राजनाथ सिंह : बायोग्राफी,इतिहास, जन्म, परिवार, एजुकेशन, नेटवर्थ, राजनीतिक सफर, प्राप्तियां
अगर वर्तमान राजीनीति की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी ने नरेंद्र मोदी के दूसरे प्रधानमंत्री कार्यकाल में सत्ता पर विअज्य हासिल की है भारतीय जनता पार्टी में आजादी के बाद अटल बिहारी वाजपेयी, अडवाणी और शांता कुमार जैसे बड़े दिग्गज हैं पर इसके साथ राजनाथ सिंह जो 2022 में रक्षा मंत्री हैं भी भारतीय पार्टी के दिग्गज नेताओं में एक हैं। उन्होंने राजनीतिक इतिहास में भारतीय जनता पार्टी को आगे बढ़ाने में बहुत सहयोग दिया है। आइये जानते है राजनाथ सिंह के जीवन परिचय, उम्र, परिवार, शिक्षा, राजनीतिक जीवन, नेटवर्थ और राजनाथ के इतिहास के बारे में।राजनाथ सिंह का जीवन परिचय :-
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राजनाथ सिंह
कौन हैं ? |
राजनाथ सिंह एक
भारतीय राजनीतिज्ञ हैं जो भारतीय जनता पार्टी से सबंध रखते हैं और इस वक्त 2022 में भारत के रक्षा मंत्री हैं। |
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जन्म तारीख (DOB) |
10 जुलाई सन 1951 |
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जन्म स्थान
(बर्थ प्लेस) |
भाभौरा गाँव, उत्तर प्रदेश राज्य,
चंदौली जिला। |
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पूरा नाम (फुल
नेम) |
राजनाथ सिंह |
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व्यवसाय (occupation) |
भौतिक के
लेक्चरर रहे है पर बाद में राजनीति में सक्रिय हुए। |
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राजनीतिक
पार्टी का नाम (Name of Political Party) |
भारतीय जनता
पार्टी |
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राष्ट्रीयता (Nationality) |
भारतीय |
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उम्र 2022 में |
71 साल |
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नेटवर्थ |
2.51 करोड़ रुपया |
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धर्म (Religion) |
हिन्दू |
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जाति और
गोत्र (Caste) |
राजपूत एक
क्षत्रिय |
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वैवाहिक स्थिति
(Marital Status) |
विवाहित |
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राशि (Zodiac Sign) |
कर्क |
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राजनाथ की
प्रति माह सैलरी |
1. 50 लाख
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शिक्षा
(क्वालिफिकेशन) |
राजनाथ सिंह ने
अपनी प्राथमिक शिक्षा अपने गांव के एक स्थानीय स्कूल से प्राप्त की और गोरखपुर
विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी के परिणाम प्राप्त करते हुए भौतिकी में मास्टर
डिग्री हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने K.B में भौतिकी के व्याख्याता के रूप में काम किया। |
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परिवार |
पिता का नाम -
श्री रामबदन सिंह, माता का नाम - श्रीमती
गुजराती देवी, पत्नी का नाम- सावित्री
सिंह, बेटे का नाम - पंकज
सिंह और नीरज सिंह, बेटी का नाम- अनामिका
सिंह। |
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ट्विटर अकाउंट |
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फेस बुक अकाउंट
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राजनाथ सिंह का
घर |
राजनाथ सिंह का
घर दिल्ली में है।
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राजनाथ सिंह का राजनीतिक इतिहास :-
बचपन और प्रारंभिक जीवन जीवन :-
राजनाथ सिंह का बचपन पैतृक गांव गुजरा था बचपन से वे राष्टवादी विचारधारा के थे और मात्र 13 साल की उम्र में उन्होंने हिन्दू राष्ट्रवादी संगठन राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ को ज्वाइन किया था। इस सगठन से जुड़ने के बाद उन्होंने 1964 में राष्ट्रीय स्वं सेवक संघ की शाखा में भाग लेना शुरु किया। इस संस्था के साथ जुड़ने के बाद वे बचपन से पढाई लिखाई में भी अव्वल थे। 1964 से 1972 तक R;S;S के साथ जुड़ने के बाद उन्हें 1972 में R.S.S का महसचिव बना दिया गया और उन्होंने मिर्जापुर से महासचिव का कारभार संभाला।
इसी कार्यकाल में उनका विद्यार्थी राजनीति में आगमन हुआ और वे 1969 से लेकर 1971 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठनात्मक सचिव भी रहे। ठीक दो साल अर्थात 1974 में वे प्रत्यक्ष रूप से राजनीति में प्रवेश कर गए और उन्हें भातीय जनता पार्टी द्वारा मिर्जापुर का सचिव नियुक्त किया गया। 24 वर्ष की बचपन की आयु में उन्होंने राजनीति में एक नाम कमा लिया था।
राजनाथ सिंह आपातकाल समय गिरफतार होना :-
बचपन से R.S.S से जुड़े रहने के कारण वे एक हिन्दू राष्टवादी विचार धारा से पहले से प्रेरित थे उन्होंने 1970 के दशक में जयप्रकाश नारायण के साथ अंदोलन में भाग लिया और उसके बाद उनके लिए कार्य किया। जब भारत में इंदिरा गाँधी के समय आपातकाल लगाया गया था तब 1975 में उन्हें अन्य नेताओं के साथ गिरफ्तार क्र लिया गया और उन्होंने लगभग इस आपातकाल में दो साल तक जेल में बिताये थे। दो साल जेल में रहने के बाद वे फिर से राजनीति में सक्रिय हो गए।
भारतीय जनता पार्टी में शामिल होना :-
दो साल बाद जेल से रिहा होने के बाद राजनाथ सिंह जनता पार्टी में प्रयक्ष रूप से शामिल हो गए उन्होंने अपना पहला चुनाव उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर विधानसभा क्षेत्र से लड़ा था जब वे जयप्रकाश नारायण की पार्टी में जनता पार्टी के उमीदवार बने थे। अपने पहल विधानसभा चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की उत्तर प्रदेश की राजनीति में पहली बार विधानसभा में आये।राजनाथ सिंह का उत्तर प्रदेश की राजनीति में योगदान :-
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री :- राजनाथ सिंह सन 2000 में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बने थे इस समय उनकी राजनितिक छवि इतनी आगे बढ़ गई थी की उन्होंने दो बाद विधानसभा इलेक्शन जीते थे। राजनाथ सिंह जब उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बने थे तब वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजेपयी के बहुत नजदीक थे जो हर फैसला सोच समझ क्र किया करते थे। उनके मुख्यमंत्री बनने का मुख्य कारण था कि दिग्गज नेता भेरो सिंह शेखावत भी उनके पक्ष में थे। उस वक्त राजनीति में कल्याण सिंह और लाला कृष्ण अडवाणी जैसे नेता कट्टर नेता थे पर इसके विपरीत राजनाथ सिंह एक कोमल और मृदु भाषा के संचालक थे।
राजनाथ सिंह का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा :- 2002 में राजनाथ सिंह को अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा इसके पीछे उनके पाने निजी कारण नहीं थे पर इसके राजनीतिक कारण थे ,भारतीय जनता पार्टी बहुमत में नहीं रह गई थी और उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए और मायावती प्रदेश की मुख्यमंत्री चुने गई थी।
राजनाथ सिंह की राष्ट्रीय राजनीति :-
राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश राजनीति के साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी आगे रहे हैं उनका राजनीतिक इतिहास बता है कि वे राष्ट्रीय राजनीति में उन्हें केन्दीय खेतीबाड़ी मंत्री और रक्षा मंत्रालय तक दिया गया है।खेतीबाड़ी मंत्री के रूप में :- जब 199९ में N.D.A के सरकार बनी थी तब बिहारी वाजपयी बात का सामना करना पड़ा था वह था खेतीबाड़ी में विकास और इस समस्या से निपटने के लिए अटल जी ने उस वक्त राजनाथ सिंह को केंद्रीय खेतीबाड़ी मंत्री बनाया था।
राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री के रूप में :- 2014 भारतीय जनता पार्टी ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में बड़ी जीत हासिल की थी और उसके बाद राजनाथ सिंह को 13 मई 2019 में भारत के रक्षा मंत्री बने थे।
- 1992 में शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने पहल की और एंटी कॉपी एक्ट पास करवाया।
- जब वे 1998 में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष थे, तब लोकसभा में 58 सीटों और 2 सहयोगियों को हासिल करने में बीजेपी का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
- जैसा कि भूतल परिवहन मंत्री ने श्री. अटल बिहारी बाजपेयी का सपना परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (एनएचडीपी) जिसमें स्वर्णिम चतुर्भुज और उत्तर दक्षिण पूर्व पश्चिम गलियारा शामिल था।
- भूतल परिवहन मंत्री के रूप में उन्होंने 2000 में भारत राज्य II (बीएस II) के रूप में यूरो II के उत्सर्जन मानक का नाम बदल दिया है जो अब देश के सभी वाहनों में बीएस -3, बीएस -4 आदि के रूप में उपयोग किया जाता है।
- कृषि मंत्री के रूप में उन्होंने पहल की और कृषि ऋण पर ब्याज दर को 14% -18% से घटाकर उचित 8% कर दिया, उन्होंने किसान आयोग और आरंभिक कृषि आय बीमा योजना भी स्थापित की है।
- उन्होंने किसान आयोग की स्थापना की और फार्म आय बीमा योजना शुरू की।
- सीएम यूपी के रूप में उन्होंने सरकार में आरक्षण संरचना को युक्तिसंगत बनाने की कोशिश की। ओबीसी और एससी के बीच सबसे पिछड़े वर्गों को शुरू करके नौकरियां, ताकि आरक्षण का लाभ समाज की निम्नतम स्थिति तक पहुंच सके।
- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा द्वारा संचालित राज्यों को किसानों को 1% पर ऋण देना चाहिए और इसे लागू करना चाहिए।
- भाजपा के अध्यक्ष के रूप में, उन्हें पहली भाजपा सरकार प्राप्त करने का श्रेय मिला। दक्षिण भारत में, और इतिहास में पहली बार भाजपा और उसके सहयोगी दहाई अंक यानी दस 10 अंकों से अधिक में सत्ता में थे।
- उनकी अध्यक्षता के दौरान भाजपा पार्टी संगठन संरचना में महिलाओं को 33% पद देने वाली पहली राजनीतिक पार्टी (शायद दुनिया में पहली) बन गई।
- अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने बूथ स्तर की समितियां बनाकर पार्टी को बूथ स्तर तक पहुंचाया है।
- अक्टूबर 2010 में भारत के सांसद के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलते हुए वे श्री ए.बी. बाजपेयी हिंदी में अपना भाषण देते हैं।
उत्तर :- वे Physics के लेक्चरर के रूप में कार्यरत थे।
उत्तर :- अनामिका सिंह
उत्तर :- राजनाथ सिंह के दो बेटे और एक बेटी है जिनका नाम पंकज सिंह, नीरज सिंह और अनामिका और अनामिका सिंह है।
उत्तर :- वे 13 साल की उम्र में R.S.S के स्वयं सेवक बने थे सन 1964 में।
उत्तर :- राजनाथ सिंह 1969 में विद्यार्थी राजनीति में, 1974 में राज्य स्तरीय राजनीति और 1994 में राष्ट्रीय राजनीति में आये थे।
उत्तर :- राजनाथ सिंह ने पहला चुनाव विधानसभा चुनाव लड़ा था जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से लड़ा गया था।
उत्तर :- राजनाथ सिंह भारतीय जनता पार्टी के महासचिव 1986 बने थे।
उत्तर : - वे भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष 1988 बने थे। (राज्य स्तरीय)
उत्तर :- राजनाथ सिंह ने पहला लोकसभा चुनाव 1998 में जीता था।
उत्तर :- वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री 28 अक्टूबर 2000 में बने थे।
उत्तर :- राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री 28 अक्तूबर 2000 से लेकर 7 मार्च 2002 तक एक साल और 131 दिन तक कार्यरत रहे।
उत्तर :- जब भारतीय जनता पार्टी ने 2014 में आम लोकसभा चुनावों में बहुमत हासिल किया उसके बाद 26 मई 2014 में राजनाथ सिंह भारत को केन्दीय गृह मंत्री बनाया गया था। वे भारत के गृह मंत्री 2014 से लेकर 2019 तक रहे।
उत्तर :- राजनाथ सिंह भारत के केंद्रीय रक्षा मंत्री 31 मई 2019 में बने थे।
