जानिए हिंदी भाषा शिक्षक के क्या गुण, कर्तव्य और विशेषता होनी चाहिए | What are the qualities, duties and specialties of a Hindi language teacher?

हिंदी भाषा शिक्षक कैसा होना चाहिए ?


ध्यापक हर कोई बनना चाहता है पर हम सभी बनते हैं कि अगर आप एक मुकाम पर पहुंच गए हैं तो उसके लिए, उस कार्य को पूरा करने के लिए आपको एक मुकाम पर पहुंचना पड़ेगा इसलिए हर किसी के अंदर कुछ गुण और विशेषता का होना जरूरी है। अगर आप एक हिंदी शिक्षक हैं तो आपके लिए इस पोस्टके माध्यम से हम आपको बताना चाहते हैं कि एक हिंदी भाषा शिक्षक के अंदर क्या गुण और विशेषता का होना जरूरी है।




Qualities, duties, and specialties of a Hindi language teacher in Hindi?


1. हिन्दी भाषा का ज्ञान :- 

हिन्दी भाषा शिक्षक के अंदर सबसे पहली और प्रमुख विशेषता यह है कि उसे हिंदी भाषा का पूर्ण ज्ञान होना चाहिए। हिंदी भाषा का इतिहस क्या है। हिंदी भाषा का व्याकरण क्या है और हिंदी भाषा में कहानी का पूरा ज्ञान होना चाहिए एकांकी, उपन्यास और लघु कथा के बारे में पूरा ज्ञान होना चचाहिए। अगर आप हिंदी के अध्यापक हैं तो आपसे कोई भी हिंदी भाषा से जुड़ा सवाल अच्छा जा सकता है इसलिए एक हिंदी भाषा शिक्षक के अंदर इस गुण का होना जरूरी है की उसे अपनी भाषा में Full Command हो।



2 . सभ्यता से जुडी जानकारी का ज्ञान :-

ये नहीं कि एक इतिहस के शिक्षक को सभ्यता का ज्ञान होना चाहिए। अगर आप एक हिंदी शिक्षक हैं तो आपके अंदर अपनी सभ्यता का ही नहीं सम्पूर्ण मानव जाति की सभ्यता के बारे में ज्ञान होना चहिये। आपको इस बात का पूरा पता होना चाहिए कि किस सभ्यता में किस भाषा का विकास हुआ है। अकेले हिंदी भाषा के ज्ञान से एक अच्छे शिक्षक नहीं बन सक्से हैं।



3 . समूर्ण संस्कृति के बारे में ज्ञान होना चाहिए :-

हिंदी भाषा एक मतृभाषा है और अगर आप ये सोचते हैं कि हिंदी के पढ़ने और पढ़ाने से आप अच्छे हिंदी के शिक्षक बन गए हैं तो यह गलत है एक हिंदी भाषा के शिक्षक होने के नाते आपके अंदर यह गुन होना चाहिए की क्या आप मानव संस्कृति के ज्ञाता हैं या फिर नहीं। हिंदी भाषा के शिक्षक में मानव संस्कृति को समझना बहुत जरूरी है।



4 . वर्तमान गतिविधियों को समझने वाला :-

हिंदी भाषा शिक्षक के अंदर यह विशेषता भी जरूरी है कि वह वर्तमान को कैसे भविष्य के साथ जोड़ता है। एक हिंदी भाषा का शिक्षक आज की होने वाली सभी गतिविधियों का ज्ञाता होना चाहिए और उसे उसके बारे में ज्ञान होना चाहिए। वर्तमान गतिविधियों और परिस्थितयों का अर्थ यहां यह है कि उसे इस बात एक पूरा ज्ञान होना चाहिए कि इस समय किस कवी की रचना किस स्थान पर या समाज के लिए क्या काम क्र रही है। 

आपको वर्तमान में इस बात का ज्ञान होना चाहिए कि कौन सी नई रचना है जो हिंदी भाषा के विकास के लिए बहुत जरूरी है। संक्षेप में आपको इस बात का ज्ञान होना चाहिए की कौन सा अच्छा लेखक है और किसके बारे में लिख रहा है। इसलिए एक अच्छे भाषा शिक्षक में वर्तमान गतिविधियों को समझने का गुण होना चाहिए।


4:- हिंदी शिक्षक मोटिवेशनल और प्रेरणादायक होना चाहिए :-

वैसे तो motivation शब्द एक ऐसा शब्द है जो किसी में भी होना बहुत जरूरी है पर एक हिंदी भाषा शिक्षक को अपने विद्यार्थी को हिंदी भाषा शिक्षण के लिए हमेशा Motivate करना चाहिए। हिंदी भाषा शिक्षक के अंदर इस बात का होना बहुत जरूरी है कि वह एक कुशल अधयापक के रूप में अपने विषय के बारे में ज्ञान बांटते हुए एक कुशल प्रेरक के रूप में काम करे। 


बच्चे हमेशा किसी भी भाषा को सीखते हैं और उसमें समय लगता है इसलिए ऐसे समय में एक प्रेरक के रूप में सामने आकर विद्यार्थी को हिंदी भाषा शिक्षक के गुणों में आता है। अगर हिंदी भाषा का शिक्षक प्रेरणादायक नहीं है तो शिक्षार्थी हिंदी की मूल बातें सीखने से वचित रह जायेंगे।



5. हिंदी शिक्षक सयंम रखने वाला और धैर्यवान होना चाहिए :-

सयम और धैर्य हर व्यक्ति का गुण है पर अगर आप हिंदी भाषा के शिक्षक हो तो आपके अंदर धैर्य और सयम की विशेषता होनी बहुत जरूरी है। हिंदी भाषा एक ऐसी भाषा है जो अगर बच्चों को सटीक तरीके से सिखाई जाये तो उसे समझना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए अगर ऐसा होता है तोर विद्यार्थी भाषा का ज्ञान प्राप्त नहीं कर रहे हैं तो आपको धैर्यवान बनना चाहिए और हिंदी भाषा के हर एक पहलु को बड़ी ही सरलता से बच्चों को बताना चाहिए। 


कई बार ऐसा भी होता है कि विद्यार्थी अटपटे से सवाल पूछते है तो इस विषय में आपको सयंम के साथ बिना उत्तेजित हुए बच्चो के सवाल का जवाब देना चाहिए। ये आपके अंदर गुण होना चाहिए।


6. हिंदी शिक्षक साहित्य प्रेमी होना चाहिए :-

साहित्य प्रेम एक अध्यापक का अभिन्न गुण हैजो सभी षिक्षकों में होना चाहिए एप अगर बात करें एक हिंदी शिक्षक कि तो हिंदी षिक्षक के अंदर साहित्य क्र प्रति प्रेम और भावना कूट -कूट का भरी होनी चाहिए। अगर एक हिंदी शिक्षक में साहित्य के प्रति प्रेम नहीं है तो वह साहित्य का ज्ञान बच्चों को नहीं दे सकता है इसका प्रणाम ये होगा की वह और उसके शिक्षार्थी साहित्य विषय में पीछे रह जायेंगे और साहित्य का ज्ञान हिंदी शिक्षण के लिए बहुत ही जरूरी है।


7. सामान्य जानकारी का ज्ञाता :-


हिंदी शिक्षक का यह अर्थ नहीं की वह सिर्फ हिंदी विषय के बारे जनता हो इसके साथ उसे इस बात का ज्ञान भी होना चाहिए की दैनिक जीवन में कौन सी घटना घट रही है अर्थात उसे सामान्य जानकारी भी होनी चाहिए जिसके साथ हिंदी विषय का भी स्तर बढे। आजकल किस विषय के बारे में क्या जानकारी है, जानकारी चाहे राज्य स्तर की हो, राष्ट्र स्तर की या फिर पुरे विश्व के साथ जुडी हो अगर आप हिंदी के शिक्षक हैं तो आपको सभी विषयों के बारे में ज्ञान होना चाहिए। इससे ये होगा कि आपको ये नहीं कह पायेगा कि इसे केवल हिंदी विषय का ज्ञान है।


8. वाणी में मिठास और सरल स्वभाव वाला :-

कहते हैं आपकी वाणी अर्थात Way of talking इंसान को Personality के बारे में बताती है इसी से उसके Profession का पता चलता है कि वह किस Field में व्यवसाय कर रहा है। अगर आप हिंदी भषा के शिक्षक हो तो आपकी वाणी अर्थात आपके बोलों में एक मिठास का होना बहुत जरूरी है। कोई भी पाठ पढ़ाया जाता है उसे सरल स्वभाव से पढ़ाना एक हिंदी शिक्षक का गुण होना चाहिए। अगर कोई भी कविता अगर आप सरलता से या फिर मीठी आवाज से नहीं पढ़ाते हैं तो शिक्षार्थी इसे कविता का शिक्षण नहीं एक भाषण समझेंगे और हमें पता है कि एक भाषण और शिक्षण में कितना फर्क होता है।


9. समय की कदर करता हो :-


ये सभी जानते है समय बहुत बलवान होता है और शिक्षण ही नहीं जिंदगी के हर पहलु म हम जानते हैं समय की सुई कभी भी रूकती नहीं है। हिंदी भाषा शिक्षक के अंदर इस गुण और विशेषता का होना बहुत जरूरी है कि वह समय की कदर करता हो। समय से स्कूल जाना समय से स्कुल जाना और समय से क्लास रूम Attend करना हिंदी शिक्षक के लिए जरूरी है। समय से स्कूल में जाना और समय से सभी कार्य पूर्ण करने से शिक्षार्थी और अन्य अधयापक आपसे प्रभावित होते हैं जिससे आप एक आदर्श हिंदी शिक्षक बन सकते हो।


10. निरंतर होम वर्क चेक करना और सही मूल्यांकन करना :-


इतिहास के बाद हिंदी एक ऐसा विषय है जिसमें काम चैक करने का काम थोड़ा लम्बा होता है इसलिए एक हिंदी भाषा शिक्षक के अंदर यह इस गुण और विशेषता का होना भी जरूरी है कि जो भी काम दिया गया है रुका निरंतर और रोजाना चेक किया जाये। थोड़ा पढ़ाएं पर सही होना चाहिए।



11. शिक्षा सबंधी और आम समस्या को समझने वाला :-


समस्या इंसान के अंदर ही नहीं, सभी जीव जंतुओं में पैदा होती हैं। एक हिंदी का शिक्षक रोजाना पैदा होने वाली विद्यार्थियों के समस्यायों के प्रति जागरूक होना चाहिए हिंदी भाषा के शिक्षण के साथ जिंदगी में पैदा होने वाली समस्याओं का निपटारा करना उसका कर्तव्य होना चाहिए। हिंदी भाषा को हमेशा मन में चिन्तन करना चाहिए कि वह स्कुल में होने वाली हिंदी भाषा शिक्षण सबंधी पैदा होने वाली समस्या का निपटारा कैसे क्र सकता है।


12 . निरंतर शिक्षा में विस्तार करने वाला :-


हिंदी भाषा का शिक्षक ऐसा होना चाहिए कि जिससे उसका अपना भी शिक्षा का विकास निरंतर होता रहे और बच्चों का भी विकास होता रहे। degree हासिल करना और फिर केवल एक सरकारी शिक्षक या प्राइवेट शिक्षक बन जाना हिंदी शिक्षक का उद्देश्य और गुण नहीं होना चाहिए। उसे अध्ययनशील ह्ण चाहिए और हमेशा अपने ज्ञान में बढ़ोतरी करनी चाहिए।


13 , हिंदी शिक्षक सत्यवादी और सत्यवादी होना चाहिए :-

वैसे तो या गुण हर शिक्षक या अध्यापक में होना बहुत जरूरी है कि एक शिक्षक सत्य का पुजारी होना चाइये पर अगर आप अगर हिन्दी के शिक्षक हैं तो आपके अंदर इस विशेषता का होना बहुत ही जरूरी है। सत्य और सदाचार के गुणों के होने के कारण आपकी स्कुल में एक अलग पहचान बनती है और सभी विद्यार्थियों में और शिक्षकों में आपके अंदर सम्मान की भावना का विकास होता है। इस के साथ आपके अंदर सदाचार की भावना का होना भी जरूरी है। सदाचार की भावना से आप एक शिक्षक के रूप में पहचाने जाओगे।


14 .अभिवावकों के साथ मेल मिलाप :-

अगर आप एक शिक्षक हो और शिक्षक होने में अपना शिक्षण का कर्यक्रम पूरा कर लेते हैं तो यहां आपका शिक्षण पूरा नहीं समझा जायेगा जब तक आप उसे अभिवावकों के साथ साँझा नहीं करते। इसलिए एक हिंदी शिक्षक होते हुए आपके अंदर इस गुण का होना चाहिए कि माता पिता के के साथ शिक्षार्थी के सभी मूल्यांकनों को साँझा करें।


15. हिंदी शिक्षक देश प्रेमी और समाजसेवी होना चाहिए :-

एक हिंदी शिक्षक के अंदर महत्वपूर्ण और जरूरी गुण यह है कि वह एक समाज सेवी और देश के प्रति प्रेम रखने वाला होना चाहिए। सभी गुणों में से देश के प्रति सदभावना और प्रेम का होना जरूरी है। अगर देश है तो शिक्षा है, अगर देश है तो परिवार है अगर देश है शिक्षण भी है। अगर देश के अंदर अशांति है तो आप कोई भी शिक्षण का काम नहीं कर सकते और अगर करते हैं भी तो वह पूर्ण नहीं होगा। इसके साथ आपको समाज के प्रति सजग होने की भी बहुत जरूरत है।

Rakesh Kumar

Rakesh Kumar From HP is interested in writing and go to the provision when where and why

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