारत हासिल करना भी आपका फर्ज होना चाहिए। टेनेसी आर्ट एजुकेशन एसोसिएशन के अध्यक्ष मेलोडी वेनट्रॉब लिखते हैं, "शिक्षण के लिए जुनून कला शिक्षा में नंबर एक सबसे महत्वपूर्ण चीज है।" उसने आगे कहा, "यह जुनून सकारात्मक, पेशेवर ऊर्जा बनाता है जो दूसरों के लिए संक्रामक है।


9. अपने पेशे के लिए समर्पित होना चाहिए :- 

वैसे हर कोई अध्यापक के अंदर इस गुण का होना जरूरी है कि वह अपने शिक्षण और काम के प्रति Dedicated हो पर एक कला के शिक्षक के लिए ये बहुत जरूरी है कि वह जिस काम के लिए उसे Appoint किया गया है उसके प्रति सजकता से काम करे और Dedication के भावना के साथ शिक्षण विधि को अंजाम दे। वे अपने पेशे में इस तरह से समय और ऊर्जा लगाते हैं जो अक्सर अप्रतिम होता है। हम सभी जानते हैं कि एक कला शिक्षक बनना एक कठिन काम है। लेकिन, जब हम अपने छात्रों और कार्यक्रमों को चमकते हुए देखना चाहते है इसलिए एक कला शिक्षक का अपने पेशे के प्रति समर्पित होना जरूरी है।


10. कला शिक्षक सहयोगी और संचारक होने चाहिए :- 


किसी भी शिक्षण के लिए सहयोग का होना बहुत जरूरी है इसलिए एक कला शिक्षक के अंदर इस गुण का या विशेषता का होना भी बहुत जरूरी है की वह दूसरे शिक्षकों के साथ और अपने विद्यार्थियों के साथ सहयोग की भवन को लेकर चले। अगर आप किसी भी सहयोग की कामना नहीं करते हैं तो आपका कला शिक्षण का कार्यकम अधूरा रह सकता है। जब शिक्षक अपने छात्रों, कर्मचारियों और समुदाय के सदस्यों के साथ संवाद करते हैं, तो वे सफल होंगे। जो हमें हमारे अगले गुण में लाता है। इसके साथ एक कला शिक्षक का एक communicator के रूप में भूमिका निभानी चाहिए।

11. एक Leadership Quality होनी चाहिए :-

शिक्षक में Leadership Quality का यह अर्थ नहीं है कि वह एक नेता बन सकता है अर्थात इसका अर्थ यह है कि उसके अंदर विषय को और विद्यार्थियों को Command करने की भावना होनी चाहिए जो हर शिक्षक के लिए जरूरी है। हम अपने छात्रों का नेतृत्व करते हैं; हम अपनी कक्षाओं का नेतृत्व करते हैं और अक्सर, हम अपने स्कूलों और अपने समुदायों का नेतृत्व करना शुरू कर देते हैं। मैं जानता हूं कि कई बेहतरीन कला शिक्षक खुद को राज्य स्तर पर अग्रणी पाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि यह पेशे को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण तत्व है।


12. कला शिक्षक प्रेरणादायक होना चाहिए :- 


प्रेरणा एक शिक्षक का महत्व पूर्ण गुण है। महान कला शिक्षक अपने छात्रों को प्रेरित करते हैं। लेकिन, वे अपने सहयोगियों और साथियों को भी प्रेरित करते हैं। अपनी कला के शिक्षण से एक कला शिक्षक बच्चों के अंदर एक नै प्रेरणा भर सकते हैं एक न्य सन्देश दे सकते है जिससे समाज का विकास होगा। इसलिए, हम जलवायु और संस्कृति परिवर्तक हैं। दूसरे शब्दों में, महान कला शिक्षक अपने आस-पास के सभी लोगों को बेहतर बनाना चाहते हैं ! बेहतर शिक्षार्थी, बेहतर शिक्षक, और शायद सबसे महत्वपूर्ण, बेहतर लोग ये ही समाज और शिक्षा का अंतिम उद्देश्य है।

13. कला शिक्षक संगठित और योजनाकार गुणों से भरा होता है :-


एक अच्छा कला शिक्षक लगातार सार्थक और प्रासंगिक परियोजनाओं को बनाने, योजना बनाने और तैयार करने के लिए खुद को चुनौती देने वाला होना चाहिए। लगातार सभी छात्रों के लिए उच्च स्तर की सफलता बनाए रखना एक कला शिक्षक के अंदर होना बहुत जरूरी है। अपनी कला को सुचारु रूप से बच्चों एक अंदर सुनियोजित करना एक कला शिक्षक के अंदर होनी चाहिए। जब शिक्षकों को संगठित किया जाता है, तो यह उन्हें विभिन्न मीडिया को सफलतापूर्वक पढ़ाने की अनुमति देता है और छात्रों को विविध सीखने का अनुभव प्रदान करता है। यह एक सीखने का माहौल भी बनाता है जो स्वच्छ, सुरक्षित और उत्पादक होने के लिए अनुकूल है।


Rakesh Kumar

Rakesh Kumar From HP is interested in writing and go to the provision when where and why

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