वर्ष 2022 में भारत गुजरा इन राजनीतिक गतिविधियों से :-
Indian major political events, issues and incidents 2022 in Hindi :-भारत में 2022 का साल जहां कुछ दुखद घटनाओं का रहा, हमने लता मगेशकर और विरजू महाराज को खो दिया वहीँ साल के शुरू में जम्मू कश्मीर में भगदड़ की वजह से कुछ नागरिकों को कहना पड़ा।
जहां मशहूर गायक सिद्धू मुशे वाला को खो दिया वही कुछ ऐसे राजनीतिक ब्यान सामने आये जिससे देश की एकता अखंडता को खतरा महसूस होने लगा। 2022 की सभी घटनाओं में से देश में राजनीतिक हलचल भी रही आइये जानते हैं 2022 का साल राजनीतिक घटनाक्रम में कैसा रहा और 2022 में क्या-क्या पोलिटिकल इवेंट्स (Political Events) सामने आये।
भारत के सभी राज्यों का राजनीतिक घटनाक्रम जनवरी से दिसंबर तक :-
साल के शुरू में देश के पांच राज्यों में चुनाव का एलान :-2022 के शुरू होते ही राजनीतिक हलचल शुरू हो गई थी और 8 जनवरी को भारतीय चुनाव आयोग ने भारत के पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा क्र दी थी। चुनाव आयोग ने पांचो राज्यों में तीन चरणों में चुनाव कराने का फैसला किया था। चुनाव आयोग ने भारत के सबसे राज्य उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी, मणिपुर में 27 फरवरी और अन्य तीन राज्यों उत्तरखंड। गोवा और पंजाब में 14 फरवरी को चुनाव कराने का फैसला लिया गया था।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में चार में बीजेपी आई चार राज्यों और पंजाब में सत्ता परिवर्तन :-
चूँकि पांच राज्यों में चुनाव की तारीखें अलग थी अपर चुनाव आयोग में पांचों राज्यों मतगणना की तारीख एक ही 10 मार्च निश्चित की थी। जब 10 मार्च 2022 में पांचों राज्यों के चुनाव के नतीजे सामने आये तो पांचों राज्यों में से चार राज्यों में, उत्तर प्रदेश, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में बीजेपी ने अपना अधिपत्य जमाया और भारतीय जनता पार्टी के सीएम चुने गए। इसके उलट पंजाब में जनता ने सभी पुराणी पार्टियों को नाकार दिया और आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब में पहली बार सत्ता में आने में कामयबा रही।



उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की वायसी :-
10 मार्च 2022 में जब देश के सबसे बड़े जनसंख्या वाले राज्य में चुनाव के नतीजे आये तो भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता योगी आदित्यनाथ ने फिर से यूपी में बीजेपी को जीत दर्ज करवाई और उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनकर सामने आई। उत्तर प्रदेश में कुल 403 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव हुए और 403 में पूर्ण बहुमत के लिए 202 सीटों की जरुरत थी। उत्तर प्रदेश में कुल सात चरणों में 10 फरवरी, 14 फरवरी, 20 फरवरी, 23 फरवरी, 27 फरवरी, 3 मार्च और 7 मार्च को मतदान मतदान किया गया था।
10 मार्च 2022 में जब देश के सबसे बड़े जनसंख्या वाले राज्य में चुनाव के नतीजे आये तो भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता योगी आदित्यनाथ ने फिर से यूपी में बीजेपी को जीत दर्ज करवाई और उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनकर सामने आई। उत्तर प्रदेश में कुल 403 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव हुए और 403 में पूर्ण बहुमत के लिए 202 सीटों की जरुरत थी। उत्तर प्रदेश में कुल सात चरणों में 10 फरवरी, 14 फरवरी, 20 फरवरी, 23 फरवरी, 27 फरवरी, 3 मार्च और 7 मार्च को मतदान मतदान किया गया था।
10 मार्च को जब चुनाव के नतीजे सामने आये तो बीजेपी ने 403 में से 255 सीटों पर जीत हासिल की और योगी आदित्यनाथ को यूपी का दूसरी बार सीएम बनाया गया था। उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 2017 के चुनाव के बदले नुकसान हुआ था। 2017 में बीजेपी ने कुल 312 सीटें हासिल की थी पर 2022 में कुल 255 सीटें ही हासिल कर पाई।
पंजाब में हुआ सत्ता परिवर्तन आई आम आदमी पार्टी की सरकार :-
इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि पंजाब की जनता पुराणी पार्टियों आकाली दल और कांगेस से शायद नाराज थी। इसलिए पंजाब में 2022 में एक बहुत बड़ा राजनीतिक उलट फेर हुआ और आम आदमी पार्टी ने पहली बार सरकार बनाई। पंजाब के आम आदमी पार्टी के बड़े नेता भगवंत मान को पंजाब का सीएम बनाया गया।
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान पहले भी पंजाब से संगरूर लोकसभा से इलेक्शन जीत चुके थे। पंजाब में कुल 117 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव हुआ था और बहुमत के लिए किसी भी पार्टी को 59 सीटें चाहिए थी। पंजाब में आम आदमी पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार करके 92 सीटें हासिल की थी। दूसरी और विपक्ष में इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी है जिसके पास को कुल 18 सीटें है। अन्य पार्टियां पंजाब में 10 का आंकड़ा भी नहीं छू सकी और आकाली दल को कुल तीन, बीजेपी को 2 , बसपा को एक और एक ही अज्जाद उमीदवार चुनाव जीत पाए थे।
गोवा, उत्तरखंड और मणिपुर में भारतीय जनता पार्टी की सरकार :-
जहां उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार बनाने में कायम रही वहीँ भारत के तीन अन्य राज्यों गोवा,उत्तरखंड और मणिपुर में भी भारतीय जनता पार्टी ने बीजेपी की सरकार बनाई। 2022 में गोवा में कुल 40 सीटों के लिए विधानसभा चुनाव हुए थे और किसी भी पार्टी बहुमत हासिल करने के लिए कुल 18 सीटें चाहिए थी।
2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 40 में से 20 सीटों पर जीत हासिल की थी। विपक्ष में गोवा में इंडियन नेशनल कॉग्रेस पार्टी बैठी जब्कि उसे 11 सीटें मिली थी। पंजाब में जलवा दिखाने वाली आम आदमी पार्टी को गोवा में केवल 2 ही सीटें प्राप्त हुई।
भारत के पूर्वी राज्य मणिपुर भी बीजेपी ने अपना सिक्का जमाया और 60 विधानसभा सीटों में 32 सीटें प्राप्त की। उत्तराखंड में भी अन्य पार्टियां कुछ ज्यादा राजनीतिक हलचल नहीं दिखा सकीं और बीजेपी 70 में से 47 सीटें जीतकर एक बड़ी पार्टी बनकर सामने आई थी।
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल का पार्टी छोड़ना :-
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल का पार्टी छोड़ना :-
भारत में एक और राजनीतिक घटना सामने आई थी जब इंडियन नेशनल कांग्रेस के सीनियर नेता कपिल सिब्बल ने 16 मई को कांग्रेस पार्टी को छोड़ने का एलान किया था और राज्य सभा के सदस्य के रूप में एक आजाद उमीदवार के रूप में नामांकन किया था। उनका इस बात के लिए अखलेश यादव ने समर्थन किया था। कॉग्रेस पार्टी के लिए 2022 में ये सबसे बड़ा झटका था।

महाराष्ट्र में भी हुआ राजनीतिक ड्रामा जब एकनाथ शिंदे बने सीएम :-
जून 2022 में महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य में भी राजनीतिक हलचल सामने आई और ये सियासी ड्रामा पार्टी शिव सेना के बीच हुआ था। जून 2022 से पहले बाल ठाकरे की शिव सेना सत्ता में थी अउ उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के सीएम थे पर एकनाथ शिंदे ने अपने मुख्यमंत्री पद के लिए तब बिगुल बजाया जब शिव सेना के कुछ विधायकों ने उद्धव ठाकरे को अपना नेता मानने से इंकार कर दिया।
शिव सेना की बागी नेता एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे। राजनितिक हलचल लगभग 10 दिन चली और अंत में भारतीय जनता पार्टी के समर्थन और बागी नेताओं के समर्थन से एक नाथ शिंदे को महाराष्ट्र का सीएम बनाया गया था।
30 जून को उद्धव ठाकरे ने माननीय सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दायर की थी अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ शिवसेना की स्थगन से सबंधित थी पर सुप्रीम कोर्ट ने उसे स्वीकार नहीं किया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस्तीफ देना पड़ा था। 5 जुलाई 2022 में एकनाथ नाथ शिंदे ने 164 विधायकों के साथ शक्ति प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री बने थे।
नेशनल हेराल्ड भ्रष्टाचार मामला भी 2022 में बहुत चर्चा में रहा जब 13 जून 2022 में इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गाँधी को प्रवर्तन निदेशालय ने समन जारी किया था और पूछताछ के लिए बुलाया था। कुछ कार्यकर्तों नेशनल कांग्रेस पार्टी के विरोध में धरना प्रदर्शन भी किया था और इसी आरोप में लगभग 400 लोगों को हिरासत में लिया गया था।
इस केस के तहत राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी पर लगभग 5000 करोड़ की कीमत के गबन का आरोप था। ये मामला निजी लाभ के लिए भ्र्ष्टाचार का नहीं था बल्कि धोखाधड़ी और गबन का मामला था।
विपक्ष ने की जसवंत सिन्हा को राष्ट्रपति पद उमीदवार की घोषणा :-
जुलाई 2022 में भारतीय राष्ट्रपति चुनाव होना था और इसके लिए राजनीतिक हलचल जून में ही शुरू हो गई थी। साल 2022 जून में ही में विपक्ष ने, U.P.A ने अपने राष्ट्रपति पद के उमीदवार की घोषणा कर दी थी। दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने द्रोपती मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए नामांकित किया थऔर आज वे भारत के वर्तमान राष्ट्रपति हैं।
23 जुलाई में पश्चमी बंगाल के नेता पार्थ चटर्जी ED द्वारा किये गए गिरफ्तार :-
23 जुलाई में पश्चमी बंगाल के नेता पार्थ चटर्जी ED द्वारा किये गए गिरफ्तार :-
भारत का पूर्वी राज्य भी राजनीतिक हलचल से परे नहीं रहा जबकि वहां तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया गया था। इसमें टीएमसी के नेता की गिरफ्तारी नहीं हुई यही पर इसके साथ उनके सहयोगी अर्पिता को भी हिरासत में लिए गया था।
ये मामला 2016 का था जब वेस्ट बंगाल में लगभग 1300 से अधिक सरकारी और गैर सरकारी शिक्षकों की भर्ती का था। हालाँकि पार्थ चटर्जी ने पहले आरोपों को स्वीकार नहीं किया था पर उनकी सहयोगी अर्पिता के घर जब छापे मारे गए तब ED को लगभग 27 करोड़ नगदी और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त हुए थे। भारत के राजनीतिक गलियारे में इस घटना ने भी काफी सुर्खियां बटोरी।
25 जुलाई 2022 को बनी द्रोपती मुर्मू भारत की दूसरी महिला राष्ट्रपति :-
25 जुलाई 2022 में द्रोपती मुर्मू ने भारत के 15 वे और दूसरी महिला राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की थी। द्रोपती मुर्मू के सामने उमीदवार यशवंत सिन्हा थे जिन्हे हार का समना करना पड़ा था। इस राष्ट्रपति चुनाव में द्रोपती मुर्मू को कुल 676,803 इलेक्टोरल वोट और उनके प्रतिद्वंधी यशवंत सिन्हा को कुल 380,177 इलेक्टोरल वोट हासिल किये थे।

अगस्त 2022 में नितीश कुमार ने दिया इस्तीफा और दुबारा की सीएम पद की शपथ ग्रहण :-
अगस्त 2022 भारत का बिहार राज्य भी राजनीतिक फेर बदल वाला रहा जब नितीश कुमार ने N.D.A छोड़ने का फैसला लिया था और बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। 9 अगस्त 2022 को इस्तीफा देने के बाद 10 अगस्त 2022 में नितीश कुमार ने इंडियन नेशनल कांग्रेस के समर्थन से फिर दुबारा शपथ ग्रहण की थी। दो दिन में दो बार शपथ करने वाले नितीश कुमार बिहार के एकलौते मुख्यमंत्री हैं।
अगस्त 2022 भारत का बिहार राज्य भी राजनीतिक फेर बदल वाला रहा जब नितीश कुमार ने N.D.A छोड़ने का फैसला लिया था और बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। 9 अगस्त 2022 को इस्तीफा देने के बाद 10 अगस्त 2022 में नितीश कुमार ने इंडियन नेशनल कांग्रेस के समर्थन से फिर दुबारा शपथ ग्रहण की थी। दो दिन में दो बार शपथ करने वाले नितीश कुमार बिहार के एकलौते मुख्यमंत्री हैं।
27 अगस्त 2022 में उदय उमेश ललित ने भारत के 49 वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की थी। जब दय उमेश ललित मुख्य न्यायधीश के रूपं में शपथ ग्रहण की थी तब उनकी उम्र 64 वर्ष की थी। जानकारी के लिए बता दें कि उन्होंने सीधे अधिवक्ता के पद से भारत के सुप्रीम कोर्ट के जज की शपत ग्रहण की थी। उदय उमेश ललित को भारत नव नियुक्त राष्ट्रपति ने शपथ ग्रहण करवाई थी।
भारत द्वारा पहले स्वदेशी निर्मित युद्ध पोत विक्रांत कमीशन :--
सितम्बर 2022 के शुरू होते ही भारत के लिए सबसे गौरव की बात यह थी कि इस महीने में भारत ने भारत में निर्मित पहले विमान वाहक जहाज का कमीशन किया था। इस जहाज का नाम विक्रांत है और विक्रांत का नाम संस्कृत भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ साहसी होता है।
भारत में सितंबर महीने का राजनीतिक घटनाक्रम :-
भारत द्वारा पहले स्वदेशी निर्मित युद्ध पोत विक्रांत कमीशन :--
सितम्बर 2022 के शुरू होते ही भारत के लिए सबसे गौरव की बात यह थी कि इस महीने में भारत ने भारत में निर्मित पहले विमान वाहक जहाज का कमीशन किया था। इस जहाज का नाम विक्रांत है और विक्रांत का नाम संस्कृत भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ साहसी होता है।
जानकारी के लिए बता दें इस जहाज का निर्माण होना 2009 में शुरू हुआ था पर 29 दिसम्बर 2011 में तैयार होकर यह पहली बार तेरा था। 2 सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोच्चि में भारत के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट लिफ्टर आईएनएस विक्रांत को कमीशन किया था।
सितम्बर में इंडियन नेशनल कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी द्वारा "भारत जोड़ो यात्रा" का आरम्भ :-
भारत में 2022 की राजनीति जगत से जुडी सबसे बड़ी जानकारी यह है की कांग्रेस पार्टी के नेता ने राहुल गाँधी ने भारत के दक्षिण राज्य से भारत जोड़ो यात्रा का आरंभ किया था। राहुल गाँधी ने यह यात्रा 7 सितम्बर से शुरू की थी और इस भारत जोड़ो यात्रा का लक्ष्य भारत में 3570 किलोमीटर का सफर तय करना है। 2022 के अंत तक साल खत्म हो गया है पर राहुल गाँधी की यह भारत जोड़ो यात्रा ख़त्म नहीं हुई है।
इसके बारे में बता दें की अभी तक यह दुरी 448 किलोमीटर तय करनी बाकी है। भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गाँधी द्वारा दक्षिण से उत्तर की और यात्रा की गई है पर पूर्व और पश्चिम के कुछ राज्य इस यात्रा से दूर हैं।


16 सितंबर 2022 :- कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 8 चीतों का आगमन :-
16 सितंबर 2022 का दिन भी भारत में सुर्खियाँ में रहा जब लगभग 70 साल विलुप्त चीतों की प्रजाति को फिर से भारत में लाने की तैयारी की गई थी। 16 सितम्बर को नामीबिया से आठ चीतों को भारत में लाने के लिए उड़ान भरी गई थी। 16 सितम्बर को इस उड़ान ने भारत में पहुँचने के लिए 16 घंटे लगाए थे।
भारत के मध्यप्रदेश राज्य के कूनों पार्क में 17 सितम्बर को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ चीतों को छोड़ा था। दिलचस्प बात ये है की इस दिन अर्थात 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन भी होता हैं।
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर छापा :-
22 सितंबर 2022 में भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 13 राज्यों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर छापा मारा और आतंकवाद में कथित संलिप्तता के लिए लगभग 106 लोगों को गिरफ्तार किया क्या था।
26 सितंबर 2022 में आर वेंकटरमणि को तीन साल के के लिए अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया गया था। आर वेंकटरमणि कार्यकाल 1 अक्तूबर 2022 से माना गया था । गौरतलब है की भारत के वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल जिनका नाम रोहतगी ने भारत सरकार का अटॉर्नी जनरल बनने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था।
26 दिसंबर 2022 में राजनीतिक और धार्मिक हलचल यह थी की पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर भारत में 26 जनवरी में पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था। आपको बता दें कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) एक भारत में रहने वाले मुसलमानों का एक राजनीतिक संगठन था। इस संगठन का उद्देश्य भारत में हिन्दू समूह के लोगो के साथ राजनीतिक लड़ाई लड़ना था।
26 दिसंबर 2022 में राजनीतिक और धार्मिक हलचल यह थी की पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर भारत में 26 जनवरी में पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था। आपको बता दें कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) एक भारत में रहने वाले मुसलमानों का एक राजनीतिक संगठन था। इस संगठन का उद्देश्य भारत में हिन्दू समूह के लोगो के साथ राजनीतिक लड़ाई लड़ना था।
29 सितंबर 2022 में लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान को नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में नियुक्त किया गया था। और इसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने इस नियम की घोषणा की थी कि सभी महिलाएं प्रारंभिक गर्भावस्था के बाद 24 सप्ताह तक महिलाओं की पसंद के अनुसार गर्भपात की हकदार हैं।
अक्टूबर 2022 में घटित भारत की प्रमुख घटनाएं :-
अक्टूबर 2022 में घटित भारत की प्रमुख घटनाएं :-
हालाँकि सोनिया गाँधी के पुत्र राहुल गाँधी ने सितम्बर में भारत जोड़ो यात्रा का आरंभ किया था पर इस यात्रा में सोनिया गाँधी का प्रवेश 6 अक्टूबर 2022 में हुआ था। सोनिया गाँधी भारत के कर्नाटका राज्य के मांड्या जिले के पाण्डवपुरा नामक स्थान से सोनिया गाँधी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुई थी।
11 अक्टूबर को भारत के मुख्य न्यायाधीश उदय ललित ने नवंबर में अपनी सेवानिवृत्ति से पहले डॉ० न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ को अपने उत्तराधिकारी के रूप में नामित करने का फैसला लिया था। डॉ० न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ भारत के सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्याय धीश हैं।
17 अक्टूबर में एक राजनैतिक बदलाव और हुआ था जब अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के लिए चुनाव संपन्न किये गए थे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कर्नाटक के बेल्लारी से वोट किया।
19 अक्टूबर 2022 में इंडियन नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए बहुत बड़ा बदलाव हुआ था जब इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे को अध्यक्ष पद के लिए चुना गया था। इस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए दो उमीदवार थे और शशि थरूर इस चुनाव में हार गए थे और 24 साल के बाद कांगेस पार्टी का कोई गैर गाँधी अध्यक्ष बना था।
नवंबर 2022 में हुए भारत में राजनीतिक बदलाव :-
6 नवंबर 2022 में भव्य बिश्नोई उपचुनाव में आदमपुर, हरियाणा विधानसभा क्षेत्र के लिए हरियाणा विधान सभा के लिए चुने गए थे।
11 नवंबर 2022 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक आदेश जारी किया था की पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के 6 दोषियों को जेल से रिहा कर दिया जाये। आपको णता दें कि 21 मई 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या एक आतंकवादी संगठन द्वारा की गई थी और उसके आरोप में 6 हत्यारों नलिनी, रविचंद्रन, मुरुगन, संथन, जयकुमार, और रॉबर्ट पॉयस को गिरफ्तार किया गया था। लगभग 311 साल बाद इन दोषियों को जेल से रिहा किया गया था।
12 नवंबर 2022 में हिमाचल प्रदेश में 68 सीटों के लिए विधान सभा चुनाव करवाया गया था।
11 अक्टूबर को भारत के मुख्य न्यायाधीश उदय ललित ने नवंबर में अपनी सेवानिवृत्ति से पहले डॉ० न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ को अपने उत्तराधिकारी के रूप में नामित करने का फैसला लिया था। डॉ० न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ भारत के सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्याय धीश हैं।
17 अक्टूबर में एक राजनैतिक बदलाव और हुआ था जब अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के लिए चुनाव संपन्न किये गए थे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कर्नाटक के बेल्लारी से वोट किया।
19 अक्टूबर 2022 में इंडियन नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए बहुत बड़ा बदलाव हुआ था जब इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे को अध्यक्ष पद के लिए चुना गया था। इस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए दो उमीदवार थे और शशि थरूर इस चुनाव में हार गए थे और 24 साल के बाद कांगेस पार्टी का कोई गैर गाँधी अध्यक्ष बना था।
नवंबर 2022 में हुए भारत में राजनीतिक बदलाव :-
6 नवंबर 2022 में भव्य बिश्नोई उपचुनाव में आदमपुर, हरियाणा विधानसभा क्षेत्र के लिए हरियाणा विधान सभा के लिए चुने गए थे।
11 नवंबर 2022 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक आदेश जारी किया था की पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के 6 दोषियों को जेल से रिहा कर दिया जाये। आपको णता दें कि 21 मई 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या एक आतंकवादी संगठन द्वारा की गई थी और उसके आरोप में 6 हत्यारों नलिनी, रविचंद्रन, मुरुगन, संथन, जयकुमार, और रॉबर्ट पॉयस को गिरफ्तार किया गया था। लगभग 311 साल बाद इन दोषियों को जेल से रिहा किया गया था।
12 नवंबर 2022 में हिमाचल प्रदेश में 68 सीटों के लिए विधान सभा चुनाव करवाया गया था।
18 नवंबर 2022 में "नो मनी फॉर टेरर" का सम्मेलन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिल्ली किया गया था। आपको बता दें की इससे पहले दो बार "नो मनी फॉर टेरर" के सम्मलेन हो चुके हैं 2018 और 2019 में। "नो मनी फॉर टेरर" कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद को रोकने के लिए किसी भी वित्तीय सहायता को रोकना है। "नो मनी फॉर टेरर" का पहला सम्मेलन फ़्रांस में हुआ था।
दिसंबर 2022 का भारत में राजनीतिक घटना क्रम :-
भारत के पश्चमी राज्य गुजरात में 1 दिसंबर 2022 को विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का एलान किया गया था। इसके बाद पांच दिसंबर को दूसरे चरण का चुनाव हुआ था। हिमाचल और गुजरात में दो राज्यों में चुनाव सम्पन होने के बाद दोनों राज्यों के विधानसभा चुनाव की मतगणना 8 दिसंबर 2022 में की गई थी।
मतगगना के बाद गुजरात ने भारतीय जनता पार्टी ने अपना प्रभुत्व कायम रखते हुए 182 में से कुल 156 सीटें जीतकर रिकॉर्ड तोड़ जीत हासिल की थी। और दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की वापसी नहीं हो सकी और कांग्रेस पार्टी ने 68 विधानसभा सीटों में से 40 सीटें जीत कर बहुमत हासिल किया था और हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू बने हैं।












