भारत के सभी प्रधानमंत्रियों की सूची (आजादी से अब तक) | List of All Prime Ministers of India in Hindi

Indian Prime Ministers List in Hindi :- हां भारत का राष्ट्रपति भारतीय गणतंत्रीय प्रणाली का मुखिया होता हैं वहीँ भारत का प्रधानमंत्री भारत की प्रजा तंत्रीय प्रणाली का मुखिया होता। भारत में प्रधानमंत्री का चुनाव भारत के लोगों के द्वारा किया जाता है अर्थात भारत में चुने हुए नुमाइंदों में ही में भारत के प्रधानमंत्री का चुनाव होता है। भारत के प्रधानमंत्री बनने के लिए ये जरूरी है कि वह भारत की ससंद में किसी भी सदन लोक सभा या राज्य सभा का सदस्य हो। जहाँ भारत के राष्ट्रपति को देश का नाममात्र मुखिया माना जाता है वहीँ भारत के प्रधानमंत्री देश राजनैतिक प्रणाली में मंत्रिमंडल का मुखिया होता है।

आजादी से लेकर आज तक भारत के कुल 15 प्रधानमंत्रियों ने देश के प्रधानमंत्री पद संभाले हैं जिनमे एक | कार्यवाहक प्रधानमंत्री भी शामिल हैं जिनका नाम गुलजारी लाल नंदा है। नरेंद्र मोदी भारत के 14 वें प्रधानमंत्री 2019 में चुने गए थे। भारत की राजनैतिक घटना क्रम पर नजर डालें तो भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू थे जिनका कार्यकाल भारत के प्रधानमंत्री पद पर सबसे अधिक है। भारत की पहली प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी थे जिन्हे आयरन लेडी के नाम से भी जाना जाता है जो 1966 में भारत की प्रधानमंत्री बने ।

 



आज़ादी से लेकर अब तक भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची | List of Prime Ministers of India since independence

क्रम संख्या | प्रधानमंत्री का नाम

कार्यकाल और पार्टी सम्बन्धी विवरण

भारत पहले प्रधानमंत्री

पंडित जवाहर लाल नेहरू



भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जहरलाल नेहरू थे जिनक जन्म 1889 में हुआ था और उनकी मृत्यु 1964 में हुई थी। उन्होंने देश की आजादी के लिए योगदान दिया था। पंडित जवाहर लाल नेहरू इंडियन नेशनल कांग्रेस से सम्बंधित थे। आज तक भारत के सभी प्रधानमंत्रियों में उनक कार्यकाल अधिक रहा है। उनका भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल 15 अगस्त 1947 से लेकर 27 मई 1964 तक रहा जो 16 साल 286 दिन का बनता है। जवाहर लाल नेहरू के समकालीन या उनके कार्यकाल के समय भारत के दो राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद और डॉक्टर राधाकृष्णन थे।

 

भारत के पहले कार्यवाहक प्रधानमंत्री | Acting Prime Minister

गुलजारी लाल नंदा



भारत के दूसरे प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा थे जिन्हे पंडित जवाहर लाल नेहरू की मृत्यु के बाद भारत का कार्यवाहक प्रधानमंत्री चुना गया था। गौरतलब है कि भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का 27 मई में देहांत हो गया था इसलिए भारतीय सविंधान के अनुसार प्रधानमंत्री पद खाली नहीं रखा जाता है  इसलिए 27 मई को ही भारत का प्रधानमंत्री पद भर दिया गया था और गुलजारी लाल नंदा को भरत का पहला कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाया गया था गुलजारी लाल नंदा 27 मई 1964 से 9 जून तक भारत के प्रधानमंत्री पद पर बने रहे जो 13 दिन का था। भारत के दूसरे प्रधानमंत्री की 11 जनवरी 1966  को अचानक मृत्यु हो एक बार फिर से भारत का प्रधानमंत्री पद खाली हो गया था इसलिए इस पद को भरने के लिए फिर से गुलजारी लाल नंदा को याद किया गया और फिर से उन्हें भारत का कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाया गया गुलजारी लाल नंदा भारत के दूसरी बार 11 जनवरी 1966 से लेकर 24 जनवरी 1966 तक 13 दिन के लिए फिर से दूसरी बार भारत के कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने। गुलजारी लाल नंदा  समकालीन राष्ट्रपति डॉक्टर राधाकृष्णन थे।

|लालबहादुर शास्त्री



भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री थे जिनका जन्म 2 अक्टूबर 1904 में एक कश्यप हिन्दू परिवार में उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के मुग़ल सराये नामक स्थान पर हुआ था। वे देश के एक अच्छे राजनैतिक सिपाही थे और अपनी ईमानदारी के लिए जाने जाते थे। इंडियन नेशनल के सीनियर और ईमानदार नेता लाल बहादुर शास्त्री को भारत का प्रधानमंत्री चुना गया था। 


नेहरू की मृत्यु के बाद गुलजारी लाल नंदा भारत के कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने पर जल्द ही कांग्रेस पार्टी ने 9 जून को शास्त्री को प्रधानमंत्री बनाया। लाल बहादुर शास्त्री 9 जून से लेकर 11 जनवरी तक 216 दिन के लिए भारत के प्रधानमंत्री बने रहे 1966 में अचानक मौत के बाद प्रधानमंत्री पद पजीर से खाली हो गया था। लाल बहादुर शास्त्री जब भारत के प्रधानमंत्री थे तब भारत के राष्ट्रपति डॉक्टर राधाकृणन थे।

इंदिरा गाँधी



आज़ाद भारत  तीसरे प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी थे जो भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की बेटी थी और जिन्हे कड़े फैसलों के लिए जाना जाता था। इंदिरा गाँधी का जन्म 19 नवंबर  1917 में कश्मीरी पंडित पंडित नेहरू के खानदान में अलहाबाद में हुआ था  और 31 अक्टूबर 1984 में उन्हें उनके सिक्योरिटी गार्ड ने हत्या कर दी थी। । 


1959 में उन्हें इंडियन नेशनल कांग्रेस का अध्यक्ष बना दिया गया था। इंदिरा गाँधी भारत की चार बार भारत की प्रधानमंत्री रही। पहले वह 24 जनवरी 1966 से लेकर चार मार्च 1967 तक का रहादूसरा कार्यकाल उनका चार मार्च 1967 से लेकर 15 मार्च 1971 का रहा जो चार साल का था। तीसरा प्रधानमंत्री कार्यकाल उनका 15 मार्च 1971 से लेकर 24 मार्च 1977 तक का रहा। इस तरह उनका पहली तीन पारियों  में कुल 11 साल 59 दिन का कार्यकाल रहा। इंदिरा गाँधी चौथी बार भारत की प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और मोरार जी देसाई के बाद बानी थी। जब उन्होंने 14 मार्च 1980 से लेकर 31 अक्टूबर तक चार साल 291 दिन के लिए प्रधानमंत्री का पद संभाला। 


इस प्रकार अगर उनके को प्रधानमंत्री कार्यकाल की बात करें तो उनका प्रधानमंत्री कुल कार्यकाल 15 साल और 350 दिन का था जो लगातार नहीं था पर जवाहर लाल नेहरू के बाद प्रधानमंत्री पद पर सबसे अधिक समय के लिए आसीन रही।

मोरार जी देसाई



29 फरवरी 1896 में गुजराती ब्राह्मण परिवार में जन्मे मोरार जी देसाई भारत के चौथे प्रधानमंत्री थे। मोरार जी देसाई भारत के इंडियन नेशनल कॉग्रेस पार्टी से अलग पार्टी जनता पार्टी के ये पहले प्रधानमंत्री थे। आज़ादी के लिए भी मोरार जी देसाई का योगदान सराहनीय था। मोरार जी देसाई ने जुलाई 1969 तक इंदिरा गांधी सरकार में भारत के उप प्रधान मंत्री और वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया।  


जब प्रधान मंत्री गांधी ने उनसे वित्त विभाग वापिस लिया लेकिन उन्हें उप प्रधान मंत्री के रूप में सेवा करने के लिए कहा तो मोरार जी देसाई ने अपने स्वाभिमान के लिए इंदिरा गाँधी की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। मोरार जी देसाई भारत के प्रधानमंत्री 24 मार्च 1977 में बने और उनका कार्यकाल 28 जुलाई 1979 तक 2 साल और 126 दिन का रहा। मोरार जी देसाई ने भारत के राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी के साथ अपना कार्यकाल साँझा किया था।

चौधरी चरण सिंह


23 दिसम्बर 1902 उत्तर प्रदेश में जन्मे चौधरी चरण सिंह भारत के पांचवें प्रधानमंत्री थे और उनकी मृत्यु 29 मई 1987 में हुई थी। वे जनता पार्टी सेक्युलर पार्टी से थे। उनका भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल 28 जुलाई 1979 से लेकर 14 जनवरी  1980 तक 170 दिन का रहा था। चौधरी चरण सिंह भारत के ऐसे प्रधानमंत्री थे जो कभी लोकसभा में नहीं गए।

राजीव गाँधी



20 अगस्त 1944 में गाँधी परिवार में जन्मे भारत के छठे प्रधानमंत्री थे भारत के चौथे प्रधानमंत्री का कार्यकाल 31 दिसंबर  1984 से लेकर  2 दिसंबर 1989 तक पांच और 32 दिन का रहा। राजीव गाँधी इंडियन नेशनल कॉग्रेस (इंदिरा) के दूसरे प्रधानमंत्री थे। 

प्रधानमंत्री बनने से पहले राजीव गाँधी इंडियन एयर लाइन्स में एक प्रोफेशनल पायलट थे पर उनकी माता जी की मौत के बाद वे राजनीति में आये। राजीव गाँधी एक्टिव राजनीति में नहीं थे पर उनकी मदर इंदिरा गाँधी के समय सरदार बूटा सिंह और राष्ट्रपति जैल सिंह ने राजीव पर उनकी हत्या के कुछ ही घंटों के भीतर अपनी मां के बाद प्रधानमंत्री बनने के लिए दबाव डाला था। जब राजीव गाँधी भारत के प्रधानमंत्री थे तो उनके समकालीन भारत के दो राष्ट्रपति थे एक जाकिर हुसैन और दूसरे रामास्वामी वेंकटरमन।

वी. पी. सिंह



वी. पी. सिंह जिनका नाम विश्वनाथन प्रताप सिंह था भारत के सातवें प्रधानमंत्री थे उनका जन्म 25 जून 1931 में हुआ था और मृत्यु 27 नवंबर 1908 में हुई थी। सिंह 1969 में सोरांव से उत्तर प्रदेश विधान सभा के लिए कांग्रेस पार्टी के सदस्य के रूप में चुने गए थे। वे 1980 में उत्तर प्रदेश के प्रधानमंत्री बने। 1980 से 1982 तक वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। 1984 में इंडियन नेशनल कांग्रेस से वे राज्य सभा के सदस्य चुने गए। 

1984 से 1987 तक वे राजीव गाँधी के कार्यकाल में वित्त मंत्री रहे। 1987 में वे भारत के रक्षा मंत्री बने थे। वी पी सिंह में वे जनता दल में शामिल हो गए। वी पी सिंह 2 दिसंबर 1989 में जनता दल (नेशनल फ्रंट) पार्टी के पहले और भारत के सातवें प्रधानमंत्री बने थे। वी पी सिंह का कार्यकाल 2 दिसंबर 1989 से लेकर 10 नवंबर 1990 तक 343 दिन के लिए भारत के प्रधानमंत्री बने रहे।

चंद्र शेखर सिंह



जुलाई 1927 में उत्तर प्रदेश में जन्मे चंद्र शेखर भारत के आठवें प्रधानमंत्री थे। उन्होंने राजनैतिक शुरुआत समाजवादी आंदोलन से शुरू की थी और जिला प्रजा सोशलिस्ट पार्टी (पीएसपी) उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सचिव चुने गए थे। चन्द्रशेखर समाजवादियों के एक प्रमुख नेता थे। 1964 में वे कांग्रेस में शामिल हुए। 1962 से 1967 तक वे राज्यसभा के सदस्य रहे। 

उन्होंने पहली बार 1977 में लोकसभा में प्रवेश किया। आपातकाल के दौरान चंद्रशेखर जेल गए और उसके बाद वे जनता पार्टी के अध्यक्ष बने। संसदीय चुनावों मेंजनता पार्टी ने 1977 के भारतीय आम चुनाव के बाद मोरारजी देसाई की अध्यक्षता में सरकार बनाई। चंद्र शेखर सिंह 10 नवंबर 1990 में भारत के आठवें राष्ट्रपति बने और उनका कार्यकाल 21 जून 1991 तक 223 दिन का रहा 

पी. वी. नरसिम्हा राव




पी. वी. नरसिम्हा राव  जिनका नाम पमुलपर्ती वेंकट नरसिम्हा राव था भारत के नौवें प्रधानमंत्री थे जिनका जन्म 28 जून 1921 में उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने 1957 से 1977 तक आंध्र प्रदेश राज्य विधानसभा के लिए एक निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में कार्य किया और 1962 से 1973 तक आंध्र सरकार में विभिन्न राजनैतिक घटनाक्रम में वे 1971 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। पी. वी. नरसिम्हा राव इंडियन नेशनल कांग्रेस से चुने गए पांचवें प्रधानमंत्री थे। 


पी. वी. नरसिम्हा राव  का भारत के नौवें प्रधानमंत्री का कार्यकाल 21 जून 1991 से लेकर 16  मई  1996 तक चार साल और 330  दिन का रहा था।

अटल बिहारी वाजपेयी






भारत के दसवें और तेहरवें प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई थे जिनका जन्म 25 दिसंबर 1924 में उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनका राजनीति में योगदान सराहनीय रहा था। वे कुशल राजनेता थे जिन्होंने देश के लिए कई न भूलने वाले काम किये हैं। 1957 में उन्होने राजनीति में कदम रखा जब वे पहला लोकसभा चुनाव मथुरा से हार गए थे। इसके बाद उन्होंने इंदिरा गाँधी के समय आपातकाल में भारतीय जनता पार्टी की ओर से एक एक्टिव भूमिका निभाई। 


1967 में अटल ने पहली बार बलराम पुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीता। 16 मई 1996 में अटल भारत के दसवें प्रधानमंत्री बने पर उन्हें समर्थन न मिलने की वजह से प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा उनका पहला प्रधानमंत्री कार्यकाल 16 मई 1996 से लेकर 1 जून 1996 तक 13 दिन के लिए रहा। उनका दूसरा प्रधानमंत्री कार्यकाल 19 मार्च से लेकर 10 अक्टूबर 1999 तक 13 महीने के लिए रहा। अटल जी का तीसरा कार्यकाल 10 अक्टूबर 1999 से लेकर 22 मई 2004 तक रहा। उनका कुल प्रधानमंत्री कार्यकाल 6 साल और 64 दिन का रहा था।

हरदनहल्ली डोडे गौड़ा देवा गौड़ा





18 मई 1933 में कर्नाटका में जन्मे एच डी देवगौड़ा भारत के ग्यारवें प्रधानमंत्री थे। हरदनहल्ली डोडे गौड़ा देवा गौड़ा जनता दल (यूनाइटेड फ्रंट) के नेता थे। राजनैतिक घटना क्रम एच डी देवगौड़ा  1953 से लेकर 1962 तक इंडियन नेशनल कांग्रेस के एक्टिव सदस्य रहे। 1977 की आपातकाल में उन्होंने इंडियन नेशनल कॉग्रेस छोड़ दी थी। एच डी देवगौड़ा भारत के ग्यारवें प्रधानमंत्री 11 जून को बने और उनका प्रधानमंत्री कार्यकाल 1 जून 1996 से 21 अप्रैल 1997 तक 324 दी का रहा।

इंद्र कुमार गुजराल



इंद्र कुमार गुजराल जनता दल (यूनाइटेड फ्रंट) के दूसरे और भारत के बारहवें  प्रधानमंत्री थे जिनका जन्म 4 दिसंबर 1919 में पंजाब में हुआ था। इंद्र कुमार गुजराल ने 1958 में राजनीति में कदम रखा था और 1964 में इंदिरा गाँधी के कार्यकाल में वे राजयसभा के सदस्य बने। 1980 में उन्होंने इंडियन नेशनल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और जनता दल में शामिल हो गए। 21 अप्रैल 1997 में इंद्र कुमार गुजराल लालू प्रसाद यादवमुलायम सिंह यादव और कांग्रेस पार्टी के बाहरी समर्थन के कारण देश के 12th प्रधानमंत्री बने। इंद्र कुमार गुजराल का प्रधानमंत्री

कार्यकाल 21 अप्रैल 1997 से 19 मार्च 1998 तक 332 दिन तक रहा।

डॉक्टर मनमोहन सिंह



भारत के तेहरवें और सिख धर्म से पहले प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह थे जिनका जन्म 26 सितम्बर 1932 में  गुरुमुख सिंह और अमृत कौर के घर हुआ था। डॉक्टर मनमोहन सिंह इंडियन नेशनल कॉग्रेस के एक कार्यकर्त्ता थे। 1991 में डॉक्टर मनमोहन सिंह ने नरसिम्हा राव के समय राज्य सभा में चुने जाने के बाद अपना राजनैतिक करियर शुरू किया था। 


भारत के प्रधानमंत्री बनने से पहले डॉक्टर मनमोहन सिंह कई महत्वपूर्ण ादों पर रहे जैसे यु जी सी के चेयरमैन रहेभारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे। और जब उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री का कार्यकाल संभाला था तब वे राजयसभा के सदस्य थे। डॉक्टर मनमोहन सिंह 22 मई  2004 में भारत के प्रधानमंत्री बने। 


मनमोहन सिंह का पहला प्रधानमंत्री का कार्यकाल 22 मई  2009 से लेकर 22 मई 2009 तक पंचा साल का रहा और दूसरा कार्यकाल 22 मई 2009 से 26 मई 2014 तक रहा। इस प्रकार डॉक्टर मनमोहन सिंह का भारत के प्रधानमंत्री के रूप ,में कुल कार्यकाल 10 साल और 4 दिन का रहा था।

नरेंद्र मोदी



भारत के चौदहवें प्रधानमंत्री (14 वें) और इस वक्त के प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म 17  सितम्बर 1950 में एक गुजराती  हिन्दू फैमिली में हुआ था। उनके पास गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 13 साल का राजनैतिक अनुभव है। भारतीय जनता पार्टी में मेहनत और उनकी साफ छवि के कारण उन्हें 26 मई 2014 में भारत का प्रधानमंत्री बनाया गया था। 


उनका प्रधानमंत्री का पहला कार्यकाल 26 मई 2014 से लेकर 30 मई 2019 तक पांच साल का रहा। दूसरी बार 30 मई  2019 में नरेंद्र मोदी दूसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बने और आज भी भारत के प्रधानमंत्री हैं जिनका अभी तक 2022 तक प्रधानमंत्री के रूप में कुल कार्यकाल आठ साल का हो गया है।


Frequently Asked Questions


प्रश्न :-भारत के किस प्रधानमंत्री का कार्यकाल सबसे अधिक रहा ?

उत्तर :- अगर भारत के प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल की बात करें तो सबसे ज्यादा भारत के प्रधानमंत्री पद पर भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू रहे हैं जिनके कुल प्रधानमंत्री कार्यकाल 16 साल और 286 दिन का था और उन्होंने इस कार्यकाल में प्रधानमंत्री के रूप में चार बार 15 अगस्त 1947,




प्रश्न :- भारत के किस प्रधानमंत्री का कार्यकाल सबसे कम रहा ?

उत्तर :- सबसे कम प्रधानमंत्री कार्यकाल कार्यवाहक प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा का रहा है वे भारत के कार्यवाहक प्रधानमंत्री थे और उनका कुल कार्यकाल 26 दिन का रहा था जिसमें पहली बार जब वे 27 मई 1964 में भारत के कर्यवाहक प्रधानमंत्री बने और 9 जून तक प्रधानमंत्री 13 दिन के लिए रहे दूसरा कार्यकाल भी उनका 13 दिन का था जब वे लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद भारत के 11 जनवरी 1966 में प्रधानमंत्री बने और 24 जनवरी 1966 तक 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री रहे। 


कुल कार्यकाल की बात करें तो गुलजारी लाल नंदा का कार्यकाल सबसे कम रहा। जो 26 दिन का था। दूसरी तरफ अगर अटल बिहारी वाजपेयी की बात करें तो उनका प्रधानमंत्री कार्यकाल भी बहुत कम था जो 16 मई 1996 से लेकर 1 जून 1996 तक केवल 16 दिन का रहा था।



प्रश्न :- भारत में किस राज्य से सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री बने हैं ?

उत्तर :- भारत में उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य हैं जिसने भारत को, राजनैतिक घटनाक्रम में 9 प्रधानमंत्री दिया हैं। राजनैतिक घटना क्रम का अर्थ ये 9 प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश की राजनीति से आगे उठकर भारत के प्रधानमंत्री बने हैं। गौरतलब है कि ये जरूरी नहीं इन 9 प्रधानमंत्रियों में सभी का जन्म उत्तर प्रदेश में ही हुआ है। उत्तर प्रदेश से बने प्र्धानमत्रियों के बारे जानने के लिए में यहां देखें।



प्रश्न :- भारत में दक्षिण भारत के कितने प्रधानमंत्री हुआ हैं ?

उत्तर :-  प्रदेश की राजनीति ने भारत को पहला प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव दिए हैं जिनका जन्म भी आंध्रप्रदेश की तेलगु फॅमिली में हुआ था और राजनीति की शुरुआत आँध्रप्रदेश से ही की थी। दूसरे प्रधानमंत्री एच् डी देवगौड़ा थे जिन्होंने राजनीति में उत्तर भारत के कर्नाटका से राजनीति की शुरुआत की थी और उनका जन्म भी कर्नाटका में हुआ था जो अब तेलंगना का हिस्सा है।



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Rakesh Kumar

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