Axar Patel Biography in Hindi:-
आज भारत ही नहीं पूरी दुनिया ही क्रिकेट की दीवानी बनी हुई है। भारत के खिलाडी भी पाना जलवा दिखा रहे हैं कहीं जसप्रीत बुमराह अपनी गेंदबाजी से क्रिकेट प्रेमियों का मनोरंजन कर रहे हैं तो कहीं कहीं हार्दिक पांड्या अपने आल राउंडर होने का हुनर दिखा रहे हैं। आज भारतीय टीम की ये विशेषता है कि इस टीम में केवल बड़े शहरों के खिलाडी ही अपना अच्छा प्रदर्शन देखा रहे हैं पर छोटे शहरों से निकले खिलाडी भी बहुत अच्छा प्रदर्शन दिखा रहे हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम के एक युवा खिलाडी हैं जिन्होंने भारतीय टीम का नाम रोशन किया है उनका नाम है अक्षर पटेल। अपने आई पी एल, वन डे, टेस्ट मैच में कॅरियर, में क्या जलवे दिखाए हैं जानते हैं अक्षर पटेल के जीवन परिचय और कॅरियर के बारे में।
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अक्षर पटेल बायोग्राफी ( जीवन परिचय)
- अक्षर पटेल के पिता जी का नाम --- राजेश पटेल
- पूरा नाम --- अक्षर राजेश भाई पटेल
- माता जी का नाम --- प्रीतिबेन पटेल
- जन्म स्थान --- गुजरात राज्य, आनंद गांव
- पैतृक गांव --- का नामनाडियाड गुजरात
- जन्म तारीख ---20 जनवरी 1994
- प्यारा नाम ---अक्कू
- व्यवसाय --- भारतीय क्रिकेटर
- घरेलू टीम जिनेक लिए खेले --- गुजरात, XI पंजाब, मुंबई इंडियंस
- हाइट --- 1.82 मीटर, पांच फ़ीट 9 इंच
- शिक्षा --- इंजिनिअरींग पर ड्रॉपआउट
- विवाहित और अविवाहित --- अविवाहित
- जिंदगी का आदर्श --- संजय भाई पटेल
- किसने क्रिकेट के लिए प्रोत्साहित किया --- Dhiren Kansara ने
- वनडे जेर्सी नंबर --- # 20
- हॉबी ---तैरना
- कोच का नाम --- दिनेश नानावती, वी वेंकटरमा और मुकुंद परमार
- बचपन के कोच का नाम --- संजय भाई पटेल
- भारतीय पसंदीदा बैट्समैन --- युवराज सिंह
- भारतीय पसंदीदा बॉलर --- हरभजन सिंह
- पसंदीदा गायक --- यो यो हनी सिंह
- सलाना कमाई --- 30 करोड़
- बॉलिंग स्टाइल --- लेफ्ट आर्म स्पिन
- पहला अंतराष्टीय वनडे मैच कब खेले --- 2014 में
- पहला वनडे किसके विरुद्ध खेले --- बांग्लादेश के विरुद्ध
- पहला टेस्ट मैच कब खेले --- 2021 में
- पहला टेस्ट मैच किस टीम के विरुद्ध खेले --- इंग्लैंड के विरुद्ध
अक्षर पटेल का जन्म और परिवारिक जीवन | Birth and Family Life of Akshar Patel
भारतीय क्रिकेटर अक्षर पटेल का जन्म भारत के गुजरात राज्य के आनंद नामक स्थान में 20 जनवरी 1994 में हुआ था। उनके पिता जी नाम राजेश पटेल है और माता जी का नाम प्रीतिबेन पटेल है। अक्षर पटेल के एक बड़े बही हैं जिनका नाम सनशिप पटेल है जो एक पी अच् पी डेवलपर हैं। उनकी एक बड़ी बहन भी है जिसका नाम शिवांगी पटेल है जो सेल्स रिप्रेजेन्टेटिव का काम करती है।
जहां तक उनके परिवार की बात करें उनका परिवार एक छोटा परिवार है और एक खुशहाल परिवार है। माता जी का धार्मिक किस्म हिंदुस्तानी औरत है जो अपने परिवार का पूरा ध्यान रखती है और दूसरी तरफ उनके पिता जी एक मेहनती इंसान हैं राजेश पटेल अक्षर पटेल के पिता एक बिनम्र और थोड़े सख्त स्वभाव के हैं जो परिवार में अनुशासन बनाने में कोई भी कर नहीं छोड़ते हैं।
अक्षर पटेल की शिक्षा और बचपन | Education and Childhood of Axar Patel
कहते हैं इंसान सोचता कुछ है और होता कुछ है इससे मुक्क्दर के करिश्मा कहें या फाई वक्त का हेर फेर, पर भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर अक्षर पटेल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। उनके पिता जी ने उनकी पढ़ाई उन्हें स्कूल में डाला था और उनके पिता जी ये चाहते थे की वे एक इंजीनियर बने। दअसल बात ये थी की अक्षर पटेल के पिता ये नहीं चाहते थे कि वे क्रिकेट की दुनिया में जायें इसके पीछे ये बात नहीं थी कि वे उन्हें प्रोत्साहित नहीं करते थे।
अक्षर पटेल ने इंजीनियरिंग भी कर ली थी। अक्षर पटेल ने इंजीनिरिंग की और अपने मां बाप का सपना भी पूरा किया था। बचपन में वे शरारती किस्म के इंसान थे और उनकी शरारतों की वजह से उन्हें अपने पिता जी से डांट भी पड़ जाती थी। एक दिलचस्प किस्सा उनके बचपन से और भी जुड़ा हुआ है कि वे बचपन में कुत्तों से बहुत डरा करते थे जब भी वे कुत्ता देखते थे उसी वक्त पीछे की और मुड़ जाते थे चाहे कुत्ता उन्हें भोंके या न भी।
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दरअसल बात ये है कि अक्षर पटेल के पिता जी हमेशा इस बात की टेंशन में रहते थे कि क्या वे एक सफल इंजीनियर बन पाएंगे। अक्षर पटेल की जिंदगी में टर्निंग पॉइन्ट तब आइए जब संजय भाई पटेल जो गुजरात के खेड़ा जिले के रहने वाले थे और वे 2008 में अक्षर पटेल से मिले और उन्होंने अक्षर पटेल की क्रिकेट खेलने की प्रतिभा को पहचाना।
वे 1996 - 2015 तक खेड़ा जिला क्रिकेट के सचिव और सहसचिव रहे थे। जब उन्होंने अक्षर पटेल की लेफ्ट आर्म स्पीन को देखा तो उन्हें इस बात का आभाष हो गया की वे एक अच्छे बॉलर बन सकते हैं। संजय भाई पटेल अक्षर पटेल के पिता जी से बात की क्योकि उनके पिता जी ये सोचते थे कि अक्षर पटेल का शरीर हल्का है इसलिए वे मैदान में खेल नहीं सकते हैं।
संजय भाई पटेल के कहने पर वे मान गए और जब अक्षर पटेल 14 साल के थे उन्हें लेफ्ट आर्म स्पिनर की कोचिंग ऐना शुरू कर दिया। उसके बाद उनके पिता जी ने उनके क्रिकेट करियर में बहुत योगदान दिया और उन्हें एक जिम ज्वाइन भी करवाया था ताकि उनका शरीर और भी ज्यादा ग्रो हो।
दोस्तों नाम
में
गड़बड़ी
तो
भारत
में
एक
क्लेरिकल मिस्टेक भी
कही
जा
सकती
है
ऐसा
हर
किसी
के
साथ
हो
सकता
है
अगर
हम
नाम
के
शब्दों
की
गड़बड़ी
की
बात
करें
तो
ये
1989 से
पहले
बहुत
ज्यादा
थी
पर
उसके
बाद
भी
ये
मामले
सामने
आये
हैं।
अक्षर
पटेल
का
जन्म
तो
1989 बाद
हुआ
था
भी
कैसे
उनके
नाम
में
अचानक
बदलाव
आया।
कैसे
वे
“Akshar Patel ” से
Axar Patel बन
गए।
ये घटना उनके स्कूल लाइफ की है जब उन्होंने स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट अप्लाई किया था और एक क्लेरिकल मिस्टेक से उनका नाम “Akshar Patel ” से Axar Patel हो गया था उसके बाद उन्होंने अपने नाम को ठीक नहीं करवाया और आज भी वे Axar Patel के नाम से जाने जाते हैं।
अक्षर पटेल ने जब क्रिकेट के लिए कोचिंग केना शुरू किया था तब वे एक बैट्समैन बनना चाहते थे। पर उनके कोच ने उनकी लेफ्ट आर्म स्पिन को पहचान और वे एक सफल बॉलर और बैट्समैन बन गए। उन्होंने डेमेस्टिक क्रिकेट में शुरुआत गुजरात टीम के लिए खेलकर की थी। उन्होंने अपने डोमेस्टिक क्रिकेट करियर में 134 मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने शानदार 134 विकेट लिए हैं। दूसरी तरफ उनकी डोमेस्टिक क्रिकेट में बैटिंग की बात करें तो उन्होंने 134 मैचों में 1642 रन बनाये है जिसमें 13 अर्धशतक और 1 सेंचुरी शामिल है।
उसके
बाद
उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में
काउंटी
मैच
में
भी
शानदार
प्रदर्शन किया
है
जब
उन्होंने साल
2018 में
काउंटी
मैच
में
54 रन
दिए
थे
और
सात
विकेट
किये
थे।
यही
नहीं
उन्होंने इसी
मैच
में
शानदार
95 रन
भी
बनाये
थे।
इसके
बाद
वे
इंडियन
टीम
की
सेलेक्टर्स की
नजरों
में
एक
अच्छे
क्रिकेटर और
आल
राउंडर
के
रूप
में
आ
गए।
2013 में
उन्होंने आई
पी
टीम
पंजाब
के
लिए
खेलना
शरू
किया।
किंग्स
इलेवन
पंजाब
के
लिए
अच्छा
खेलते
हुए
उन्होंने अंतराष्ट्रीय मैचों
के
लिए
खेलना
शुरू
किया।
अक्षर पटेल ने आई पी एल सीजन 2014 में अच्छा प्रदर्शन किया था इसलिए भारतीय चयनकर्ताओं का ध्यान उनकी तरफ गया जो एक अच्छे All रॉउंडर के तौर पर उभर रहे थे। उन्होंने अपने वनडे करियर की शुरुआत बांग्लादेश दौरे पर की जो 2014 में था। ये मैच बांग्लादेश के ढाका में खेला गया था। ीा मैच में बांग्लादेश ने नौ विकेट खोकर 271 रन बनाये थे बदले में इण्डिया टीम ने खेलते हुए 24. 5 ओवर में 153 रन बनाये थे और ये मैच बारिश की वजह से रोकना पड़ा था। डकवर्थ लेविस मेथड से ये मैच बांग्लादेश ने जीत लिया था।
ये मैच अक्षर पटेल खेले जरूर थे पर वे न तो उन्हें बॉलिंग और न ही उन्हें बैटिंग का मौका मिला था। आज तक अक्षर पटेल ने 38 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 181 रन बनाये हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 38 रहा है जिसमे कोई भी शतक और अर्धशतक शामिल नहीं है। दूसरी और उन्होंने 38 मैचों में बॉलिंग करते हुए 1409 रन दिए हैं और 45 विकेट लिए हैं।
अक्षर पटेल का टेस्ट मैच में प्रवेश और कॅरियर / अक्षर पटेल को भारतीय टीम में कब मौका मिला ? | Akshar Patel's entry in Test match and Career / When did Axar Patel get a chance in the Indian team?
अक्षर पटेल ने अपना टेस्ट मैच में खेलने का करियर चणस्वामी स्टेडियम भारत में फरवरी 2021 में किया था जब उन्होंने इंग्लैंड के विरुद्ध पहला मैच खेला था। ये भारत का दूसरा टेस्ट मैच था। इस मैच में भारतीय टीम की जीत हुई थी और 317 रन से ये मैच जीत लिया था। अपने टेस्ट मैच डेब्यू में वे बैटिंग में कुछ खास तो नहीं कर पाए थे और मात्र पांच रन बनाये थे। पर उनका बॉलिंग का रिकॉर्ड अच्छा रहा था और उन्होंने 20 ओवर में 40 रन देकर इंग्लैंड के दो विकेट चटकाए थे। उनकी औसत अच्छी थी इस वजह से भारतीय टीम ये मैच जीत गई थी।
Note:- In This Biography Data is Till August 2021
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