Aims and objectives of English language teaching in Hindi :-
भाषा शिक्षण जितना मुश्किल है भारत में ही नहीं अन्य देशों में भी भाषा शिक्षण बहुत जरूरी है। भाषा का अध्ययन ही अन्य सभी विद्याओं का आधार है। भाषा हमें मानव के रूप में परिभाषित करती है। मानव होना भाषा का उपयोग करना है और बात करना एक व्यक्ति होना है। भाषा कोई भी हो एक संचार के साधन में काम करती है। हम सभी जानते हैं भारत एक बहुभाषित देश है। अर्थात पूर्व से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण तक भारत में अलग अलग भाषायें बोली जाती है।
आज भाषायें ऐसी हैं जो भारत के सविंधान में भी अपना वजूद बना चुकी हैं। जहां भारत में अलग -अलग भाषायें बोली जाती है वहीँ अंग्रेजी भाषा संचार का एक शक्तिशाली है जो भारत जैसे बहुसांस्कृतिक और बहुभाषी समाज में एक लिंक भाषा के रूप में कार्य करती है और वैश्विक भाषाई के रूप में भी कार्य करता है। हर भाषा शिक्षण के अपने उद्देश्य होते हैं आज हम हिंदी पुकार के माधयम से भारत में अंग्रजी भाषा शिक्षण के उदेश्यों के बारे में कुछ Discuss करने की कोशिश करेंगे।
भारत में अब अंग्रेजी दूसरी भाषा के रूप में मौजूद है और भारत में अंग्रेजी पढ़ाने का उद्देश्य छात्रों को अंग्रेजी पर व्यावहारिक आदेश हासिल करने में मदद करना है। आज की अंग्रेजी भाषा के उदेश्य को अगर नजर अंदाज करें तो थॉमसन और वायट जैसे विचारक ये मानते थे कि भारतीय छात्रों को न केवल अंग्रेजी को बोलना या लिखा जाना चाहिए, बल्कि इसे बोलने और लिखने में भी सक्षम होना चाहिए। इससे ये साफ पता चलता है कि भारत के छात्रों में अंग्रेजी भाषा शिक्षण कमी रही है अर्थात पहले अंग्रेजी भाषा शिक्षण का उदेश्य विशिष्ट था अर्थात इसमें निम्नलिखित Concept ही सामने आते थे।
1. बोली गई अंग्रेजी भाषा को समझना।
2. अंग्रेजी बोलना।
3. लिखित अंग्रेजी भाषा को समझना।
4. सही तरीके से अंग्रेजी भाषा को लिखना।
अगर दूसरे शब्दों में कहें तो L.S. R. W skills ही भारत में अंग्रेजी शिक्षा का महत्व पूर्ण हिस्सा माना जाता था। पर ये Skills हासिल करना भी मुश्किल है। आइये जानते है भारत में अंगेजी भाषा शिक्षण के क्या -क्या उद्देश्य होने चाहिए अर्थात हम कैसे इस भाषा की विकास के लिए अग्रसर हो सकते हैं।
भारत में अंग्रेजी भाषा शिक्षण के साधारण उद्देश्य | General aims and Objectives of English Language Teaching in India
यदि हम अपने छात्रों को अंग्रेजी समाचार, बातचीत आदि सुनने का अवसर देते हैं तो योग्यता प्राप्त की जा सकती है। छात्रों की पहचान शब्दावली को बढ़ाया जाना चाहिए ताकि वे समझ के साथ अंग्रेजी पढ़ सकें। अंग्रेजी बोलने की क्षमता छात्रों को दुनिया भर के लोगों के साथ आसानी से संवाद करने में सक्षम बनाती है। इस प्रकार चारों उद्देश्य समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
1. शब्दावली बढ़ाना पहला उद्देश्य | to increase vocabulary
Vocabulary भाषा शिक्षण का एक ऐसा टूल है जो किसी भी विद्यार्थी या फिर भाषा सीखने वाले के लिए बहुत जरूरी है। हम भाषा का ज्ञान तो रखते हैं। विद्यार्थी को अंग्रेजी में Tense का ज्ञान तो होता है पर एक बात की कमी रह जाती है और वह है कि अंग्रेजी सीखने वाले के पास शब्द भंडार नहीं होता है जिसकी वजह से उसका भाषा शिक्षण का क्रम वहीँ रूक जाता है।
विद्यार्थी को अंग्रेजी पढ़ना भी आती है पर वह बोलने में थोड़ी हिचहींचाहट महसूस करता है इसके पीछे कारण ये ही है कि उसके पास उचित शब्द भंडार मौजूद नहीं है। ध्वनि शब्दावली शिक्षार्थियों को वास्तविक जीवन की स्थिति में प्रभावी ढंग से और उचित रूप से संवाद करने में सक्षम बनाती है। ध्वनि संरचित शब्दावली के साथ, पाठ्यक्रम में अध्ययन के उद्देश्य के लिए अंग्रेजी का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सकता है। अच्छी शब्दावली अंग्रेजी बोलने और सीखने के लिए मदद करती है।
2. छात्रों को अंग्रेजी सीखने के लिए प्रेरित चाहिए | To motivate students to Learn English
इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि भारत में ही नहीं दुनिया में अंग्रेजी भाषा सूचना का माध्यम है। और जब भारत में बच्चे शिक्षा ग्रहण क्र रहे होते हैं तो उनका सोचना ये ही होता है कि अगर पंजाब के रहने वाले हैं तो पंजाबी सीखने से नौकरी हासिल की जा सकती है और अगर गुजरात में रहने वाला विद्यार्थी है तो गुजराती से काम चलेगा। इसलिए उनका अंग्रेजी सीखने का या फिर शिक्षक का अंग्रेजी सिखाने का उदेश्य खत्म होने लगता है।
इसलिए भारत ,में अंग्रेजी सीखने के लिए बच्चों को motivate किया जाना चाहिए। अंग्रेजी पढ़ाते समय छात्रों को जीवन के विभिन्न पहलुओं में अंग्रेजी भाषा के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करके प्रेरित किया जाना चाहिए। छात्रों को सिखाया जाना चाहिए कि अंग्रेजी भाषा दुनिया के लिए एक खिड़की है। यह वह पुल है जिसके माध्यम से वे दुनिया में हर जगह यात्रा कर सकते थे। इसकी मदद से वे ज्ञान की विशाल दुनिया का पता लगा सकते हैं।
3. उचित व्याकरणिक संरचना होनी चाहिए | Proper grammatical structure
अंग्रेजी भाषा का ही नहीं सभी भाषाओं का स्तम्भ व्याकरण ही माना जाता है। अंग्रेजी भाषा शिक्षण का भी उद्देश्य अच्छी Grammar सरंचना का होना जरूरी है। शिक्षक को हमेशा उचित व्याकरणिक संरचनाओं के साथ छात्रों को पढ़ाने पर जोर देना चाहिए। इससे छात्रों को उचित उच्चारण चिह्न और बड़े अक्षरों का उपयोग करके रचनाएं सही ढंग से लिखने में मदद मिलेगी। अगर एक शिक्षक उचित व्याकरण विधि के माध्यम से अध्यापन नहीं करते है तो Sentence का अर्थ ही बदल जायेगा। इस प्रकार अंग्रेजी शिक्षण का उद्देश्य ये होना चाहिए कि Proper grammatical structure के माध्यम से शिक्षण करवाए।
4. भाषाई क्षमता प्रदान करें | Provide linguistic competence
भारत में ही नहीं आज पूरी दुनिया में अंग्रेजी शिक्षा या अंग्रेजी शिक्षण का बोलबाला चला हुआ है शायद इसके पीछे कारण ये है कि दुनिया चाहे धर्म, पैसे, गरीबी अमीरी में बंटी हुई है पर दूसरी तरफ देखें तो दुनिया में - वैश्वीकरण हो चूका है अर्थात दुनिया एक गलोबल पिंड बन चूका है इसलिए एक दूसरे के विचारों को समझना और विश्व व्यापार को आगे चलाने के लिए ये जरूरी है कि अंग्रेजी भाषा का विस्तार किया जाये।
आज दुनिया में - वैश्वीकरण के परिणामस्वरूप इतनी निकटता से जुड़ा हुआ है - अंग्रेजी भाषा की उपस्थिति रोजमर्रा की जिंदगी के लगभग सभी पहलुओं में फैल गई है। नतीजतन, शिक्षकों के लिए यह उजागर करना आवश्यक है कि अंग्रेजी उन सभी के लिए इतनी मूल्यवान संपत्ति क्यों है जो अपनी अनूठी भाषा का उपयोग करते हैं।
5.छात्रों के बीच कल्पना और रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए प्रयास करना | To enhance imagination and creativity among students
वैसे तो एक बात सही है और कहा भी जाता है कि कल्पना के पहाड़ खड़े करके कभी सफलता प्राप्त नहीं की जा सकती है पर फिर भी एक शिक्षक को विद्यार्थियों के अंदर एक कल्पनाशील रूप लाना जरूरी है बस वह कल्पना सकारात्मक होनी चाहिए। अंग्रेजी शिक्षण में शिक्षक का ये उदेश्य होना चाहिए कि वे बच्चों के अंदर एक ऐसी कल्पना और रचनात्मक सोच का विकास करे जिससे विद्यार्थी को ये एहसास हो सके कि वह किसी से कम नहीं और अंग्रेजी सीखना उसके लिए एक आसान काम है। शिक्षक छात्रों को रचनात्मक और कल्पनाशील रूप से खुद को व्यक्त करने में सक्षम बना सकते हैं। भाषा के उचित उपयोग से छात्रों की योजना, प्रारूपण और संपादन का उपयोग करने की क्षमता में वृद्धि हो सकती है ताकि वे अपने काम को बेहतर बना सकें।
6. इंटरनेट का सजग प्रयोग | Conscious use of the internet
इस बात से आज इंकार नहीं किया जा सकता है कि आज इंटनेट का युग है जब भी हमें किसी भी सवाल का जवाब चाहिए हम उसी वक्त इंटरनेट का सहारा लेते हैं। अंग्रेजी शिक्षा में भी अंग्रेजी शिक्षण का सजग प्रयोग किया जाना चाहिए। आज इंटरनेट पर काफी एक्सपर्ट बैठे हैं जो अपने विचार साँझा करते हैं इसलिए अंग्रेजी सीखने के लिए आप उनकी हेल्प ले सकते हैं। शिक्षकों को छात्रों के बीच जागरूकता पैदा करनी चाहिए कि कई अंग्रेजी बोलने वाले ऐप, डिक्शनरी, वीडियो, ऑडियो आदि हैं, जिनका वे इंटरनेट से उपयोग कर सकते हैं। अंग्रेजी सीखने से उन्हें इन सुविधाओं का आसानी से उपयोग करने में मदद मिलेगी।
अंग्रेजी भाषा सिखाने के विशिष्ट और शैक्षणिक उद्देश्य | Specific and Academic aims and Objectives of Teaching English Language
एक उद्देश्य एक वांछित लक्ष्य है जिसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. एस.आर. ब्लूम ने शैक्षिक उद्देश्य को "वांछित लक्ष्य या परिणाम जिस पर निर्देश का उद्देश्य है" के रूप में परिभाषित किया है। उदाहरण के लिए, यदि कोई शिक्षक चाहता है कि उसके छात्र बोलने के कौशल में सुधार करें, तो शिक्षक को बोलने के कौशल के लिए अपने उच्चतम स्तर का प्रयास करना होगा।
आखिरकार, एक छात्र के सुधार के लिए शिक्षक को अपनी सभी युक्तियों का पालन करना पड़ता है। तो बोलने के कौशल में सुधार का वांछित लक्ष्य बोलने का उद्देश्य होगा।अंग्रेजी में एक विषय के उद्देश्य अंग्रेजी पढ़ाने के कुछ सामान्य उद्देश्यों को साकार करने में मदद करते हैं। वो हैं-
1 .सटीक अंग्रेजी बोलने और लिखने में सक्षम करवाना | Enable speaking and writing accurate English:-
अंगेजी शिक्षण का एक मुख्य उद्देश्य होना चाहिए कि वह एक सही अंग्रेजी बोल और लिख सके। कोई भी काम तब तक पूरा नहीं है जब तक उसे सटीक तरीके से न किया जाये। एक अंग्रेजी अधयापक का ये उद्देश्य होना चाहिए कि उसने जो भी सिखाया है उस पर विद्यार्थी खरा उतरा है या नहीं।
2. English Grammar सिखाने के लिए अलग - अलग विधि का प्रयोग करना | Using Different Methods to Teach English Grammar :-
देखा गया है अंग्रेजी ग्रामर सीखने के लिए विद्यार्थी हमेशा ही तत्पर रहते है और ये तत्परता उस वक्त सामने आती है जब उनके Career की बात हो उससे पहले वे इतने तत्पर नहीं होते है। और जब अंग्रेजी भाषा को सीखने के बारे में सवाल पूछा जाता है कि आप क्यों नहीं सीख सकते हैं तो एक ही सवाल आता है कि Sir हमारे को इंग्लिश ग्रामर का knowledge नहीं है। इस लिए अंग्रेजी शिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह है कि अंग्रेजी भाषा सीखने से पहले अंग्रेजी भाषा की व्याकरण पर command की जाये और उसे सीखने के लिए उचित विधि का प्रयोग किया जाये। अर्थात English grammar का शिक्षण ऐसे करवाएं कि विद्यार्थी को उसे बार - बार Read करने की जरूरत न पड़े।
3. अंग्रेजी पढ़ाने के उद्देश्य के दो मुख्य पहलू | Two main aspects of the purpose of teaching English
अंग्रेजी शिक्षण के मुख्य रूप से दो पहलु हैं एक भाषा पहलु जिसमें शब्द, वाक्य, उच्चारण, वर्तनी और व्याकरण आते हैं। अगर अंग्रेजी शिक्षण में कोई भी इन पहलुओं पर सक्षमता हासिल कर लेता है तो उसका अंग्रेजी सीखने का उद्देश्य पूरा हो जाता है। दूसरा पहलु साहित्य पहलू होता हो अगर आपने English Grammar का ज्ञान प्राप्त का लिया है तो अंग्रेजी साहित्य पढ़ें जिससे आपके अंदर Stability और Patience का विकास होगा। इसलिए अंग्रेजी भाषा शिक्षण का ये उद्देश्य होना चाहिए कि दोनों ही पहलुओं पर काबू पाया जा सके। जहां तक छात्रों की कक्षा और उम्र का संबंध है, ये दोनों उद्देश्य एक दूसरे से भिन्न हैं। अन्य चार गुना उद्देश्य हैं-
1. शब्दार्थ-समझ से संबंधित।
2. ध्वन्यात्मक- ध्वनि वर्तनी और उच्चारण से संबंधित है।
3. ग्राफिक- लेखन से संबंधित।
4. फोनेटिक-कम-ग्राफिक- रीडिंग से निपटना।
आगे इन चार गुना उद्देश्यों से निम्नलिखित क्षमताओं को विकसित किया जा सकता है:
1. बोली जाने वाली अंग्रेजी को समझने के लिए।
2. अंग्रेजी बोलने की क्षमता।
3. अंग्रेजी पढ़ने की क्षमता।
4. अंग्रेजी लिखने की क्षमता।
इनमें से पहला और दूसरा उद्देश्य भाषा पर निष्क्रिय नियंत्रण से संबंधित है और तीसरा और चौथा उद्देश्य भाषा पर सक्रिय नियंत्रण से संबंधित है। थॉमसन और वायट ने कहा है, "पढ़ने से भाषण और लेखन में बाद में प्रगति होगी, भाषा का अंतिम उपयोग अधिक सटीक हो जाता है।"
4. कौशल और संज्ञानात्मक उद्देश्य | Skills and Cognitive Purpose
हर किसी भाषा को सीखने के लिए कौशल का होना जरूरी है इसलिए अंग्रेजी भाषा शिक्षण में बोलने का कौशल विकसित करने के लिए,,पढ़ने के कौशल को विकसित करने के लिए, लेखन कौशल विकसित करने के लिए, सुनने की क्षमता विकसित करने के लिए, छात्रों को व्याकरण के सही उपयोग के लिए सक्षम बनाने के लिए, छात्रों को भाषा के तत्व का विश्लेषण करने और भाषाई घटकों के बीच उचित संबंध स्थापित करने में सक्षम बनाना आदि की कौशल होने चाहिए।
इसके इलावा संज्ञानात्मक उद्देश्यों ज्ञान प्राप्त करना, अंग्रेजी बोलने और लिखने की कमजोरी का निदान करने के लिए, भाषाई घटकों की तुलना और वर्णन करने के लिए, अंग्रेजी भाषा के तत्वों को वर्गीकृत करने के लिए, गद्य, कविता, कहानी और नाटक का अर्थ पढ़कर समझना आदि शामिल है।
निष्कर्ष :-
निष्कर्ष में ये ही कहा जा सकता है कि "Aims and objectives of English language teaching" ये ही होने चाहिए जिससे कोई भी अंग्रेजी सीखने वाला अंग्रेजी का बेहतर ज्ञान हासिल सके और वह इस भाषा का उसी तरह प्रयोग कर सके जैसे वह मातृ भाषा या फिर पहली या दूसरी भाषा की तरह करता है।
अंग्रेजी भाषा शिक्षा के ये ही उद्देश्य होने चाहिए कि इस को सीखने के लिए सतत प्रयास किये जाएँ ताकि यह अन्य भाषा की तरह हर विद्यार्थी को आसान लगे। स्व-अभ्यास भाषा सीखने को तेज कर सकता है। रुचि और प्रेरणा के साथ यह अभ्यास एक स्वतंत्र अभ्यास है और इसका कोई विकल्प नहीं है। अंग्रेजी को सही ढंग से और ठीक से पढ़ाने के लिए अंग्रेजी शिक्षक को अंग्रेजी पढ़ाने के उद्देश्य और उद्देश्यों को जानना चाहिए।