उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बायोग्राफी (जीवनी) :- भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के युवा नेता और 2021 में वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारत के युवा नेताओं में से एक हैं। वे भारतीय जनता पार्टी से सबंध रखते हैं। जब से 2017 से उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला है अपने पद पर रहते हुए कई राजनीतिक काम किये हैं।
उनके कार्यों और सोच से राष्ट्रवादी विचारधारा की सोच साफ देखने को मिलती है। उन्होंने अपने राजनितिक कॅरियर की शुरुआत 1998 में की थी जब उन्होंने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर लोक सभा चुनाव क्षेत्र से चुनाव लड़े थे। आइये जानते हैं योगी आदित्यनाथ के जीवन परिचय, उनके बचपन, परिवार, शिक्षा , राजनीतिक सफर, उनके दुआरा किये गए कामों और उनके इतिहास के बारे में।
| योगी आदित्यनाथ |
योगी आदित्यनाथ | जन्म | परिवार | बचपन | गोरख नाथ मठ | राजनितिक कैरिएर | जुड़े कुछ विवाद |
योगी आदित्यनाथ बायोग्राफी
परिचय बिंदु | जीवन परिचय | |
1 | योगी आदित्यनाथ कौन है | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री |
2 | योगी आदित्यनाथ का जन्म स्थान | भारत पौड़ी गढ़वाल, उत्तरा खंड |
3 | गांव और तहसील का नाम | यमकेश्वर तहसील और पंचुर गाँव |
4 | जन्म तारीख | 5 जून, 1972 |
5 | पिता का नाम | आनंद देव बिष्ट |
6 | माता जी का नाम | सावित्री देवी |
7 | धर्म | हिन्दू धर्म |
8 | जाति | राजपूत, ठाकुर |
9 | शिक्षा | गणित में बी एस सी |
10 | हाइट | पांच फ़ीट चार इंच |
11 | व्यवसाय | सन्यासी और राजनेता |
12 | पत्नी का नाम | अविवाहित सन्यासी हैं |
13 | पार्टी का नाम | भारतीय जनता पार्टी |
14 | कब राजनीति में आये | 1998 में |
15 | उम्र 2022 के अनुसार | 50 वर्ष |
16 | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कब बने | 19 मार्च 2017 को |
17 | योगी आदित्यनाथ ने कब शपथ ग्रहण की | 20 मार्च 2018 |
योगी आदित्यनाथ का जन्म | Birth of Yogi Adityanath
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तर प्रदेश के पौड़ी गढ़वाल में हुआ था जो पहले उत्तर प्रदेश राज्य में था पर अब ये क्षेत्र भारत के उत्तरा खंड राज्य में आता था। जिस गांव में उनका जन्म हुआ था उसका नाम पंचुर है जो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के साथ लगते, उत्तराखण्ड के पौड़ी जिले में आता है।
उनका जन्म एक हिन्दू राजपूत घराने में हुआ था। उनका बचपन का नाम अजय मोहन बिष्ट था। योगी आदित्यनाथ अपने गांव में अक्सर भ्रमण करते रहते हैं और अपने पैतृक गांव की समस्याओं का हल करते हैं। 2017 में उन्होंने होली अपने ही गांव में मनाई थी। अपर उनका गांव तब भी सुर्ख़ियों में आया था जब 2019 में उनके गांव में पानी की दिक्कत आयी थी और उन्होंने उसका समाधान किया था।
योगी आदित्यनाथ का परिवार | Family
योगी आदित्यनाथ का जन्म एक हिन्दू परिवार में हुआ था। उनके पिता जी का नाम आनंद देव बिष्ट था जिनका देहांत 20 अप्रैल 2020 को 89 साल की उम्र में हुआ था। पेशे से उनके पिता जी का वन विभाग में रेंजेर के पद पर विराजमान थे और 1991 में अपने पद से रिटायर हुए थे। योगी आदित्यनाथ की माता का नाम सावित्री देवी है जो एक कुशल गृहिणी और धार्मिक विचारधारा रखने वाली एक हिन्दू नारी है।
योगी आदित्यनाथ के परिवार में उनके माता पिता और उनके इलावा 6 और भाई बहन हैं। परिवार में आदित्यनाथ योगी की तीन बड़ी बहने है,जो आदित्यनाथ योगी से बड़ी है और एक बड़े भाई है। योगी आदित्यनाथ अपने माता पिता की पांचवीं संतान हैं इसके बाद उनके दो उनसे छोटे हैं और दोनों ही छोटे भाई हैं। अगर उनके विवाहित जिंदगी की बात करें तो उन्होंने शादी नहीं की है। आइये जानते हैं योगी आदित्यनाथ के फैमिली ट्री के बारे में।
योगी आदित्यनाथ के फैमिली ट्री
1 | योगी आदित्यनाथ के पिता का नाम | आनंद सिंह विष्ट |
2 | माता का नाम | सावित्री देवी |
3 | कुल भाई बहन | सात |
4 | कुल भाई | तीन |
5 | भाइयों का नाम | महेंद्र सिंह बिश्त, शैलेंद्र मोहन और महेंद्र सिंह |
6 | कुल बहनें | दो |
7 | बहनों का नाम | पुष्पा देवी, कौशल्या और शशि देवी |
योगी आदित्यनाथ का बचपन
योगी आदित्यनाथ के बचपन की बात करें तो उनको बचपन से माता पिता का प्यार मिला था। उनके बचपन की दिलचस्प बात ये है की जब वे पढ़ाई कर रहे थे और प्राइमरी कक्षा में पढ़ते थे तो उनकी माता जी उन्हें अंग्रेजी के विषय में अक्षर ज्ञान की शिक्षा दिए करती थी। उनके पिता जी उन्हें बचपन में बहुत प्यार करते थे।
इसके इलावा उनके बचपन में बड़ी बहन उनके साथ स्कूल में जाया करती थी और उनके साथ भाई -बहन का प्यार बाँट कर इकठे स्कूल उनके साथ जाया करती थी। अगर उनके बचपन की बात करें तो उनका जीवन बहुत संघर्ष पूर्ण या चुनौतीपूर्ण तो नहीं था पर बचपन से उन्होंने एक सन्यासी बनने का फैसला कर लिया था इसलिए उन्होंने एक सन्यासी का रास्ता अपनाया था।
योगी आदित्यनाथ की शिक्षा | Education
योगी आदित्य नाथ योगी जरूर हैं पर इसका अर्थ ये नहीं की वे पढ़े लिखे नहीं हैं उन्होंने अपने पढ़ाई का सफर तय करने के बाद ही देश सेवा और योगी बनने का फैसला किया था। आइये जानते हैं उनकी शिक्षा के बारे में। योगी आदित्यनाथ ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पांच साल की उम्र में 1977 में टिहरी के गजा नामक स्कूल से शुरू की थी। 1977 से लेकर 1987 तक वे इसी स्कूल में रहे और उन्होंने 1987 में इसी स्कूल से दसवीं की परीक्षा हासिल की। इन दस सालों में उनके अंदर राष्ट्रवादी विचारधारा साफ देखने को मिलती थी।
1989 में उन्होंने इसी स्कूल से 12 वीं की परीक्षा पास की और 1989 में अगली शिक्षा के लिए ऋषिकेश जिले के श्री भरत मन्दिर इण्टर कॉलेज में उन्होंने दाखिला लिया और यहां से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। 1990 में अपने ग्रेजुएशन के सफर में वे अखिल भारतीय परिषद से जुड़े थे। 1992 में उन्होंने अपनी पढ़ाई का सफर पूरा किया जब उन्होंने श्रीनगर के हेमवती नन्दन बहुगुणा कॉलेज से गणित में बी एस सी की शिक्षा हासिल की जो गढ़वाल विश्वविद्यालय के अंतर्गत आता है।
योगी आदित्यनाथ की पत्नी या विवाहित जिंदगी के बारे में
आये दिनों हमेशा ये सवाल पूछे जाते हैं कि योगी आदित्य नाथ की पत्नी का नाम क्या है क्या वे विवाहित हैं या नहीं पर एक तर्क की बात है कि जो व्यक्ति 22 साल की उम्र में अपने घर को छोड़कर सन्यासी बन गया वह क्या विवाहित हो सकता है। योगी ने सन्यास धारण किया था वे साधु नहीं थे साधु का साधारण अर्थ ये होता है जो गृहस्थ आश्रम में रहकर भी साधु हो सकता है।
वे एक ऐसे सन्यासी हैं जिन्होंने अपने परिवार के बिना बताये सन्यास धारण किया हालाँकि उन्होंने एक इंटरव्यू में ये भी कहा था कि उनके परिवार वाले उनसे मिलने गोरखपुर भी गए थे पर उन्होंने जाने से इंकार कर दिया था। सन्यासी लोग भौतिक भोग विलास से दूर होते हैं हाँ ये बात है कि सन्यासी अच्छी शिक्षा दे भी सकता है और शिक्षत भी कर सकता है। कुछ लोग कहते हैं सन्यासी का राजनीती में क्या काम पर सन्यासी राजा भी हो सकता है और फकीर भी। इस बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं योगी शादी सुधा थे या कुंवारे।
योगी आदित्यनाथ एक आध्यात्मिक जीवन ओर गोरखनाथ मठ में सेवा
योगी आदित्यनाथ ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद ये फैसला कर लिया था कि वे एक राष्ट्रवादी विचारक बनेगे इसलिए उन्होंने 1993 में अपने युवा जिंदगी में 21 साल की उम्र में अपने घर से सन्यास लेने का फैसला किया। उनहोंने अपना घर छोड़कर उत्तर प्रदेश के गोरखनाथ मठ में अध्यात्मक ज्ञान के लिए शरण ली। 1993 में वे गोरखनाथ मठ के महायाजक महंत अवैद्यनाथ के शिष्य बन गए।
उन्होंने इस मठ में लगभग 21 साल अध्यात्मक ज्ञान की प्राप्ति की। सितम्बर 2014 में उनके शिक्षक महंत अवैद्यनाथ की किन्हीं कारणों से मौत हो गई। उनकी मृत्यु के बाद उन्हें गोरखनाथ मठ का महायाजक के पद पर नियुक्त किया गया। योगी आदित्यनाथ ने इस जीवन काल में एक पूर्ण सन्यासी और सच्चे देश भक्त की छवि पाई थी। यहां पर उन्होंने एक निष्पक्ष सेवादार के रूप में कार्य किया और मठ में अटल होकर बने रहे।
योगी आदित्यनाथ की राजनीती में शुरुआत
योगी आदित्यनाथ जब घर छोड़ कर गोरखपुर मठ के मुख्य महंत का राजनीति में कोई न कोई स्थान था अर्थात वे अपनी राजनीति में भी पैठ रखते थे। जब गोरखपुर मठ के मुख्य महंत की मृत्यु हो गई उसके बाद उन्हें गोरखपुर मठ का नेता चुना गया।
दूसरे शब्दों में अगर उनके राजनितिक कॅरियर की शुरुआत की बात करें तो उनका राजनितिक कॅरियर 1998 में शुरू हुआ था जब अवैद्यनाथ ने राजनीति से सन्यास ले लिया था। कुछ विचारक ये भी मानते हैं कि योगी आदित्यनाथ की राजनीति में शुरुआत उत्तर प्रदेश की छवि सुधारने के लिए कुछ हिन्दू राष्ट्रवादी नेताओं द्वारा करवाई गई थी क्योकि योगी आदित्यनाथ एक राष्ट्रवादी सोच वाले व्यक्ति हैं।
उन्होंने अपने अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत 1998 में 12 वीं लोकसभा के चुनाव के साथ की जब उन्होंने अपना पहला चुनाव जीता था जो उन्होंने गोरखपुर लोक सभा क्षेत्र से जीता था।
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योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफर / राजनीतिक कॅरियर
योगी आदित्यनाथ ने 1998 में पहली बार उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव लड़े। 1998 से लेकर मुख्यमंत्री के पद तक पहुँचने तक उन्होंने पांच बार गोरखपुर लोकसभा के लिए चुनाव जीते थे जानते हैं योगी आदित्यनाथ का सासंद का सफर।
इलेक्शन 1998 में योगी आदित्यनाथ का 1998 में पहला सासंद के रूप में चुनाव था और भारतीय लोकसभा का बाहरवां चुनाव था। इस चुनाव में उन्होंने 2,68, 428 वोट से जीत हासिल की थी। इस प्रकार वे उत्तर प्रदेश लोक सभा में सबसे कम उम्र में चुनाव जितने वाले सासंद बन गए थे जब उन्होंने 26 साल की उम्र में चुनाव जीता था।
गोरख पुर में 2004 में चौहदवीं लोक सभा के चुनाव हुए और उन्होंने ये चुनाव भी तीसरी बार जीत लिए और वे सांसद चुने गए।
पुरे भारत में 2009 में लोकसभा के आम चुनाव हुए और इस चुनाव में भी योगी ने चुनाव 4,03,156 मतों से जीता और चौथी बार सासंद चुने गए।
2014 में सोहलवीं लोकसभा चुनाव में भी आदित्यनाथ योगी ने 5,39,127 से जीत हासिल की और पांचवीं बार गोरखपुर के सांसद चुने गए।
योगी आदित्यनाथ को सांसद के रूप में दिए गए पद
योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के सांसद के रूप में पांच बार सेवा निभाई है उन्होंने संसद में रहेत हुए किन किन पदों पर काम किया उसका सक्षिप्त विवरण नीचे दिया गया है।
योगी की राजनीतिक छवि
ये भी एक दिलचस्प सा एक किस्सा है कि योगी आदित्यनाथ ने अपने जीवन में कभी भी अपने आप लड़ के चुनाव नहीं हारे हैं। पर 2018 में गोरखपुर लोकसभा सीट के लिए उनकी छवि को एक झटका जरूर लगा था। गौरतलब है कि 2017 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा आम चुनाव हुए थे और इन चुनावों भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत हासिल किया था।
इसके बाद गोरखपुर लोकसभा सीट खाली हो गई थी। 2018 में गोरखपुर चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपना प्रत्यासी उपेंद्र दत्त शुक्ल को खड़ा किया। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के युवा नेता प्रवीण कुमार निषाद को प्रत्यासी खड़ा किया गया। इस चुनाव में योगी के मुख्यमंत्री के होते हुए भाजपा को हार को सामना करना पड़ा।
इस चुनाव में भाजपा के उमीदवार और कुल 4,34,476 मिले थे और समाजवादी पार्टी के उमीदवार को 4,56,437 वोट मिले थे। इसी समय उनकी छवि पर कुछ फर्क पड़ा था। क्योकि लगातार पांच बार इस सीट पर इलेक्शन जीतने के बाद योगी को इस सीट को हाथ से खोना पड़ा था।
योगी आदित्यनाथ से जुड़े कुछ विवाद
उन्होंने लव जिहाद पर व्यान देते हुए ये कहा था कि अगर कोई मुसलमान लड़का लव जिहाद के नाम पर एक लड़की का धर्म परिवर्तन करवाता है तो वे 100 मुस्लिम लड़कियों का धर्म परिवर्तन करवाएंगे। 2015 में भी उन्होंने एक व्यान दिया था जो विवादों से घिर गया था उन्होंने ये कहा था कि वे सभी मंदिर मस्जिदों में गोरी गणेश की मूर्ति स्थापित करवा देंगे। 2015 में ही में उन्होंने योग के विरुद्ध बात करने वालों के लिए ये व्यान दिया था जो योग के विरुद्ध जाते है उन्हें समुन्द्र में दुब कर मर जाना चाहिए। इसी साल उन्होंने आज़म खान पर भी ये बात कही थी कि उन्हें तुरंत केबिनेट पद छोड़ देना चाहिए।
2016 का साल भी उनका साल विवादों भरा रहा जब उन्होंने अयोध्या के विवादित ढांचे, और मूर्ति विसर्जन पर व्यान दिया था। एक बार उन्होंने फिल्म एक्टर शाहरुख़ खान के इस व्यान का जवाब दिया था कि अगर शाहरुख़ खान असहिष्णुता पर तर्क सँगत व्यान नहीं देते हैं तो लोगो ने उन्हें एक स्टार बनाया है और लोग ही उन्हें गिरा भी सकते हैं।
इसके इलावा योगी आदित्यनाथ के "अब्बा जान" शब्द पर भी विवाद हुआ था जब उन्होंने ये कहा था "पूर्व की सरकार में अब्बा जान कहने वाले लोग गरीबों का राशन हजम कर लेते थे, लेकिन अब उनके राज्य में यह बंद हो गया है" इस व्यान को भी एक धर्म विशेष से जोड़ा गए था। योगी के व्यान एक राजनितिक और सामाजिक थे व्यान थे ओर उन्हें धर्म के नाम जोड़ने की कोशिश की गई थी।
क्या है योगी द्वारा हिंदू युवा वाहिनी का काम ?
आदित्य नाथ योगी ने अप्रैल 2002 में हिंदू युवा वाहिनी नामक संस्था का निर्माण किया था। इस संस्था का निर्माण 2002 में राम नवमी के दिन किया गया था। योगी आदित्य नाथ ने गोरखपुर में कुछ युवाओं को संगठित करके इस संस्था का निर्माण किया था। बाद में इस संस्था ने उत्तर प्रदेश में अपना विस्तार किया था। इस संस्था का मुख्य उदेश्य हिन्दू धर्म की रक्षा,लव जिहाद, हिन्दू देवी- देवताओं के अपमान और अपमानजनक टिप्पणियों को रोकना है।
प्रश्न :- योगी आदित्यनाथ का पूरा नाम क्या है ?
प्रश्न :- योगी आदित्यनाथ कितने पढ़े लिखे है ?
प्रश्न :-: योगी आदित्यनाथ के कितने भाई है ?
प्रश्न :- योगी आदित्यनाथ की पत्नी का नाम क्या है ?
प्रश्न :- योगी आदित्यनाथ के पिता का क्या नाम था ?
प्रश्न :- योगी आदित्यनाथ का क्रिमिनल रिकॉर्ड क्या है ?
प्रश्न :- योगी आदित्यनाथ का पर्सनल कांटेक्ट नंबर क्या है ?
प्रश्न :- योगी आदित्य नाथ पहली बार मुख्यमंत्री कब बने ?