तीसरा भारतीय राष्ट्रपति चुनाव 1962 | Third Indian Presidential Election 1962 in Hindi

भारत के राष्ट्रपति चुनाव 1962 की बात करें तो ये भारत के लिए तीसरा राष्ट्रपति चुनाव था इससे पहले राष्ट्रपति का चुनाव आज़ादी के बाद 24 जनवरी 1950 में हुआ था जब भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद बने थे। डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को किसी भी प्रतिद्वंदी का सामना नहीं करना पड़ा था अर्थात उन्हें निर्वरोध चुना गया था इसके बाद दूसरे राष्ट्रपति चुनाव 1952 में हुए थे जब राजेंदर प्रसाद के चार और प्रतिद्वंदी थे पर डॉक्टर राजेंदर प्रसाद ने एक बड़ी जीत हासिल की थी और 1952 से 1957 तक वे पांच सालों के लिए भारत के राष्ट्रपति रहे। 

 


डॉक्टर डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद का दूसरा राष्ट्रपति कर्यकाल 4 मई 1957 को पूरा होना था। इसके बाद 1957 में भी डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भारत के राष्ट्रपति चुने गए और पांच सालों के लिए 1962 तक राष्ट्रपति रहे। इसके बाद 1962 में राष्ट्रपति के चुनाव हुए जिनकी कुछ जानकारी नीचे दी गई है।


राष्ट्रपति चुनाव 1962 | Presidential election 1962


डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद का कार्यकाल पूरा होने के बाद 13 नै 1962 में डॉक्टर राजेंदर प्रसाद ने राष्ट्रपति पद छोड़ दिया था इसके पीछे कारण उनका निजी भी था और उनका कार्यकाल भी पूरा हो गया था। वे 12 साल और 107 दिनों के लिए भारत के राष्ट्रपति रहे जो आज तक भारत के राष्ट्रपतियों के कर्यकाल में सबसे ज्यादा है।

1962 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए तीन उम्मीदवारों ने अपना नाम नामांकित किया था जिसमे डॉक्टर राधकृष्णन, चौधरी हरी लाल और यमुना प्रसाद त्रिसूला का नाम प्रमुख था। गौरतलब है की इसमें जो कैंडिडेट चौधरी हरि लाल त्रिशूला थे वे लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति बार चुनाव लड़ रहे थे इससे पहले वे डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद से चुनाव एक बड़े अंतराल से हार चुके थे। 1962 के राष्ट्रपति चुनावों में डॉक्टर राधाकृष्णन के निकटतम प्रतिद्वंदी चौधरी हरि लाल ही थे पर डॉक्टर ने उन्हें फिर से एक बड़े अंतराल से हरा दिया था।

 

1962 राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे | 1962 Presidential election results
 

1962 में राष्ट्रपति चुनाव के लिए तीनो प्रतियाशियों को 16 अप्रैल 1962 को अपना नाम नामांकित करने के लिए बुलाया गया था। 16 अप्रैल 1962 में तीनो ने अपना नाम नामांकित किया और 18 अप्रैल को सभी उम्मीदवारों के नामांकन की छंटनी की गई। चुनाव आयोग के पांच दिन के दिये गए समय के बाद भी तीनों उम्मीदवारों ने 21 अप्रैल तक अपना नाम वापिस नहीं लिया। 

 

सात अप्रैल 1962 को चौथी बार राष्ट्रपति का चुनाव हुआ जो सात अप्रैल 1962 में हुआ था इस राष्ट्रपति चुनाव के बाद 11 अप्रैल 1962 को राष्ट्रपति चुनाव की गणना की गई जिसमें डॉक्टर राधाकृष्णन ने दो अन्य उम्मीदवारों को एक बड़े अंतराल से हरा दिया था। 1962 राष्ट्रपति चुनाव में कुल 5629 (पांच लाख बासठ हजार) 45 वोट पड़े थे जिसमें डॉक्टर राधाकृष्णन को 553067 वोट मिले थे दूसरे नंबर पर चौधरी हरी सिंह रहे थे जिन्हे मात्र 6341 वोट मिले थे और तीसरे नंबर वाले कैंडिडेट यमुना प्रसाद त्रिसूलिया को 3537 वोट मिले थे। 

 

डॉक्टर राधाकृष्णनन ने अपने प्रतिदव्न्दी को एक बड़े अंतराल अर्थात 546726 वोटों से हराया था। इस प्रकार डॉक्टर राधाकृष्णन भारत के दूसरे राष्ट्रपति चुने गए थे।
 

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1962 में जब डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद दूसरी बार राष्ट्रपति चुने गए उस वक्त भारत के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू थे। जवाहर लाल नेहरू के जीवन परिचय के बारे में और राजनीतिक सफर के बारे में जानना चाहते है तो यहाँ देखें। 

 

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राधाकृष्णन देश के दूसरे राष्ट्रपति


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Rakesh Kumar

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