अंग्रेजी शिक्षक के सामान्य गुण और विशेषताएं | General qualities and characteristics of English teacher in Hindi

अंग्रेजी शिक्षक के गुण और विशेषता :-

जब शिक्षण किसी भी प्रकार के की बात आती है तो हर कोई शिक्षक अच्छा और प्रभावी होना चाहता है, लेकिन वास्तव में वे कौन से गुण हैं जो एक अच्छे शिक्षक को बनाते हैं इस बात में हमेशा अध्यापक चिन्तित रहता है। क्या कोई विशिष्ट विशेषताएँ, प्रतिभाएँ और कौशल हैं जो एक शिक्षक को एक अच्छा और प्रभावी शिक्षक बनाती है तो हाँ इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। 

शिक्षक माने जाने के लिए सीखने और हासिल करने की आवश्यकता है हर शिक्षक की भॉंति भारत में दूसरी भाषा के शिक्षक के भी कुछ गुणों और विशेषताओं का होना जरूरी है आइए जानते हैं भारत में अंग्रेजी शिक्षक के पास कौन -कौन से गुणों को विशेषताओं का होना जरूरी है।




अंग्रेजी अधयापक के क्या गुण और विशेषताएं हैं ?

यद्यपि प्रत्येक शिक्षक की अपनी विशिष्ट और अनूठी शैली होती है, फिर भी कुछ विशिष्ट गुण होते हैं जो एक प्रभावी अंग्रेजी शिक्षक कहलाने के लिए हमारे पास होने चाहिए। अंग्रेजी शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण व्यक्तिगत गुणों में विषय ज्ञान, सुलभ, छात्रों के साथ देखभाल संबंध बनाने में सक्षम, निष्पक्ष, सम्मानजनक और भावुक शामिल हैं।


1. अंग्रेजी शिक्षण में प्रभावशीलता लाना एक विशिष्ट गुण :-  

भारत में अंग्रेजी शिक्षा बच्चों के लिए एक ऐसा विषय बन चूका है कि बच्चा या विद्यार्थी शिक्षा के शुरूआती शिक्षण में अंग्रेजी शिक्षा से डर जाता है इसलिए एक अंग्रेजी के शिक्षक के अंदर पहला गुण ये होना चाहिए कि वह अंग्रेजी के शिक्षण में प्रभावशीलता लाये। शिक्षण में प्रभावशीलता लाने से बच्चे इस विषय के की और आकर्षित होंगे। ये प्रभावशीलता विभिन्न विधियों के प्रयोग से लाई जा सकती है जैसे आज कल Internet का प्रयोग और अंग्रेजी विषय की विभिन्न विधियों के प्रयोग से बच्चो को सिखाया जा सकता है।

क्रूकशैंक और हेफेल (2001) ने कहा कि अच्छे शिक्षकों को अक्सर आदर्श, विश्लेषणात्मक, मेहनती, सक्षम, विशेषज्ञ, चिंतनशील, विविधता के लिए जिम्मेदार और सम्मानित के रूप में वर्णित किया गया है।

कलिंगफोर्ड (1995) ने कहा कि एक प्रभावी शिक्षक की मुख्य विशेषताएं व्यक्तिगत विशेषताओं से संबंधित होती हैं, जैसे कि अन्य लोगों के लिए चिंता और कड़ी मेहनत करने की इच्छा, और कक्षा चलाने के तरीके से संबंधित अन्य विशेषताएं।

2. अंग्रेजी विषय का ज्ञान - 

पहला व्यक्तिगत गुण जो एक अंग्रेजी शिक्षक के पास होना चाहिए, वह विषय के बारे में, या इस मामले में, अंग्रेजी के बारे में जानकार होना चाहिए। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि अगर आप किसी विषय को पढ़ाने जा रहे हैं, तो आपको उस विषय के बारे में बहुत कुछ पता होना चाहिए। अगर आपके पास अपने विषय अर्थात अंग्रेजी विषय का पूर्ण ज्ञान है तो आपके छात्र आप पर सबसे अधिक भरोसा करेंगे क्योंकि शिक्षक उनके ज्ञान का मुख्य स्रोत है और अंग्रेजी शिक्षक के अंदर भी इस गुण और विशेषता का होना जरूरी है । 


आज कल विद्यार्थी एक सक्षम शिक्षक चाहते हैं और एक सक्षम शिक्षक को विषय में महारत होनी चाहिए। अगर आपके अंदर अपने विषय को पढने की command है तो ऐसी परिस्थितियाँ भी होती हैं जहाँ छात्र एक शिक्षक से विद्यार्थी प्रेरित और बहुत प्रेरित होते हैं, जिनका उनके द्वारा पढ़ाए जाने वाले विषय के प्रति प्रेम इतना तीव्र होता है और बच्चे Dropout अर्थात Absent होने की वजाये निरंतर स्कूल आना शुरू हो जाते हैं।


3. अंग्रेजी शिक्षक सरलता का तरीका अपनाना चाहिए :-

दूसरा गुण या विशेषता अंग्रेजी के अध्यापक या शिक्षक में यह होनी चाहिए कि उसे शिक्षण विधि में सरलता लानी चाहिए। इसके पीछे कारण ये है कि भारत में अंग्रेजी भाषा एक मूल भाषा नहीं अर्थात पहली भाषा नहीं है इसलिए जब एक शिक्षक जब अंग्रेजी के विषय का अध्यापन करवाता है और प्रश्न पूछता है तो इसमें बच्चे शर्म महसूस करते हैं और वहीँ पर रुक जाते हैं। इसलिए अपने छात्रों से अपेक्षा करें कि वे आपसे बहुत सारे प्रश्न पूछें और आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि आप उनके प्रश्नों को सुनने और उत्तर देने के लिए बहुत इच्छुक हैं पर सवाल पूछने एक तरीका सरल होना चाइये।

4. अपने शिक्षण और विद्यार्थी से स्नेह रखना :- 


एक अंग्रेजी विषय के शिक्षक में इस गुण और विशेषता का होना भी बहुत जरूरी है कि वह अपने विषय से और अपने विद्यार्थियों से स्नेह की भावना को लेकर चलें। अगर आप अपने विषय और अपने विद्यार्थियों से प्यार नहीं करते तो इस भाषा का ज्ञान प्राप्त नहीं करवाया जा सकता है। विद्यार्थी से इतना स्नेह दिखाओ की वह अपने आप आपके क्लासरूम में अंग्रेजी सीखने के लिए भाग कर आये अन्यथा अंग्रेजी सीखना बच्चों के लिए मुश्किल हो जाता है। अच्छे अंग्रेजी शिक्षक में छात्रों के साथ देखभाल करने वाले संबंध बनाने की क्षमता होनी चाहिए। 


शिक्षण में, विषय के बारे में ज्ञान पर्याप्त नहीं है। सामान्य तौर पर, सीखना असंभव होगा यदि छात्र कक्षा के अंदर सहज महसूस नहीं करते हैं। यदि आपके छात्रों को लगता है कि आप उनकी परवाह करते हैं, तो वे शायद बेहतर करेंगे क्योंकि वे उस समर्थन को महसूस कर सकते हैं जो आप उन्हें देना चाहते हैं। महान शिक्षक न केवल अपने काम की परवाह करते हैं बल्कि अपने छात्रों की भलाई की भी परवाह करते हैं।


5. अंग्रजी के शिक्षक सम्मान में की भावना होनी चाहिए :-

इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि एक अध्यापक के अंदर सम्मान की भावना का होना बहुत जरूरी है , एक विद्यार्थी एक तरफ से अंग्रेजी के शिक्षण से तंग और परेशान होता है और दूसरी तरफ अगर एक शिक्षक बच्चों के साथ सम्मानजनक रूप से पेश नहीं आता तो विद्यार्थी और शिक्षक दोनों के लिए अंग्रेजी विषय का अध्यापन मुशिकल हो जायेगा। Give Respect and take respect का गुण एक अंग्रजी के शिक्षक के अंदर होना भी जरूरी है।



6. सांस्कृतिक भिन्नताओं और परंपराओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए :- 


अन्य विषयों के मुकाबले अंग्रेजी शिक्षण में इस Quality का होना बहुत जरूरी है। इसके पीछे कारण यह है कि जब एक अंग्रेजी विषय का अध्यापक अंग्रेजी का शिक्षण करवाता है तो उस कक्षा में ऐसा भी हो सकता है कि बहुभाषी छात्र हो और अगर आप सांस्कृतिक भिन्नताओं और परंपराओं के प्रति संवेदनशील नहीं हैं और दूसरी भाषा के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं या संस्कृति के विरुद्ध वयंगय करते हैं तो अंग्रेजी शिक्षक का शिक्षण अधूरा रह जायेगा। छात्रों को सुरक्षित और स्वागत महसूस करना चाहिए।


7. अंग्रेजी का शिक्षक भावुक और जुनून से भरा होता है :- 


कभी - कभी विचारक ये कहते हैं भावुक होना सही बात नहीं है पर एक अंग्रेजी के शिक्षक को भावुक और जुनूनी होना बहुत जरूरी है। अगर अंग्रेजी का शिक्षक कठोर है तो अंग्रेजी भाषा पर फतेह करना मुश्किल होता है इसलिए भवुकता आपके अंदर होनी चाहिए जिससे विषय के शिक्षण को आसान बनाया जा सके। दूसरा अंग्रेजी के शिक्षक के अंदर एक जूनून का होना भी बहुत जरूरी है अगर कुछ बच्चे अंग्रेजी भाषा नहीं सीख़ पाते हैं तो आपके अंदर एक जुन्नुन होना चाहिए कि मैने उसे इस भाषा का ज्ञान हासिल करवाना है।


विशेष रूप से, आप हर दिन विभिन्न संस्कृतियों और सीखने की शैलियों वाले छात्रों का सामना करेंगे। जिसने भी यह किया है वह जानता है कि शिक्षण सबसे कठिन कार्यों में से एक है; वेतन अच्छा नहीं है, काम के लंबे घंटे और जब आप घर पहुंचते हैं, तब भी आपका काम पूरा नहीं होता है। यदि आप इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध नहीं हैं, तो आप शायद इस क्षेत्र में जीवित नहीं रह पाएंगे। इसलिए शिक्षकों को भावुक होना चाहिए। ऐसा तब होता है जब आप सोचते हैं कि पढ़ाना सिर्फ जीने का काम नहीं है, बल्कि नौकरी के लिए जीना भी है।

8. L. S. R. W  Skill का होना :- 

सीखने की क्षमता का एलएसआरडब्ल्यू तरीका सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना है। सीखने की क्षमताओं को प्राप्त करने के संबंध में, सीखने के कौशल का एलएसआरडब्ल्यू तरीका नियमित रूप से पहले सुनने के बाद बोलने, पढ़ने और लिखने के द्वारा प्राप्त किया जाता है। इसलिए, इन क्षमताओं को अक्सर सीखने का एलएसआरडब्ल्यू तरीका कहा जाता है। जो एक शिक्षक अपने विद्यार्थी पर लागु करना चाहता है पर अगर एक अंग्रेजी के शिक्षक के अंदर यह गुण और विशेषता नहीं है तो वह बच्चों को नहीं सीखा सकता है ,सुनने की शक्ति, बोलने का ढंग, पढ़ने का तरीका और लिखने के धनी अंग्रेजी का अध्यापक भी होना चाहिए।


9. Multimedia का सही प्रयोग :-

अंग्रेजी शिक्षक के अंदर इस विशेषता का होना भी जरूरी है कि वह किस तर्ज पर Multimedia का प्रयोग क्र रहा है। आजकल बच्चे internet के माध्यम से बेहतर बढ़ सकते हैं पर अगर आप शिक्षक होने के नाते अगर इस technology का प्रयोग अपने विषय के लिए न करते हुए दूसरे और किसी काम के लिए करते हैं तो फिर आपका विषय पीछे चला जायेगा। इसलिए अंग्रेजी के शिक्षक के अंदर Multimedia के सही प्रयोग का गुण होना भी जरूरी है।


10. अन्य विषयों का ज्ञान और आदर की भावना :- 

अंग्रजी विषय के साथ अंग्रेजी के अध्यापक के अंदर ये विशेषता होनी चाहिए कि वह अन्य विषय का अध्ययन भी करे अगर आप ऐसा नहीं करते तो आप अप्पने विचारों को दूसरों के साथ साँझा नहीं कर पाएंगे। दूसरे विषय के ज्ञान के साथ दूसरे विषय के लिए आपके अंदर आदर की भावना भी होनी चाहिए अर्थात respect होनी चाहिए।


11. अंग्रेजी विषय का ज्ञान अन्य अध्यापकों के साथ बाँटना :-  

इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि कुशल अध्यापक वह होता है जिसे अपने विषय का पूरा ज्ञान हो पर इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि बदलाव कुदरत का नियम और इसके साथ शिक्षण का भी नियम है इसलिए शायद ऐसा भी हो सकता है कि आपके विषय में कुछ बदलाव आये हों जो आपको पता नहीं हो इसलिए अपने विषय की discuss दूसरे अध्यापकों के साथ करते रहें ताकि आपको नै उपदटेस का पता चल सके।


Rakesh Kumar

Rakesh Kumar From HP is interested in writing and go to the provision when where and why

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