मायावती बायोग्राफी: जीवन परिचय, शिक्षा, परिवार, नेटवर्थ, पति, उम्र ,राजनीतिक करियर, कार्यकाल
Mayawati Biography in Hindi at a Glance | मायावती की जीवनी का अवलोकन हिंदी में
|
मायावती की उम्र 2022
(Mayawati age 2022) |
2022 के अनुसार मायावती की
उम्र 66 साल |
|
पूरा नाम (Full
Name) |
मायावती प्रभु दास |
|
मायावती का जन्म (Mayawati's
birth) |
15 जनवरी 1956 में |
|
जन्म स्थान |
श्रीमती सुचेता कृपलानी
अस्पताल, नई दिल्ली में हुआ था। |
|
मायावती की जाति (Caste of Mayavati) |
मायावती की जाति जाटव
जाति है। |
|
धर्म (Religion) |
हिन्दू |
|
मायावती ट्विटर अकाउंट
(Twitter Account) |
|
|
मायावती फेस बुक ID
(Face book ID) |
|
|
मायावती के गांव का नाम |
बादलपुर |
|
बेटी का नाम |
कोई बेटी नहीं है |
|
पति नाम |
शादी नहीं की है |
|
मायावती विवाहित हैं या
अविवाहित |
अविवाहित |
|
मायावती की एजुकेशन (Education) |
बी.ए. 1975 में कालिंदी कॉलेज से की और लॉ की उपाधि
दिल्ली विश्वविद्यालय से 1983 में की है।
उसके बाद 1976 मेरठ विश्वविद्यालय से बी एड की डिग्री की
है। परिवार में बेटों को निजी स्कूलों में भेजा जाता था, जबकि बेटियों को कम प्रदर्शन करने वाले सरकारी स्कूलों
में भेजा जाता था। |
|
मायावती का परिवार (Mayavati
Familly) |
उनके परिवार में पिता
जी का नाम प्रभु दास था और जो एक डाकघर में जिला गौतमबुद्ध नगर में कर्मचारी थे।
माता जी का नाम रामरती था जो 2021 में 95 साल
की उम्र में गुजर गए थे। भाई का नाम आनंद कुमार है जो राजनितज्ञ है। मायावती के
परिवार में वे कुल आठ भाई बहन हैं जिसमें 6 भाई और 2 बहने हैं। |
|
पता (Address) |
गांव, खजुरिया गोबरा, Post office . खीरी, जिला, इलाहाबाद District |
|
नेट वर्थ (Net
Worth) 2022 |
111 करोड़ भारतीय रुपया
(लगभग) |
मायावती का घर |
- अपने पूरे राजनीतिक जीवन के दौरान, मायावती ने कोटा में वृद्धि और धार्मिक अल्पसंख्यकों और आर्थिक रूप से कमजोर उच्च जातियों जैसे अधिक समुदायों को शामिल करने के साथ, पिछड़े वर्गों के लिए सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में आरक्षण का समर्थन किया।
- मायावती का राजनितिक जीवन 1984 में शुरू हुआ जब उन्होंने पहले लोकसभा का चुनाव उत्तर प्रदेश के मुजफरनगर जिले के कैराना लोकसभा क्षेत्र से जीता था।
- राजनीतिक घटना क्रम में उन्होंने 1984 के बाद 1985 और 1987 में उत्तर प्रदेश बिजनौर और हरिद्वार लोकसभा सीट से इलेक्शन लड़ा था हरिद्वार अभी उत्तराँचल में है।
- उसके बाद उन्होंने लोकसभा का चुनाव उत्तर प्रदेश के विजनोर लोकसभा इलेक्शन से लड़ा था और उसे जीत लिया था। इस लोकसभा क्षेत्र से उन्होंने 8,879 मतों से इलेक्शन जीता था।
- मायावती पार्टी की सुप्रीमों ने 1989 में अपनी पार्टी का विकास किया और 1989 में उनकी पार्टी ने लोकसभा सीट के लिए 3 सीटें जीती। पर इसके बाद 1991 में केवल 2 ही सीटें जीती थी।
- लोकसभा क्षेत्र लेने के बाद उन्होंने भारत के उप्पर सदन में भी भाग लिया और वे 1994 में उत्तर प्रदेश से बसपा पार्टी से राजयसभा की सदस्य चुनी गई।
- उत्तर प्रदेश राज्य के राजनीतिक इतिहास में सबसे कम उम्र की मुख्यमंत्री और भारत में पहली महिला दलित मुख्यमंत्री बनीं। उसके बाद उन्होंने 1996 में दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में लोकसभा के लिए चुनाव जीता और उत्तर प्रदेश के हरोरा के लिए सेवा करने का फैसला किया।
- वह 1997 में और फिर 2002 से 2003 तक भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन में फिर से मुख्यमंत्री बनीं। 2001 में राम ने उन्हें पार्टी नेतृत्व के उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया।
मायावती बसपा पार्टी के प्रमुख के रूप में :-
मायावती का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल :-
मायावती का दूसरा मुख्यमंत्री कार्यकाल :- मायावती का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरा कार्यकाल 21 मार्च 1997 से 20 सितंबर 1997 तक था। उनका दूसरा मुख्यमंत्री कार्यकाल 21 मार्च 1997 से लेकर 21 सितम्बर 1997 तक 184 दिन का रहा था।
तीसरा कार्यकाल :- मायावती का उत्तर प्रदेश के रूप में तीसरा कार्यकाल 3 मई 2002 से 26 अगस्त 2003 तक था। मायावती का तीसरा मुख्यमंत्री कार्यकाल 3 मई से 2002 से लेकर 29 अगस्त 2003 तक रहा था।
चौथा कार्यकाल :- मायावती ने 13 मई 2007 को चौथी बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनका चौथा कार्यकाल 13 मई 2007 से लेकर 15 मार्च 2012 तक रहा था।
मायावती मुख्यमंत्री कार्यकाल की उपलब्धियां :-
मायावती मुख्यमंत्री कार्यकाल से जुड़े कुछ विवाद :-
- ताज कॉरिडोर विवाद :- मायावती उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री थी तब उसके कार्यकाल से जुड़ा पहला विवाद ताज हेरिटेज कॉरिडोर में बुनियादी ढांचे में सुधार सबंधी था जब उनपर ये आरोप लगे थे कि उन्होंने सरकारी परियोजना का उन्होंने दुरुपयोग किया है और बिना पर्यावरण अधिकारियों को प्रस्तुत किए बिना जारी की गई धनराशि का प्रयोग किया है। इसी आरोप के चलते उनपर सीबीआई ने छापे मारे थे।
- आय से अधिक सम्पति :- 2007-08 के आकलन वर्ष में, मायावती ने ₹26 करोड़ के आयकर का भुगतान किया, जो देश के शीर्ष 20 करदाताओं में शुमार था। इससे पहले सीबीआई ने उनके खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज किया था। मायावती ने अपने खिलाफ सीबीआई जांच को अवैध बताया था। हालांकि मायावती ने इसे एक पार्टी का फण्ड बताया था।
- मायावती के कार्यकाल मे तीसरा विवाद पांच पार्कों और स्मारकों के निर्माण सबंधी थे जब उन्होंने अम्बेडकर, रमाबाई अम्बेडकर, और कांशीराम की मूर्तियों का निर्माण किया था। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक ने बताया कि स्मारकों के निर्माण पर 66 करोड़ रुपये (लगभग 12 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की अत्यधिक लागत खर्च की गई थी और यह बाद में विवादों में आ गया था।
- विश्व बैंक ने भारत को विकास के लिए धन दिया, और मायावती को इस पैसे से यूपी में परियोजनाओं का प्रबंधन करना था। परियोजनाएं पूर्व नियोजित और समय पर थीं, लेकिन मायावती सरकार ने बदलाव किए जिससे परियोजनाओं को समय से पीछे कर दिया, जिसमें उच्च जाति प्रबंधकों को ग्रामीण पदों में और बाहर तेजी से स्थानांतरित करना शामिल था।
उत्तर :- मायावती का जन्म भारत के केंद्र शासित प्रदेश और भारत की राजधानी दिल्ली की रहने वाली है।
उत्तर :- मायावती दिल्ली यूनिवर्सिटी के कालिंदी कालेज से कला में स्नातक हैं और 1976 में उन्होंने मेरठ यूनिवर्सिटी से बी एड की डिग्री ली थी और 1983 में दिल्ली वयूनिवर्सिटी से एल॰एल॰बी॰ कानून की की पढ़ाई की थी।
उत्तर :- मायावती 1984 में कांशीराम के संपर्क में आने के बाद भारतीय राजनीति में सक्रीय हुई थी जब बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की उनको बसपा के एक्टिव सदस्य के रूप में चुना गया था प्रत्यक्ष रूप से उन्होंने 1989 में वुनाव जीतने के बाद राजनीति में भाग लिया था।
उत्तर:- राजनीति में आने से पहले मायावती एक शिक्षिका थी और शिक्षिका का व्यवसाय छोड़कर वह राजनीति में आई थी।
उत्तर :- मायावती ने अपने राजनीतिक जीवन का पहला चुनाव 1984 में मुजफरनगर जिले के कैराना लोक सभा सीट से से लड़ा था पर इस चुनाव में वह
कांगेस के उमीदवार अख्तर हसन से हार गई थी हारी नहीं बल्कि तीसरे नंबर पर रही थी।
उत्तर :- 1984 लगातार 1989 तक लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद मायावती नहीं जीत सकीं थी पर 1989 में बसपा के नेता काशीराम ने दलितों और मुसलमानों के उत्थान का नारा उठाया और मायावती को उत्तर प्रदेश के विजनोर लोकसभा क्षेत्र से टिकट दिया था। इस चुनाव में मायावती ने पहली बार राजनीती में जीत का स्वाद लिया था।
उत्तर :- मायावती उत्तर प्रदेश की पहली बार मुख्यमंत्री 3 जून 1995 बनी थी ?
उत्तर ;- मायावती उत्तर प्रदेश की दूसरी बार मुख्यमंत्री 21 मार्च 1997 में बनी थी।
उत्तर :- मायावती तीसरी बार मुख्यमंत्री 3 मई 2002 में बनी थी।
उत्तर :- मायावती चौथी बार मुख्यमंत्री 13 मई 2007 में बनीं थी।
